Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 4:1 लूका 4:2 लूका 4:3 लूका 4:4 लूका 4:5 लूका 4:6 लूका 4:7 लूका 4:8 लूका 4:9 लूका 4:10 लूका 4:11 लूका 4:12 लूका 4:13 लूका 4:14 लूका 4:15 लूका 4:16 लूका 4:17 लूका 4:18 लूका 4:19 लूका 4:20 लूका 4:21 लूका 4:22 लूका 4:23 लूका 4:24 लूका 4:25 लूका 4:26 लूका 4:27 लूका 4:28 लूका 4:29 लूका 4:30 लूका 4:31 लूका 4:32 लूका 4:33 लूका 4:34 लूका 4:35 लूका 4:36 लूका 4:37 लूका 4:38 लूका 4:39 लूका 4:40 लूका 4:41 लूका 4:42 लूका 4:43 लूका 4:44



लूका 4:40 पर संचयन-आधार commentary (HINIRV)
का संदर्भ: लूका 4:40 में सुनहरी आरम्भ है कि जूनून और दया से यीशु ने डूबते सूर्य के समय गाँव-गाँव में रोगियों की सुध ली। इस अधिनियम में यीशु के पवित्र कार्य का उद्घाटन साफ़ दिखता है— रोगियों की बीमारी देकर भीतरी आशा की नई रोशनी जगती है। यह पंक्ति बताती है कि समुदाय के लोगों के लिए यीशु एक सच्चा चंगा करने वाला है, जो हर बीमारी पर हाथ भिड़ाकर उनके दर्द को दूर करते हैं।
पद-वाचन का संक्षेप (वार्ता-पूर्वुअनुवाद)
जब सूर्यास्त के समय लोग बीमारियाँ लेकर आए, उसने हर एक पर हाथ रखा और वे चंगे हो गए।
मुख्य अध्याय के भीतर इसके उद्देश्य
लूका 4:40 तन-मन की निर्बलता के बीच प्रभु यीशु की करुणा के पुख्ता प्रमाण देता है। यहाँ प्रभु का हाथ-बढ़ना रोगियों के प्रति एक जीवंत संकेत है कि उनके राज्य की शुरुआत कैसे होती है—जो लोग शारीरिक पीड़ा में हैं, वे भी यीशु के प्रकाश और उपचार से लाभ पाते हैं। यह अध्याय-उद्धृत करता है कि उद्धार और चंगा करना एक साथ चलते हैं; यीशु अपनी सत्ता से बीमारी को रोकते हैं, न केवल उसे हटाते हैं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास का मार्ग भी बनाते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ (मुख्य सीख)
यथार्थ धर्म-चंगा वह है जो व्यक्ति के पूरे जीवन पर असर डालता है—शारीरिक, आध्यात्मिक और सामाजिक। इस पद से सीख मिलती है कि प्रभु के पास आना, विश्वास के साथ हाथ रखना और उसे चंगा होते देखना—the unseen power of God in action—एक नया जीवन देता है। यह भी संकेत है कि Jesus का चंगा होना केवल शारीरिक ठीक होना नहीं, बल्कि टूटे हुए समुदायों की असह्य पीड़ा को समझना और उसे भरना है।
अन्य पवित्र ग्रंथों से तुलनात्मक दृष्टि
संयोजन: यीशु की चंगा करने की क्रिया उनके राज्य के नमूने को दिखाती है—जहाँ प्रेम और शक्ति एक साथ काम करते हैं।
उचित अनुप्रयोग
आज के विश्वासियों के लिए यह संदेश तीन बातों को मजबूत करता है: - विश्वास के साथ Jesus के पास आना—चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। - दूसरों के दर्द से सहानुभूति रखना और अपनी सुविधा से आगे बढ़कर सहायता प्रस्तुत करना। - ईश्वर के चंगाइ की उम्मीद को बनाए रखना, भले ही तत्काल परिणाम तुरंत दिख न रहे।
क्रॉस-रेफरेंसेज़ और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
1) मMatthew Henry और Adam Clarke के विचार: वे बताते हैं कि यीशु का रोगी-चंगा करना उसकी प्राकृत दया का परिचय है और यह विश्वास की स्थिति में एक नया जीवन-सिग्नल बनता है।
2) Albert Barnes का नज़रिया: यहाँ चंगा होना व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मिक परिवर्तन का संकेत है; यीशु का हाथ—आशीर्वाद और उन्नति का स्वागत है।
3) एक नया पाठ: इस अध्याय का उद्देश्य यह दिखाना है कि यीशु का संसार में आना शारीरिक पीड़ा को भी सम्बोधित करता है, ताकि समुदाय में प्रेम और शांति स्थिर हो।
छोटी-सी समरी
लूका 4:40 हमें यह स्मरण कराता है कि यीशु जीवन की हर पीड़ा के हर कोने में उपस्थित रहते हैं, और उनके आशीर्वाद से शारीरिक और आत्मिक स्वास्थ्य दोनों बढ़ते हैं। उनके हाथों का स्पर्श विश्वास का उत्तेजक प्रमाण है और समुदाय के लिए उम्मीद का स्रोत।
गूढ़ विचार: इस वचन से सीखिए कि सेवा में आध्यात्मिक शक्ति कैसे व्यक्त होती है—जो रोगी और दुष्ट-समय दोनों के बीच एक सेतु बनाती है, ताकि लोग Jesus के नये राज्य की ओर पलटें।