लूका 9:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और जिस किसी घर में तुम उतरो, वहीं रहो; और वहीं से विदा हो।

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लूका 9:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य निष्कर्ष

लूका 9:4 में यीशु निर्देश देते हैं कि जिस घर में तुम जाओ, वहीं ठहरो और वहीं से विदा हो; यह उपदेशयात्रा के दौरान प्रयुक्त रहने की एक सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवस्था है। यह बताता है कि मिशन कीünst यात्रा में स्थानीय समुदाय के बीच अभय और सहजता बनाने के लिए स्थिरता और आत्म-समर्पण जरूरी है, ताकि संदेश बिना बाधा पहुँचे और लोग आतिथ्य के बीच प्रभु की कृपा को अनुभव करें।

साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी कॉन्टेक्स्ट)

यूहन्नी-यात्रा के दौरान लूका गिनती करके यह बात कहता है कि जहां भी तुम आओ, उसी घर में ठहरना प्राथमिकता है। यह एक सामाजिक-आचार्य नियम है जो बृहत्तर मिशन-योजना के अनुरूप है—मिथिला-परिवार के बीच भरोसे और सम्मान का स्थिर vínculo बनाना। यह वाक्य साझा-जगह के प्रति गरिमा और आत्म-निष्ठा की मांग करता है, ताकि प्रेरितों को स्थानीय समुदाय से ठोस सहायता मिले और उनकी आवाज अवरुद्ध न हो।

आध्यात्मिक महत्व

स्थायित्व का यह आह्वान प्रेरितों के हृदय में आत्म-विश्वास बनाता है—हर घर एक स्वागत-जगत, हर ठहराव एक अवसर कि गवाही में गहराई आये। साथ ही यह संकेत देता है कि प्रभु के मिशन की राह में चेतना और नम्रता जरूरी है: अतिथ्य ग्रहण करो, पर विदाई के समय भी स्वाभाविक विदाई संदेश के साथ हो।

पर्व-बंध और क्रॉस-रेफरेंसेस

  • यूहन्ना 13:34-35 — मित्रता और प्रेम का नया नियम, जो घर-घर में व्यवहार में उतरता है; एक समुदाय के भीतर प्रेम का आचरण बनाना।
  • मरकुस 6:11 — अस्वीकार से पहले भी एक जगह के समुदाय को छोड़कर नहीं जाना; वैकल्पिक गवाह और स्थिरता का महत्व।
  • मत्ती 10:11-14 — अन्वेषण के स्थान पर आतिथ्य के नियम, जो संदेश की सत्यता को स्थापित करते हैं और अवरोध घटाते हैं।

इन संदर्भों में देखा जा सकता है कि आतिथ्य और स्थायित्व मिशन के लिए कितने महत्त्वपूर्ण हैं: आत्म-समर्पण के साथ अवसरों को स्वीकारना, और जब वह घर-घर तक पंहुचे तो वही विकास का मंच बन जाए।

चिन्तन के प्रश्न

  • क्या मैं उस घर की भूमिका में हूँ जहाँ प्रभु के संदेश के लिए स्थान बन रहा है? क्या मैं अपनी भूमिका में विनय और सम्मान दिखाता हूँ?
  • क्या मैं किसी ऐसे स्थान से पहचान बनाता हूँ जहाँ ग्रहणशील लोगों के साथ सही-समझ बना रहता है?
  • कैसे मैं स्थानीय समुदाय के साथ प्रभु की गवाही को सुरक्षित और प्रभावी बनाऊँ?

निष्कर्ष (संक्षेप)

यह वचन संदेश देता है कि यात्रा की दिशा में स्थिरता और आतिथ्य केवल सुविधाजनक नियम नहीं हैं, बल्कि गवाही की गहराई के लिए अनिवार्य संयोजन है। जिस घर में तुम उतरो, वहीं से विदा हो—यह एक संरक्षित, प्रेम-आंशिक राह है जो प्रभु के मिशन की सफलता के लिए आवश्यक सहयोग और सहभागिता पैदा करती है।

नोट: इस पादरस्तात्मक पाठ के लिए मैथ्यू हेनरी, अॅल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी-उद्धरणों के प्रमुख पंक्तियाँ यहाँ उद्धृत नहीं की गईं; यदि चाहें तो मैं संक्षेप में उनके विचारों का संदर्भ-उद्धरण दे दूँगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 9:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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“जिस किसी नगर या गाँव में जाओ तो पता लगाओ कि वहाँ कौन योग्य है? और जब तक वहाँ से न निकलो, उसी के यहाँ रहो।

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और उसने उनसे कहा, “जहाँ कहीं तुम किसी घर में उतरो, तो जब तक वहाँ से विदा न हो, तब तक उसी घर में ठहरे रहो।

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जिस किसी घर में जाओ, पहले कहो, ‘इस घर पर कल्याण हो।’

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