Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 1:1 मरकुस 1:2 मरकुस 1:3 मरकुस 1:4 मरकुस 1:5 मरकुस 1:6 मरकुस 1:7 मरकुस 1:8 मरकुस 1:9 मरकुस 1:10 मरकुस 1:11 मरकुस 1:12 मरकुस 1:13 मरकुस 1:14 मरकुस 1:15 मरकुस 1:16 मरकुस 1:17 मरकुस 1:18 मरकुस 1:19 मरकुस 1:20 मरकुस 1:21 मरकुस 1:22 मरकुस 1:23 मरकुस 1:24 मरकुस 1:25 मरकुस 1:26 मरकुस 1:27 मरकुस 1:28 मरकुस 1:29 मरकुस 1:30 मरकुस 1:31 मरकुस 1:32 मरकुस 1:33 मरकुस 1:34 मरकुस 1:35 मरकुस 1:36 मरकुस 1:37 मरकुस 1:38 मरकुस 1:39 मरकुस 1:40 मरकुस 1:41 मरकुस 1:42 मरकुस 1:43 मरकुस 1:44 मरकुस 1:45



मरकुस 1:20 का संदर्भ और सारग्रह
यह पद अरोन के आंतरिक क्षेत्र से बाहर निकली एक प्रसिद्ध कथा का भाग है: यीशु ने जेडे-जद्दी के पुत्र, शमौन (पेत्रुस) एवं अंत अन्य भाइयों के साथ, उनके पिता जेद्दे (जब्दी) को छोड़कर तुरन्त उनके पीछे चलने को कहा। यह घटना गलील की पहली चर्च गतिविधियों का क्रम खोलती है और यीशु के चयनित शिक्षण-पत्र के आरम्भिक चरणों का संकेत देती है।
केंद्रीय अर्थ
यह verse दिखाती है कि यीशु ने प्रेरित बनने के लिए तत्परता और तत्कालता को महत्त्व दिया। वे सभी ने अपने पारंपरिक and पारिवारिक जिम्मेदारियों को temporarily छोड़कर, एक नई और उच्च बुलाहट के पीछे पछतावे के बजाय विश्वास के साथ चलना चुना। यह दिखाता है कि यीशु की बुलाहट अक्सर तत्काल और निर्भीक उत्तर चाहती है, ताकि नई भूमिका और परमेश्वर के राज्य के कार्य में भाग लिया जा सके।
मुख्य विषय
संबद्ध घटनाएँ और cross-references
इन संदर्भों में समान धारा दिखती है: प्रभु के बुलावे पर साधारण जीवन की धारा एक ही क्षण में बदल जाती है और विश्वासियों को एक नया उद्देश्य देता है।
व्यावहारिक चिंतन
जो कोई भी गवाही देता है कि “मैं अपने पुराने जीवन से मुक्त हो जाऊँगा जब पर्याप्त स्पष्ट हो,” वह यीशु की बुलाहट की अनुभूति को मिस कर सकता है। इस पद से प्रेरणा मिलती है कि कठिन निर्णय भी विश्वास की आज्ञा के सामने छोटा पड़ सकता है, और प्रभु के साथ चलना जीवन के उद्देश्य को स्पष्ट कर देता है। अपने दैनिक जीवन में आप किस क्षेत्र में “तुरन्त” और “हाँ” कहने के लिए तैयार हैं?
संक्षिप्त समापन
मरकुस 1:20 में यीशु की पुकार पर तत्पर प्रतिक्रिया और पारिवारिक संबंधों के बाबजूद निर्णय की दृढ़ता प्रकाशित होती है। यह नए अनुचर बनने की प्रक्रिया की पहली पंक्ति है, जो विश्व को message देता है कि परमेश्वर की योजना में सहभागिता के लिए तुरंत और निर्भीक उत्तर आवश्यक है।
यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की सार्वजनिक-डोमेन विचारों के संयुक्त संवर्धन से संकलित है; नीचे उद्धरणों का उल्लेख आवश्यक धाराओं के लिए किया गया है:
कथन उद्धरण (संकेत):- “The immediate obedience to Christ’s call shows the power of divine grace working in the souls of the disciples” (संकेतित संप्रेषण से प्रेरित सार) – उपयोगी संदर्भों के लिए ऊपर दिए गए cross-references देखें।
प्रत्येक भाग पर विचार करें: आप कितनी तेजी से आह्वान पर प्रतिक्रिया दे पा रहे हैं? क्या आप अपने “पिता” या “परंपरा” की सामान्यताओं से ऊपर उठ कर, प्रभु के बुलावे के पीछे चलना तैयार हैं?