Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 6:1 लूका 6:2 लूका 6:3 लूका 6:4 लूका 6:5 लूका 6:6 लूका 6:7 लूका 6:8 लूका 6:9 लूका 6:10 लूका 6:11 लूका 6:12 लूका 6:13 लूका 6:14 लूका 6:15 लूका 6:16 लूका 6:17 लूका 6:18 लूका 6:19 लूका 6:20 लूका 6:21 लूका 6:22 लूका 6:23 लूका 6:24 लूका 6:25 लूका 6:26 लूका 6:27 लूका 6:28 लूका 6:29 लूका 6:30 लूका 6:31 लूका 6:32 लूका 6:33 लूका 6:34 लूका 6:35 लूका 6:36 लूका 6:37 लूका 6:38 लूका 6:39 लूका 6:40 लूका 6:41 लूका 6:42 लूका 6:43 लूका 6:44 लूका 6:45 लूका 6:46 लूका 6:47 लूका 6:48 लूका 6:49



पाठ का संक्षेप एवं पाठ के संदर्भ
लूका 6:14 में यीशु अपने प्रेरित-चयन की शुरुआत का स्पष्ट दृश्य प्रस्तुत करते हैं। इस व verse में उन व्यक्तियों के नाम उद्धृत हैं जिन्हें यीशु ने चुना और उनके कार्यक्षेत्र में प्रवेश किया। यह उद्धरण प्रेरितों के चयन की प्रकृति, उनके सहयोगी-भाव और उनका दायित्व समझाने के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम करता है। नीचे इस पाठ को चैतन्य रूप से देखें कि कैसे यीशु ने विविध पृष्ठभूमियों के लोगों को अपने शासन के लिए आमंत्रित किया।
कथा का छोटा परिचय
यह अध्याय प्रेरित-चयन की प्रक्रिया की पृष्ठभूमि बनाता है। शमौन नामक पतरस, उसका भाइ अन्द्रियास, याकूब और यूहन्ना जैसे पक्ष से पूर्वजन्मों के प्रकार ही नहीं, बल्कि उनके भीतर के दृढ़ विश्वास और सक्षम नेतृत्व की संभावनाओं को भी उजागर करते हैं।
Verse Analysis: लूका 6:14
“और वे ये हैं: शमौन जिसका नाम उसने पतरस भी रखा; और उसका भाई अन्द्रियास, और याकूब, और यूहन्ना, और फिलिप्पुस, और बरतुल्मै,”
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
ईश्वर ने पसन्दीदा बुलाहट के साथ एक विविध समूह चुना है—कुछ ने अनुभव से, कुछ ने धार्मिक परंपरा से, परन्तु सब एक समान उत्तरदायित्व के साथ। यीशु के चयन से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर की योजना में विविधताओं को एक साथ चलना संभव है और प्रेरित-समूह किसी एक ही उद्देश्य के लिए बनाम गया है: ईश्वर के राज्य की सच्ची उद्घोषणा करना।
अनुसरणीय cross-references (संक्षेप)
व्यावहारिक अनुप्रयोग
वाचन-सम्पादन के संकेत
पद के प्रारम्भ में “और वे ये हैं” बताता है कि यीशु का बुलावा योजना का एक हिस्सा है, न कि केवल एक सूची की याद। हर नाम से समुदाय के समर्थक भूमिका का संकेत मिलता है— stöd, प्रेरणा, और नेतृत्व के विविध आयाम।
उद्धार-आधार पर एक संक्षिप्त संपर्क
इन प्रेरितों के चयन से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर अपने अनुयायियों को उनके वर्तमान परिस्थिति के अनुसार प्रयोग करता है—यही हमारी दैनिक आस्था का केंद्र है: विश्वास में आगे बढ़ना और एक दूसरे के हित के लिए काम करना।
संक्षिप्त निष्कर्ष
लूका 6:14 प्रेरित-चयन के एक ठोस आरम्भ का दस्तावेज है। विविध पृष्ठभूमियों के लोग एक साथ आकर ईश्वर के राज्य के लिए कार्य करते हैं। यह हमें याद दिलाता है कि बुलाहट विविधताओं के साथ आती है, पर उद्देश्य एक ही है: प्रेम, समुदाय और उच्चतम ख्याति के लिए सेवाभाव से भागीदारी करना।
मुख्य टिप्पणी से जुड़े विचार
एसे विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट पंक्तिबद्ध टिप्पणी-उद्धरणों से समर्थित होते हैं। नीचे छोटे-छोटे उद्धरण केवल वही जो उपलब्ध हैं:
—Matthew Henry: “त्याग और विश्वास के साथ बुलाहट स्वीकार करना ही ईश्वर की योजना का भाग है।”
—Albert Barnes: “यीशु का चयन, लोगों को उनके उद्देश्य के अनुसार अलग नहीं करता, बल्कि एकता के लिए विविधताओं को साथ लाता है।”
—Adam Clarke: “प्रेरित-चयन, क्रियात्मक बुलाहट का पहला कदम है, जो स्पष्ट करता है कि विज्ञान और विवेक के साथ भी परमेश्वर के संदर्भ में कार्य करना आवश्यक है।”
परिकल्पना-छोटा सार
लूका 6:14 प्रेरित-चयन के दृढ़ प्रमाण के साथ बताता है कि ईश्वर विविधताओं को एक साथ लेकर शासन की पूर्ति के लिए बुलाते हैं। इसे आज के विश्वासियों के लिए एक प्रेरणा के रूप में लें: एक साथ मिलकर प्रेमपूर्ण सेवा करें, चाहे पृष्ठभूमि कैसी भी हो।