Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 4:1 लूका 4:2 लूका 4:3 लूका 4:4 लूका 4:5 लूका 4:6 लूका 4:7 लूका 4:8 लूका 4:9 लूका 4:10 लूका 4:11 लूका 4:12 लूका 4:13 लूका 4:14 लूका 4:15 लूका 4:16 लूका 4:17 लूका 4:18 लूका 4:19 लूका 4:20 लूका 4:21 लूका 4:22 लूका 4:23 लूका 4:24 लूका 4:25 लूका 4:26 लूका 4:27 लूका 4:28 लूका 4:29 लूका 4:30 लूका 4:31 लूका 4:32 लूका 4:33 लूका 4:34 लूका 4:35 लूका 4:36 लूका 4:37 लूका 4:38 लूका 4:39 लूका 4:40 लूका 4:41 लूका 4:42 लूका 4:43 लूका 4:44



पद का संक्षिप्त परिचय
लूका 4:21 वह क्षण है जिसमें यीशु अपनी जमीन-चाहे रूद्र-आँखों के बीच, नगर-समुदाय के लोग एकत्रित करते हैं, अपने कल-पुर्जों का एक प्रमुख उद्घोषणा के साथ प्रस्तुत होते हैं। इसVerse में यीशु कहते हैं कि “आज ही यह लेख तुम्हारे सामने पूरा हुआ है।” यह एक ठोस दावा है—यहूदियों की खोज में पूर्ण-निर्भरता और उद्धारकर्ता की भूमिका के उद्घाटन के तौर पर। यह कथन उसकी पारिश्रमिक-यात्रा के राम-स्वरूप को संकेत करता है और पाठकों से एक निर्णायक आह्वान करता है: लाभ कौन प्राप्त करेगा और कैसे?
पाठ-आयाम का तात्पर्य
यह वाक्य लूका-चौथी अध्याय में Jesus के शुरूआती प्रचार-कार्य का एक भाग है, जहाँ वह नबी-उद्धार के अद्भुत संदेश को साझा करते हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि उद्धार मोक्ष की योजना उनके आगमन से अब शुरू हो चुकी है। यह “आज” का समय, घटनाओं के ताजा और जीवंत होने का संकेत देता है—ख़ासकर तब जब लोग यह लेख अपने हाथों में खोलकर पढ़ते हैं और उसे अपने जीवन पर लागू करना शुरू करते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
यह कथन तीन प्रमुख बिंदुओं को जन्म देता है:
अनुसार तुलनात्मक संदर्भ
— मत्ती 11:28-30 में यीशु उद्धार-योजना की सहजता और आशीष का निमंत्रण देते हैं, जो बताता है कि प्रभु का उपदेश आज ही प्रभावी है जब हृदय उसकी ओर खुलता है।
— मरकुस 1:15 में उद्धार की घोषणा का स्वरूप एक मोड़ बनकर आता है—“समय पूरा हुआ” और “ईश्वर का राज करीब है।”
— यूहन्ना 4:34 में यीशु कहेंगे कि “मेरे खाने” वह कार्य है जो पिता की इच्छा पूरी करे—यह तथ्य उससे जुड़ा है कि समय-निर्णय मानव जीवन के लिए क्रिया-प्रेरक है।
व्यावहारिक आवेदन
आज के पाठक के लिए यह संदेश कैसे प्रकट होता है? विश्वास की सरलता, यीशु के संदेश पर भरोसा और दिनचर्या में उसकी राज-नागर की स्थापना—ये तीनों एक साथ चलें। अपने दिल और सोच को उस उद्घोषणा के अनुरूप ढालिए जो आज आपके सामने सामने है: उद्धार का मार्ग सचमुच खुला है, और आप इसे अपने जीवन में कैसे स्वीकारते हैं, यह प्रथम कदम है।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेपित परिचय)
1) मत्ती 13:16-17—उद्धार पर दृष्टि: शिक्षण से स्पष्ट होता है कि देखना और समझना एक साथ आता है, जब आत्मा की रोशनी मिले।
2) रोम 10:9-10—स्वीकारना और उनका नाम लेना: विश्वास की मौलिक प्रतिक्रिया, मृत्यु और जीवन के बीच के पुल का निर्माण करती है।
3) II कुरिंथ 6:2—आज का दिन: प्रभु की कृपा अभी है, समय अनुकूल है।
संक्षेप-निष्कर्ष
यह वाक्य यीशु के आगमन के वास्तविक समय को उद्घोषित करता है—आज ही, यह लेख तुम्हारे सामने पूरा हुआ है। इसका अर्थ है कि उद्धार का संदेश अब नये सिरे से निश्चित और जीवित है, और प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक निर्णायक अवसर है कि वह उसे अपनाए। यह प्रेरणा, स्पष्टता और आह्वान एक साथ मिलकर विश्वास को व्यवहार में बदलने के लिए कहता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण स्रोतों से संकेतित विचारधारा: “आज ही यह लेख तुम्हारे सामने पूरा हुआ है।” (लूका 4:21) — ईश्वर के राज्य की उभरती वास्तविकता दर्शाती है कि योजना पूरी रूप से क्रियाशील हो चुकी है, और humaines को एक सचेत कदम उठाने के लिए आमंत्रित करती है।