लूका 9:52 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और उसने अपने आगे दूत भेजे: वे सामरियों के एक गाँव में गए, कि उसके लिये जगह तैयार करें।

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लूका 9:52 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ की प्रस्तुति

लूका 9:52 में यीशु अपने पीछे दूत भेजते हैं ताकि वे सामरियों के गाँव में जाकर उनके लिए स्थान तैयार कर दें। इसका तात्पर्य है कि यीशु दबाव और विरोध के बीच भी अपने मिशन के निष्पादन की व्यवस्था पहले से करते हैं, ताकि वह अपने आगे के मार्ग पर अड़चन न बने।

संदर्भ-प्रासंगिक पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम लूका के आपके सामने की यात्रा-विवरण में आता है, जहाँ यीशु गोलार्ध के प्रदेशों से गुजरते हुए किसी गाँव तक पहुँचते हैं। सामरियों के गाँव तक का मार्ग खास है—यह विरोध और विभाजन का क्षेत्र था। फिर भी निर्माण-कार्य के लिए दूत भेजना दर्शाता है कि प्रभु की योजना आगे बढ़ती रहती है, भले ही मानवीय प्रतिक्रियाएं कैसी भी हों।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • आगमन से पूर्व व्यवस्था: यीशु अपने उद्गम स्थल पर ही पहले से व्यवस्था करते हैं—यह दर्शाता है कि उनका उद्धार कार्य योजना और नियंत्रण के साथ आगे बढ़ता है।
  • समारोह और आतिथ्य की इच्छा: स्थान-तैयारी का विचार बताता है कि मानवीय स्वागत और सम्मान यीशु के मिशन का अभिन्न हिस्सा है, ताकि प्रेरितों के संदेश को स्वीकृति मिल सके।
  • सामरियों के地域 के विरोध का संदर्भ: यह दिखाता है कि यीशु की यात्रा केवल बहादुरी नहीं, बल्कि प्रकाश को फैलाने की व्यापकता है, जबकि प्रतिरोध भी मूल्यवान पाठ प्रदान करता है।

थीमेटिक सार

  1. योजना और व्यवस्था के महत्व में विश्वास
  2. याकीन और आतिथ्य की भूमिका
  3. विधर्मी विरोध के बावजूद शास्त्र-उद्धार का उद्देश्य

संदर्भ-परिचय (Cross-references)

1) लूका 10:1 – प्रभु की सभा और मिशन-योजनाएं एक संगठित समूह के द्वारा आगे बढ़ती हैं; तैयारी का महत्व स्पष्ट है।

2) मत्ती 10:14 – कब ज्ञान-व्यूह के बिना भी, जहां-अजहां इन संदेशों को ग्रहण नहीं किया जाए, वहाँ से निकलना पड़े, पर पहले तैयारी का महत्व मान्य रहता है।

3) यूहन्ना 4:4-6 – यीशु का मार्ग चलना और गाँव-गाँव जाकर संदेश फैलाने की निरंतरता सुनिश्चित करना।

संयुक्त टिप्पणी का संक्षेप

यह घटना हमें सिखाती है कि प्रभु के मिशन के लिए पहले से तैयार करना और मार्ग ढूँढ़ना एक संरचनात्मक स्वीकृति है; उद्धार-कार्य के लिए कर्मयोगी समुदाय का समर्थन आवश्यक है, ताकि संदेश निर्बाध रूप से पहुँचे। Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रकाश से, यह सुझाव मिलता है कि प्रभु के उद्देश्य के अनुरूप व्यवस्था बनाई जाती है ताकि आगे का कार्य बाधित न हो और विश्वासियों को सूचना पहुँच सके।

व्यावहारिक निष्कर्ष

नोट: इस पाठ पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के छोटे-छोटे उद्धरण अगर उपलब्ध हों, वे नीचे उद्धृत हैं—कृपया देखें:

महत्वपूर्ण उद्धरण: "(संक्षेपित रूप)"

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

लूका 9:52 समानांतर पद और संबंधित वचन

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इन बारहों को यीशु ने यह निर्देश देकर भेजा, “अन्यजातियों की ओर न जाना, और सामरियों के किसी नगर में प्रवेश न करना। (यिर्म. 50:6)

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और यीशु के पाँवों पर मुँह के बल गिरकर उसका धन्यवाद करने लगा; और वह सामरी* था।

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लूका 10:33 (HINIRV) »
परन्तु एक सामरी* यात्री वहाँ आ निकला, और उसे देखकर तरस खाया।

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