भजन संहिता 115:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, उसकी ओर से तुम आशीष पाए हो।

भजन संहिता 115:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 115:15 — “यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, उसकी ओर से तुम आशीष पाए हो।”

शुरुआती संदर्भ: भजन 113–115 की यह संहिता एक संयुक्त योग है जहाँ भक्त परमेश्वर की आशीष और उसकी महानता को प्रकट करते हैं। 115वाँ अध्याय विशेष रूप से मूर्तियाँने पूजा करने वालों से दूरी बनाते हुए यह स्पष्ट कराता है कि आशीष वह है जो केवल यहोवा से मिलती है, न कि बेजान वस्तुओं से। यह पाठ उन लोगों के लिए है जो यह मानते हैं कि सांसारिक सफलता या धातु-स्वरूप-निर्मित देवताओं से सुरक्षा मिलती है; पर धार्मिक जीवन का सच्चा आधार यहोवा की कृपा और उसकी सुरक्षा है।

यह पाठ क्या दिखाता है—ईश्वर और विश्वास के बारे में

यहोवा, अंबर-गगन के निर्माता के रूप में, सब कुछ के स्रोत हैं। ‘आकाश और पृथ्वी का कर्ता’ कहकर दर्शाया गया है कि परमेश्वर सभी ब्रह्मांड का स्वामी है, और उसी की ओर से आशीष प्राप्त होती है। यहोवा की सत्ता और विश्वासयोग्यता पर विश्वास ही आशीष की कुंजी है; यह एक सक्रिय आशीष है जो परंपरा के अनुसार दीन-हीन को सम्मान, संरक्षण, और अनुग्रह देता है। साथ ही यह कहता है कि आशीष देना परमेश्वर की कृपा का परिणाम है, न कि मानव-उत्साह या किसी अन्य देवता की कृपा से।

महत्वपूर्ण शब्दों और प्रतीकों की व्याख्या

  • आकाश और पृथ्वी का कर्ता— परमेश्वर की सर्व अधिकारशक्ति और समस्त सृष्टि पर शासन।
  • आशीष पाना— प्रभु का कृपापूर्ण लाभ, सुरक्षा, संतान-प्रसन्नता, और भाग्य में भलाई।

संदर्भित नहीं-केवल-सीधे प्रयोग

यह पाठ पुराने नियम की अन्य जगहों से संगति बनाते हैं: ईश्वर की कृपा और आशीष पर जोर देता है जब आवाज देता है कि मूर्ति-पूजा निरर्थक है; परमेश्वर ही वह है जो अभीष्ट आशीष देता है (2 इसके साथ ही 4:7–9; 115:9–11)।

1–2 पंक्तियों में अन्य गदेशियाँ से उद्धरण (संदर्भित, संछिप्त)

यहाँ दो प्रसिद्ध मत-ग्रहण हैं जो इस पाठ के साथ टकराते नहीं, बल्कि उसे पुष्ट करते हैं:

  • Matthew Henry ने कहा है कि परमेश्वर की देह-निष्ठ कृपा उन लोगों के लिए है जो उसी पर आश्रित रहते हैं और मूर्तियों से नहीं डरते। यहोवा ही हमारी रक्षा है।
  • Albert Barnes ने लिखा है कि आशीष का स्रोत यहोवा है; जीवित परमेश्वर के साक्षात्कार के बिना वास्तविक आशीर्ष नहीं मिलता।
  • Adam Clarke ने संकेत दिया कि यहोवा से आशीष मिलना ईश्वर-प्रतिष्ठा का परिणाम है, न कि हमारे कर्मों का प्रतिफल, बल्कि उसकी कृपा का न्यायसंगत परिणाम।

3-4 उपयुक्त क्रॉस-रेफरेंस और उनके संक्षिप्त अर्थ

  • भजन 127:3 — बच्चों का भाग्य यहोवा की कृपा से जुड़ा है; आशीष वही देता है जो जीवन के मार्ग निर्धारित करे।
  • यशाय 41:10 — यहोवा समर्थता देता है ताकि आप भय-शून्य होकर जीवन को जिएं; आशीष में सुरक्षा जुड़ती है।
  • यूहन्ना 3:16 — ईश्वरीय प्रेम से मिलने वाली आशीष और उद्धार की बिदा; परमेश्वर की कृपा से जीवन का नया अध्याय शुरू होता है।

आज केContext में व्यावहारिक अनुप्रयोग

- कठिन समय में भी यह समझ लें कि आशीष एक क्रिया है जो परमेश्वर से आती है; हम वह दरवाज़ा खोलते हैं जब भरोसा बनाये रखते हैं।

- मूर्ति-पूजा या किसी अन्य मार्ग से सुरक्षा की आशा न करें; यह पाठ स्पष्ट करता है कि सच्ची आशीष वही दे सकता है जो सृष्टि का कर्ता है।

- अपने जीवन में आशीष को एक स्थिर संदर्भ के रूप में देखिए—परमेश्वर के प्रेम, सुरक्षा, और साथ रहने की गारंटी।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 115:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

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आदि में परमेश्‍वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। (इब्रा. 1:10, इब्रा. 11:3)

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और उसने अब्राम को यह आशीर्वाद दिया, “परमप्रधान परमेश्‍वर की ओर से, जो आकाश और पृथ्वी का अधिकारी है, तू धन्य हो।

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क्योंकि देश-देश के सब देवता तो मूरतें ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।

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