Old Testament
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न्यायियों 10:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तो भी तुम ने मुझे त्याग कर पराये देवताओं की उपासना की है; इसलिए मैं फिर तुम को न छुड़ाऊँगा।
न्यायियों 10:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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न्यायियों 10:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यिर्मयाह 2:13 (HINIRV) »
क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयाँ की हैं*: उन्होंने मुझ जीवन के जल के सोते को त्याग दिया है, और, उन्होंने हौद बना लिए, वरन् ऐसे हौद जो टूट गए हैं, और जिनमें जल नहीं रह सकता। (यिर्म. 17:13)

न्यायियों 2:12 (HINIRV) »
वे अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा को, जो उन्हें मिस्र देश से निकाल लाया था, त्याग कर पराये देवताओं की उपासना करने लगे, और उन्हें दण्डवत् किया; और यहोवा को रिस दिलाई*।

1 इतिहास 28:9 (HINIRV) »
“हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जाँचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझको मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझको छोड़ देगा।
Reader-friendly overview
न्यायियों के पुस्तक में इस कड़ी का संदेश बार-बार स्मरण दिलाता है कि परमेश्वर की वैधतापूर्ण प्रेरणा से भटकना कैसे एक राष्ट्र को दण्ड और संकट की ओर ले जाता है। न्यायियों 10:13 में परमेश्वर स्पष्ट करते हैं कि त्याग और अजनबी देवताओं की उपासना के कारण वह अपने चुने हुए लोगों को छुड़ाने से पीछे हटते हैं। यह वचन हमें अपने जीवन के नैतिक विमर्श में स्पष्टता और चेतावनी देता है: भीतर की भक्ति का uncompromising पालन ही बाहरी सुरक्षा और शांति का आधार है।
verse discussion in its chapter
पद: 10:13 — “तो भी तुम ने मुझे त्याग कर पराये देवताओं की उपासना की है; इसलिए मैं फिर तुम को न छुड़ाऊँगा।” यह वचन न्यायियों के उस दौर कीRepeated अस्थिरता के बीच आता है जब इस्राएल के लोग बार बार अपने परमेश्वर को छोड़कर अस्थिरताओं में पड़ते रहे। परमेश्वर का आरोप स्पष्ट है: न केवल idol-worship है, बल्कि यह शाश्वत संबंध का टूटना है। इसका परिणाम, निश्चय ही, रक्षा और उद्धार के अवसरों से वंचित होना है।
main spiritual lesson
मुख्य शिक्षा यह है कि धर्मिक चिह्नों के साथ-साथ दिल की स्थिर भक्ति आवश्यक है। परमेश्वर एक निष्ठावान पति की तरह है; यदि वह प्रजाति त्याग, भय और अन्य देवताओं की उपासना में उलझ जाए, तो उसकी कृपा और रक्षा सर्वोच्च नैतिक और आध्यात्मिक नीति से पीछे हट जाती है। यह अध्याय यह सीख देता है कि पथभ्रष्टि केवल टूटे रिश्तों का परिणाम नहीं, बल्कि परमेश्वर के साथ पुनर्संबंध की निरंतरता की कड़ी परीक्षा है।
cross-references and connections
हर cross-reference यह दिखाती है कि परमेश्वर की चॉइस और निर्भरता हमेशा आचरण और भक्ति के समरूप हों, तभी सद्भाव सुरक्षित रहता है।
how this applies today
व्यक्ति और समुदाय के लिए शिक्षा यह है: ईश्वर के साथ स्थिरता केवल धार्मिक नियंत्रण नहीं, बल्कि अंतरमन की एकता है। जीवन के प्राथमिक क्षेत्रों—व्यक्ति-संबंध, करियर, समाजिक उद्धार—में आलोकित मार्ग वही है जो परमेश्वर के निर्देशों से जाता है। जब हम किसी सांसारिक लाभ के लिये परमेश्वर को पीछे छोड़ते हैं, तो भीतरी सुरक्षा और आशीर्वाद घटते जाते हैं।
brief synthesis: integrated takeaway
न्यायियों 10:13 एक स्पष्ट चेतावनी है कि परमेश्वर के साथ दृढ़ भक्ति का अभाव तब तक खतरे में रहता है जब तक आत्मा पूर्णतः समर्पित न हो। यह पाठ सीधे यह कहता है कि त्याग और पराए देवताओं की उपासना से उद्धार संभव नहीं—परमेश्वर की सहायता तब ही आती है जब दिल उसकी निष्ठा में बद्ध हो।
short quotes from classical commentators
मथ्यू मिहिं, अलबर्ट बर्न्स और एडम क्लार्क में से कुछ संक्षिप्त विचार इस पद के साथ संगत हैं: “यदि आप परमेश्वर के विरुद्ध रहते हैं, तो उद्धार का पहरा निष्क्रिय रहता है।” (सार तत्व)
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