Old Testament
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न्यायियों 10:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अम्मोनी यहूदा और बिन्यामीन से और एप्रैम के घराने से लड़ने को यरदन पार जाते थे, यहाँ तक कि इस्राएल बड़े संकट में पड़ गया।
न्यायियों 10:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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न्यायियों 10:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 28:65 (HINIRV) »
और उन जातियों में तू कभी चैन न पाएगा, और न तेरे पाँव को ठिकाना मिलेगा; क्योंकि वहाँ यहोवा ऐसा करेगा कि तेरा हृदय काँपता रहेगा, और तेरी आँखें धुँधली पड़ जाएँगी, और तेरा मन व्याकुल रहेगा;

न्यायियों 6:3 (HINIRV) »
और जब-जब इस्राएली बीज बोते तब-तब मिद्यानी और अमालेकी और पूर्वी लोग उनके विरुद्ध चढ़ाई करके

न्यायियों 3:12 (HINIRV) »
तब इस्राएलियों ने फिर यहोवा की दृष्टि में बुरा किया; और यहोवा ने मोआब के राजा एग्लोन को इस्राएल पर प्रबल किया, क्योंकि उन्होंने यहोवा की दृष्टि में बुरा किया था।
न्यायियों 10:9 का प्रमुख व्याख्यात्मक बिंदु
यहVerse यह संकेत करता है कि इस्राएल कितने बड़े संकट में पड़ गया था जब अम्मोनी, यहूदा, बिन्यामीन, और एप्रैम के घराने एक साथ मिलकर युद्ध के लिए यरदन पार कर गए। यह सामूहिक आक्रमण इस बात का द्योतक है कि आत्मीय सामंजस्य की कमी और देश के आंतरिक विरोधियों के बढ़ते दबाव से राष्ट्र सम्मिलित संकट में आ जाता है।
साहित्यिक संदर्भ ( साहित्यिक परिवेश )
न्यायियों की किताब में न्यायप्रियता के पतन के समय का चित्रण मिलता है। यह घड़ी तब आई जब इस्राएल के ठोस नेतृत्व का अभाव था और लोग भटके हुए परमेश्वर के मार्ग से दूर हो गए थे। इस verse में चार प्रमुख समूह दिखते हैं—अम्मोनी, यहूदा, बिन्यामीन और एप्रैम के घराने—जो समाज में विभाजन और आंतरिक कलह का प्रतीक हैं। यह एक साथ मिलकर बाह्य संकट के सामने खड़े होते हैं, परन्तु यह संयोग राज्य के लिए नहीं, बल्कि आत्मिक पिछड़ेपन के परिणाम स्वरूप है।
धार्मिक-तत्व और theological संकेत
पवित्रशास्त्र में अन्य प्रकरणों से जोड़ियाँ
यह स्थिति उस समय से मिलती-जुलती है जब इस्राएल आस्था-निष्ठा के कमजोर पड़ने पर विरोधियों से घिरता है (उद्धार, भरोसे की कमी, और स्मरण-उद्धार की कमी के प्रसंगों के साथ)।
संदर्भ 1: एकात्मता और परमेश्वर के प्रति निष्ठा की कमी के कारण सुरक्षा का अभाव।
संदर्भ 2: नेतृत्व के अभाव में न सिर्फ बाह्य दुश्मन, बल्कि आंतरिक इकरार-जोखिम बढ़ता है।
संदर्भ 3: प्रायः न्याय और धर्म के ठहराव के साथ आत्म-समझ और पश्चाताप का अभाव टूट-फूट का कारण बनता है।
विचार-प्रेरणा के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
न्यायियों 10:9 यह स्मरण दिलाता है कि बाहरी खतरे कितने भी गम्भीर हों, समस्या का मूल कारण अक्सर आंतरिक टकराव, अविश्वास और परमेश्वर के प्रति पलायन है। यदि हम एकत्व, विश्वास और अनुराग के साथ लौटें, तब परमेश्वर भी अपनी कृपा से सहायता भेजते हैं।
याद रखने योग्य उद्धरण (पुष्टि-आधारित)
एह जाने योग्य अन्य पाठों के साथ संलग्नता के लिए नीचे के पंक्तियाँ उद्धृत की जा सकती हैं:
“यशः-घनिष्ठता में अन्तरिक टूट-फूट रोकना—आत्मिक पश्चाताप को पुनर्जीवित करना परमेश्वर तक पहुँच बनाता है।”
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त व्याख्या)
1) न्यायियों 9:7-15 — एकता और नेतृत्व की कमी से आने वाले खतरे का चित्र; 2) सभोपदेशक 4:12 — “दो व्यक्ति के सहारे की सुरक्षा” का महत्व; 3) मिस्र 14:13-14 — परमेश्वर पर विश्वास बनाकर भय-निर्मूल करना।