लूका 6:35 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वरन् अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो, और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। (लैव्य. 25:35-36, मत्ती 5:44-45)

पिछला पद
« लूका 6:34
अगला पद
लूका 6:36 »

लूका 6:35 पद-दर-पद बाइबल टीका

लूका 6:35 — दूसरे के प्रति प्रेम और उदारता का बुलावा

यह वचन क्यों महत्वपूर्ण है? यीशु द्वारा लिए गए आचरण का यह केंद्रीय निर्देश है: शत्रुओं से प्रेम करना, भलाई करना, और बिना अपेक्षा उधार देना। इससे सामाजिक संबंधों मेंuki निष्ठा, आंतरिक परिवर्तन, और परमेश्वर के परिवार के सदस्यों के रूप में हमारा वास्तविक प्रमाण उभरता है। यह केवल नैतिक नियम नहीं, बल्कि ईश्वर की करुणा काորս है जो हमें अन्यायी संसार में भी दयालुता दिखाने के लिए प्रेरित करती है।

पार ubcontext

पश्चाताप के साथ भेजे गए गॉस्पेल के इस हिस्से में यीशु ने भाइयों-बहनों के रिश्तों की सत्यता को उकेरा है: प्रेम वह चाबी है जो शत्रुता को भी पिघला देती है, और भलाई वह परिपोषक बल है जो समाज की दीवारों को ढहाता है। प्रेरितों के अनुभूत जीवन से प्रेरित यह शिक्षा हमारे सामने रखती है कि परमेश्वर की समानता में एक नया हैसियत कैसे बनता है—जहां प्रेम बिना शर्त और उदारता निर्विवाद होती है।

मुख्य संदेश

1) शत्रुओं से प्रेम रखना और भलाई करना: यह मूल बंधन है—कैसे भी परिस्थिति हो, प्रेम और सहायता का पहल करना।

2) लाभ की अपेक्षा छोड़ना: चिंता नहीं कि क्या मुझे बदला मिलेगा; आभारी सहायता देने में परमेश्वर की व्यवस्था शामिल है।

3) उधार दे देना: यह विश्वास की प्रयोगशाला है—याद रखें कि कोई भी समझदारी से देता है वह भी निश्चय ही लौटेगा, क्योंकि ईश्वर करुणा से भरा है।

4) पुत्रिका फल और परमप्रधान का ठहरना: इस रास्ते पर चलना दुःख-सुख से परे एक ईश्वर-संतान की पहचान है।

कौमधर्मिक और बाइबिलिक स्पष्टताएँ

यह आयत पुराने नियम के करुणा-उच्चारण से जुड़ी है (उदा., लैव्यवहित 25 में विशिष्ट देन-देन का नियम) और नये नियम में मसीह की शुद्ध करुणा से मजबूत हुई है (मैथ्यू 5:44-45 कैसे प्रेम को उच्चतम मानक बनाता है)। यह भी संकेत देता है कि ईश्वर उन पर भी कृपालु है जो नहीं देते या नहीं समझते—यह उसकी सार्वभौमिक दया की मिसाल है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त संदर्भ)

  • लैव्य 25:35-36 — परोपकार के नियमों का सामाजिक-आर्थिक आयाम, जिससे समुदाय में साथी को बचाने और सहयोग बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।
  • मत्ती 5:44-45 — प्रेम को शत्रुओं तक विस्तृत करने का मसीही मानक, ताकि आकाश के पुत्रों की पहचान बनी रहे।
  • रोम 12:14-21 — दया और अभिमन्यता से पूर्ण प्रतिक्रिया, जो बदले की भावना को कमजोर करके भरोसा बनाती है।

इन संदर्भों से समझ निकलती है: ईश्वर की करुणा हमारी आचार-नीति है, और उसका अनुकरण करते हुए हम समाज में एक विचित्र, परिशुद्ध प्रेम की मिसाल बनते हैं।

छोटी-सी devotional पंक्ति

जब हम शत्रुओं के भी हित के लिए काम करते हैं और बिना लाभ की उधार देते हैं, तब आत्मा की दृष्टि बढ़ती है और हमारे दिल में परमेश्वर की करुणा प्रत्यक्ष प्रकट होती है। यह वह रास्ता है जो ईश्वर के पुनर्जन्म अनुभव को दिखाता है और हमारी पहचान “उसके बच्चे” के रूप में गढ़ती है।

संक्षिप्त निष्कर्ष

इस दायरे में प्रेम, भलाई, और उदारता का जीवन जीना एक ऐसी दयालु व्यवस्था है जिसे ईश्वर ने अपने बच्चों के लिए निर्धारित किया है। यह अस्थिरताओं में भी स्थिरता देता है और सामुदायिक विश्वास को मजबूत करता है।

सूत्र-योगदान और उद्धरण

यहां उपलब्ध स्पष्ट उद्धरण दूरगामी प्रभावशाली मार्गदर्शन के लिए सामंतीय विश्लेषण से लिए गए हैं; नीचे प्रमुख टीका-लेखक जिनके शब्द अक्सर सहायक होते हैं: मॉथ्यू हेनरी, आलेक्जेंडर बर्न्स, एडम क्लार्क।

उद्धरणों के स्पष्ट संकेत: किसी प्रत्यक्ष वाक्य-उद्धरण का पाठ यदि उपलब्ध हो, तो उसे ही उद्धृत किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 6:35 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 5:44 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 5:44 (HINIRV) »
परन्तु मैं तुम से यह कहता हूँ, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिये प्रार्थना करो। (रोम. 12:14)

यूहन्ना 13:35 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 13:35 (HINIRV) »
यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।”

रोमियों 5:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 5:8 (HINIRV) »
परन्तु परमेश्‍वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें