Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
लूका 9:1 लूका 9:2 लूका 9:3 लूका 9:4 लूका 9:5 लूका 9:6 लूका 9:7 लूका 9:8 लूका 9:9 लूका 9:10 लूका 9:11 लूका 9:12 लूका 9:13 लूका 9:14 लूका 9:15 लूका 9:16 लूका 9:17 लूका 9:18 लूका 9:19 लूका 9:20 लूका 9:21 लूका 9:22 लूका 9:23 लूका 9:24 लूका 9:25 लूका 9:26 लूका 9:27 लूका 9:28 लूका 9:29 लूका 9:30 लूका 9:31 लूका 9:32 लूका 9:33 लूका 9:34 लूका 9:35 लूका 9:36 लूका 9:37 लूका 9:38 लूका 9:39 लूका 9:40 लूका 9:41 लूका 9:42 लूका 9:43 लूका 9:44 लूका 9:45 लूका 9:46 लूका 9:47 लूका 9:48 लूका 9:49 लूका 9:50 लूका 9:51 लूका 9:52 लूका 9:53 लूका 9:54 लूका 9:55 लूका 9:56 लूका 9:57 लूका 9:58 लूका 9:59 लूका 9:60 लूका 9:61 लूका 9:62



लूका 9:16 पर व्याख्या: ईश्वरीय कानून और उपलब्ध संसाधनों की दया
मुख्य interpretive बिंदु: यीशु के महान चमत्कार में उपलब्ध पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ आदर्श रूप से यह दर्शाती हैं कि ईश्वर के Kingdom में छोटा-सा भी साधन सुखद और प्रभावशाली रूप बदल सकता है जब विश्वास और आशीर्वाद एक साथ मिलते हैं। यहाँ प्रभु धन्यवादपूर्वक भिक्षाटन नहीं बल्कि साझा करने की प्रेरणा बनते हैं।
साहित्यिक संदर्भ
इस वाक्य में लूकाnés दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि चेलों से पहले यीशु ने परमेश्वर के सामर्थ्य के सामने दया और कर्तव्य का संयोजन दिखाया। पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ सामान्य भोजन-स्रोत थे, परन्तु उद्धारकर्ता के हाथों वे बहुगुणी होकर जनता के लिए पर्याप्त हो जाते हैं। यह दृश्य धार्मिक समुदाय की साझा-खाना और आपसी सारथ्य की भूमिका पर रोशन डालता है, जहाँ कर्तव्यपूर्ण उपहार प्रभु की कृतियों के माध्यम से बढ़कर सामुदायिक जीवन को पोषित करता है।
ऐतिहासिक-धर्मशास्त्रीय संरेखण
यह चमत्कार न केवल एक भोजन-चमत्कार है, बल्कि एक शिक्षणात्मक घटना है कि प्रकृति के स्रोत भी प्रभु के हाथ में हैं। अंग्रेजी परंपरा के उदाहरणों में यह दिखता है कि इशोर की दया कैसे साधन-स्रोतों को परिपूर्ण बनाती है; यह विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के चिंतन के साथ संगति में है—जहाँ वे भगवान के प्रावधान और विश्वासी समुदाय की भागीदारी को प्रमुख स्थान देते हैं।
चर्च-आचार्यीय प्रेरणा
- Matthew Henry: प्रभु के आशीर्वाद से छोटा नमूना भी बड़े काम समेट सकता है; वह संकेत देता है कि अनुशासन और विश्वास में संयोजन से लोग संतुष्टि पाते हैं।
- Albert Barnes: यह घटना संकेत है कि परमेश्वर की कृपा का योग तब संभव है जब चेलों की सहभागिता और प्रभु की योजना एक साथ हों; संसाधन कम होने पर भी आध्यात्मिक उन्नति संभव रहती है।
- Adam Clarke: चमत्कार के पीछे एकाधिक आयाम मिलते हैं—खाद्य पदार्थ का विभाजन शारीरिक भोजन के अतिरिक्त आत्मिक एकता का भी प्रतीक है; प्रभु हर किसी को पर्याप्त देता है।
पवित्रशास्त्री-जोड़ और संदर्भ
आत्मिक विचार-विमर्श के प्रश्न
संक्षेप निष्कर्ष
लूका 9:16 में यीशु का धन्यवाद और चेलों के द्वारा भोजन का वितरित होना यह दिखलाता है कि परमेश्वर के सामर्थ्य में बहुत कम से भी पर्याप्त हो सकता है जब विश्वास, आशीर्वाद और साझा-संस्कार एक साथ चलते हैं। यह घटना हमें सिखाती है कि संसार के छोटे-से-छोटे संसाधन भी परमेश्वर की योजना के हिसाब से समुदाय के भरण-पोषण में ढाल बन जाते हैं—एक प्रेरक, एकीकृत जीवन के लिए मार्गदर्शक।
पवित्र ग्रंथों के क्रॉस-रेफरंस (संक्षेप)
- मत्ती 14:20; मरकुस 6:41-44: विभाजन के साथ भोजन और सभी की खुषी
- यूहना 6:35: जीवन का प्रतीक और आत्मिक आहार की पूर्णता