लूका 4:39 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसने उसके निकट खड़े होकर ज्वर को डाँटा और ज्वर उतर गया और वह तुरन्त उठकर उनकी सेवा-टहल करने लगी।

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लूका 4:39 पद-दर-पद बाइबल टीका

लूका 4:39 — निकट खड़े होकर ज्वर को डाँटना

निर्दिष्ट पाठ के संदर्भ में जब यीशु नगर में धर्म-प्रचार कर रहे थे, तब उनकी आवाज़ और इच्छा पांचों दिशाओं में फैलती गई। इस आयत में यह दर्शाया गया है कि किस प्रकार Jesus के शब्द और अधिकार से बीमारी भी विवश होकर रुक जाती है। ज्वर से ग्रस्त एक व्यक्ति का दिन-प्रतिदिन का जीवन प्रभु की उपस्थिति के कारण समर्थ बन गया।

बत्तीसी का तात्पर्य: ईश्वर की कृपा और विश्वास

यह पाठ दिखाता है कि ईश्वर का राज्य मानव जीवन में कैसे प्रवेश करता है—न केवल आत्मिक परिवर्तन, बल्कि शारीरिक बीमारियों पर भी वह प्रभाव डाल सकता है। यीशु की आज्ञा से ज्वर उतर गया, यह संकेत है कि प्रभु के पास भय और दर्द से मुक्ति का अधिकार है और रोगी के लिए प्रभु पर विश्वास ही आशा का मार्ग है।

महत्वपूर्ण शब्द और चित्र

  • — एक विकलांग शरीर की स्थिति जो तत्कालिक राहत की मांग कराती है; यहाँ यह संकेतक है कि जीवन में दया और मौलिक देखभाल की आवश्यकता है।
  • — रोग की सीमा से मुक्त होना; प्रभु के आदेश से शक्ति का अहसान।
  • — रोगी का पुनः सक्रिय जीवन, सेवा और समुदाय की सहभागिता की ओर संकेत करता है।

अनुभवजनक cross-रेफरेंसे

यद्यपि सीधे शब्द उद्धृत नहीं किया गया है, पर इस घटना से मिलते-जुलते प्रमाण बोध कराते हैं कि:

  • मरकुशी 1:34 में यीशु बीमारों को छुकर उनके रोग दूर करते हैं—विश्वास के कारण चिकित्सा की उपलब्धि का संकेत।
  • मत्ती 14:14-15 में उसने इच्छित लोगों की भीड़ के लिए दया दिखाई—आस्था के कारण जीवन के हर क्षेत्र में सेवा का प्रवाह।
  • यूहन्ना 5:24 में जीवन-परिवर्तन की वास्तविकता—प्रभु के वचन से आत्मा और शरीर दोनों जी उठते हैं।

पठित पाठ से क्या सीखने को मिलता है

1) प्रभु का अधिकार और दया—यीशु ज्वर को डाँटकर रोगी को शांति देते हैं; यह दिखाता है कि प्रभु के पास दर्द-निवारण और जीवन-निर्माण की पूर्ण शक्ति है।

2) विश्वास का प्राकृतिक प्रभाव—भीतर की आस्था बाहर के परिणामों में प्रकट होती है; रोगी तुरन्त सेवा-कार्य में लग पड़ा।

3) समुदाय के लिए समर्पण—स्वास्थ्य पुनः प्राप्ति से व्यक्ति सामाजिक जीवन में लौटता है, जो अधिकतर सेवा और समर्पण से प्रेरित होता है।

आज के संदर्भ में अनुप्रयोग

  • अपने भरोसे को प्रभु के अधिकार के नीचे रखें; संकट के समय ईश्वर की कृपा के कदम विश्वास से उठते हैं।
  • बीमारी के वक्त समुदाय की सहायता और सेवा-कार्य का महत्व बढ़ता है।
  • यात्रा के बाद भी आत्म-उद्धार और सेवा-टहल के लिए प्रेरणा बनी रहे—जीवन के हर क्षेत्र में प्रभु की दया का अनुभव करें।

उद्धृत टिप्पणीकारों से संक्षेप निष्कर्ष: मैथ्यू हेनरी और अल्बर्ट बार्न्स तथा अडाम क्लार्क का समान संदेश है—यीशु का अधिकार और दया बीमारी के बंधन तोड़ते हैं, और विश्वास के साथ व्यक्ति नयी सेवा-जीवन में प्रवेश करता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 4:39 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और दुष्टात्मा चिल्लाती और यह कहती हुई, “तू परमेश्‍वर का पुत्र है,” बहुतों में से निकल गई पर वह उन्हें डाँटता और बोलने नहीं देता था, क्योंकि वे जानती थी, कि यह मसीह है।

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यीशु ने उसे डाँटकर कहा, “चुप रह और उसमें से निकल जा!” तब दुष्टात्मा उसे बीच में पटककर बिना हानि पहुँचाए उसमें से निकल गई।

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तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा, “स्वामी! स्वामी! हम नाश हुए जाते हैं।” तब उसने उठकर आँधी को और पानी की लहरों को डाँटा और वे थम गए, और शान्त हो गया।

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