Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मरकुस 1:1 मरकुस 1:2 मरकुस 1:3 मरकुस 1:4 मरकुस 1:5 मरकुस 1:6 मरकुस 1:7 मरकुस 1:8 मरकुस 1:9 मरकुस 1:10 मरकुस 1:11 मरकुस 1:12 मरकुस 1:13 मरकुस 1:14 मरकुस 1:15 मरकुस 1:16 मरकुस 1:17 मरकुस 1:18 मरकुस 1:19 मरकुस 1:20 मरकुस 1:21 मरकुस 1:22 मरकुस 1:23 मरकुस 1:24 मरकुस 1:25 मरकुस 1:26 मरकुस 1:27 मरकुस 1:28 मरकुस 1:29 मरकुस 1:30 मरकुस 1:31 मरकुस 1:32 मरकुस 1:33 मरकुस 1:34 मरकुस 1:35 मरकुस 1:36 मरकुस 1:37 मरकुस 1:38 मरकुस 1:39 मरकुस 1:40 मरकुस 1:41 मरकुस 1:42 मरकुस 1:43 मरकुस 1:44 मरकुस 1:45



मरकुस 1:23 पर एक बिंदु-सापेक्ष व्याख्या
मुख्य interpretive point: ईश्वर के राज्य के आगमन के समय मरकुस बताता है कि यीशु के प्रभाव के साथ ही दुष्ट आत्माओं की सत्यता और उनकी सत्ता का विरोध स्पष्ट रूप से सामने आता है। उसी समय आराधनालय में एक अशुद्ध आत्मा possessed व्यक्ति यीशु की उपस्थिति के कारण विचलित हो उठती है; यह घटना दिखाती है कि दुष्ट शक्तियाँ भी यीशु के आगमन की पहचान कर रही थीं और उन्होंने उसे चुनौती देने की कोशिश की, पर यीशु का अधिकार उन पर सर्वज्ञात और पूर्ण है।
पाठिकीय संदर्भ ( literary context )
यह अवसर मरकुस के beginning में है, जहाँ वे यीशु के सुसमाचार की गति को तीव्र बनाते हैं—जीवन, चेतावनियाँ और चमत्कार. आराधनालय में यह घटना दिखाती है कि यात्रा के शुरुआती दौर में यीशु कैसे दुष्ट आत्माओं को चकित कर देते हैं और लोगों के बीच वहन करते हैं कि सत्य में कौन है। इस स्थानपरिदृश्य में मानवीय अशुद्धता और श Demi- divine दृष्टि के बीच यीशु की सत्ता स्पष्ट उभरती है; दुष्ट आत्मा स्वयं स्वीकार करता है कि यीशु Nazarene है और वह उसे क्यों आ रहा है।
थ्योलाजिकल महत्त्व
- यीशु के पास दुष्ट आत्माओं पर पूर्ण अधिकार है; न तो वे आस-पास के लोगों की स्थिति से बच सकते हैं और न ही अपने दायरे में समाहित कर सकते हैं।
- आत्मा का असुरक्षित उन्मत्त कह देने से संकेत मिलता है कि शैतान की सत्ता का आवेग जल्द ही कम नहीं होगा, पर यीशु का शब्द ही प्रभावी है।
- यह घटना जातीय-धर्मपरक विभाजन के पार की एक नई वास्तविकता को उद्घोषित करती है: पाप और दुर्भावना के अधिकारों को चूकाने वाला साधन एक नया प्रभुकोड है।
पवित्रशास्त्र के अन्य स्थानों से सम्बन्ध (cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
व्याख्यायों में यह पहचाना गया है कि यीशु का शब्द और उसकी उपस्थिति दुष्ट आत्माओं पर निर्णायक प्रभाव डालते हैं, और यह संकेत है कि उसका राजा-राज्य गिरोह अब शुरू हुआ है।
विश्लेषणात्मक प्रश्न (Reflection questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
मरकुस 1:23 में आराधनालय से एक स्पष्ट दृश्य उभरता है: यीशु की उपस्थिति और उसके शब्द दुष्ट आत्माओं पर अधिकार ढक लेते हैं। यह घटना यह भी दिखाती है कि ईश्वर के राज्य के आगमन के साथ विरोध-स्वर ऊँचा होता है, पर यीशु का अधिकार शुद्ध, पूर्ण और अंतिम है। यह पाठ पाठक को यह स्मरण दिलाता है कि प्रभु के सामने हर अशुद्धता और दुष्ट शक्ति थम जाती है, और विश्वास के द्वारा हमें उसकी शरण में आना चाहिए।
उद्धरण स्रोत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारियों के उद्धृत विचार आवश्यकतानुसार संजोए गए हैं; समानरूप short quotes उपलब्ध हों तो संक्षेपित रूप में नीचे दिए गए मूल संदर्भों से लिया गया है:
“...क्योंकि उनके राज्यों के शासक का वक्तव्य महान और प्रभावी है” (सम्भवतः ऐतिहासिक टिप्पणी संदर्भ) — प्रकाशित टिप्पणियाँ.