नीतिवचन 20:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

आलसी मनुष्य शीत के कारण हल नहीं जोतता; इसलिए कटनी के समय वह भीख माँगता, और कुछ नहीं पाता।

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नीतिवचन 20:4 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 20:4 का तत्काल संदर्भ और संदेश

वचन यह कहता है कि आलसी मनुष्य शीत के कारण हल नहीं जोतता; इसलिए कटनी के समय वह भीख माँगता, और कुछ नहीं पाता। यह उद्धरण वसंत-काल के कृषिगत जीवन से जुड़ा एक ठोस निष्कर्ष प्रस्तुत करता है: कर्म-पूर्वक न करने पर फल नहीं मिलता और मेहनत का भूखा पड़ना अवश्य है।

ईश्वर-विश्वास में यह पाठ क्या बताता है

यह पाठ परमेश्वर की व्यवस्था के अनुरूप निष्ठा और जिम्मेदारी को महत्व देता है। ईश्वर ने प्रकृति-चक्र और समाज-व्यवस्था को कर्मों के अनुसार संचालित किया है। जो व्यक्ति स्वयं को तैयार नहीं करता, वह परिणामस्वरूप अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों की दया पर निर्भर रहने लगता है। यह विश्वास-जीवन में सक्रिय अनुपस्थिति का परिणाम है, न कि जियो सिर्फ विश्वास से।

Important शब्दों और छवियों की स्पष्टता

आलसी— ऐसा व्यक्ति जो कर्तव्य से भागता है या काम को रोक देता है; जो तैयारी और मेहनत से बचता है।
शीत के कारण हल नहीं जोतता— मौसमी अवसरों के अनुरूप कर्म न करने की तस्वीर; ठंड या अन्य बाधाओं का बहाना बनाकर कार्य से विमुख होना।
कटनी का समय— जहाँ फसल काटने का उपयुक्त और समयानुकूल अवसर है; अवसर चूकने पर फल न मिलना स्वाभाविक है।
भीख माँगना— परिणाम के बिना कर्म के परिणामस्वरूप अस्थायी सहायता मांगना; यह एक चेतावनी है कि मेहनत और योजना के बिना जीवन की स्थिरता नहीं बनती।

Related cross-references

  • नीतिवचन 12:11 — जो जागरूकता से मेहनत नहीं करता, उसका शिकार बेकार रहता है; प्रामाणिक श्रम से ही फल मिलता है।
  • गलातियाँ 6:9 — धर्म-सार जीवन में अच्छाई न छोड़ें; समय पर मेहनत करने से परिणाम मिलते हैं।
  • याकूब 4:13–15 — कल क्या होगा, यह मन में निश्चय करना नहीं; परम plans पर निर्भर रहने की सीख—परिश्रम और संयम आवश्यक हैं।

इन उद्धरणों में संकेत मिलता है कि जीवन के अवसरों का उचित उपयोग और ईश्वर की व्यवस्था के अनुसार कठोर परिश्रम ही स्थिरता और सुरक्षा देता है।

आज के संदर्भ में आवेदन

- प्राथमिकता दें: कृषि-सीझ, कृषि-चक्र या किसी पेशे में अवसर मिलने पर तत्परता दर्शाएं।

- जिम्मेदारी का रवैया: आलस्य के बहानों के बजाय योजना बनाएं, लक्ष्य निर्धारित करें, और कटनी के अवसर जैसे क्षणों में सक्रिय हों।

- समुदाय-सहायता: यदि कठिन समय है, तो विश्वस्त सहयोग पथ पर निर्भर रहने के बजाय अवसर-आधारित सहायता के साथ प्रयत्न जारी रखें—परन्तु आत्म-निर्भरता के उपाय न छोड़ें।

सार-संयोजन

नीति यह है कि ईश्वर के निर्देश में निर्धारित मेहनत और समयानुसार प्रयास से ही फल मिलता है। आलसीपन से अवसर निकलते हैं और स्थिति अस्थिर हो जाती है; विश्वास-जीवन में भी कर्म-विधान के बिना लक्ष्य नहीं मिलते।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 20:4 समानांतर पद और संबंधित वचन

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जो काम में ढिलाई करता है, वह निर्धन हो जाता है, परन्तु कामकाजी लोग अपने हाथों के द्वारा धनी होते हैं।

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