भजन संहिता 148:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हे वन-पशुओं और सब घरेलू पशुओं, हे रेंगनेवाले जन्तुओं और हे पक्षियों!

भजन संहिता 148:10 पद-दर-पद बाइबल टीका

क्यों यह पद महत्वपूर्ण है

भजन 148:10 में प्रार्थना और स्तुति का दायरा मनुष्य से आगे बढ़कर सृष्टि के सभी जीवों तक फैलता है। यह हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की महिमा केवल मानवता तक सीमित नहीं है; पूरा जगत, जानवर और पक्षी भी उसकी प्रशंसा का उपयुक्त स्थान हैं। यह विचार हमारी दिव्य स्तुति की परिधि को विस्तृत करता और सृष्टि में परमेश्वर के सार्वभौमिक प्रभुत्व की पुष्टि करता।

मूल संदर्भ

भजन 148 समग्र रूप से सृष्टि को परमेश्वर की स्तुति करने के लिए बुलाता है—आकाश और पृथ्वी, समुद्र और आन्तरिक प्राणी, सारे स्वर्गीय और पृथ्वी पर रहने वाले। श्रोताओं की दृष्टि में यह एक सार्वजनिक, सार्वत्रिक आमंत्रण है: अनीश्वरतत्त्व नहीं, अपितु हर प्राणी अपनी विधि से रचयिता की महिमा जाहिर करे। छंद 10 विशेषकर भूमि पर रहने वाले प्राणियों को सम्बोधित करता—घरेलू पशु, वन-जीव, रेंगने वाले और पक्षी। यह कहना है कि अनुकूल वातावरण और दैनिक जीवन में भी परमेश्वर की प्रशंसा होनी चाहिए।

मुख्य संदेश

इस पद का केंद्र बिंदु यह है—परमेश्वर की महिमा सार्वत्रिक है और उसे सभी जीवों द्वारा, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में, घोषित किया जाना चाहिए। यहाँ "स्तुति" का अर्थ केवल भाषा से नहीं, वरन् जीवनव्यवहार, अस्तित्व और सृष्टि की व्यवस्था के माध्यम से भी होता है। जब सृष्टि अपने-अपने ढंग से कार्य करती है, तब वह परवरदिगार की महिमा की गवाही देती है।

समर्थक बाइबलीय विषय

  • सृष्टि की स्तुति: सृष्टि परमेश्वर की महिमा का प्रतिबिम्ब है (रंग्यात्मक रूप में सृष्टि-प्रशंसा की परंपरा)।
  • रचयिता का सार्वभौमिक प्रभुत्व: परमेश्वर सभी प्राणी और प्रकृति का स्वामी है—मानव विशेषाधिकार नहीं बल्कि समवर्ती उत्तरदायित्व।
  • प्रकृति की नैतिक गवाही: सृष्टि बगैर वाणी के भी सृजनहार की महत्ता का संकेत देती है।

प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंस और उनका संक्षिप्त सम्बन्ध

रोमियों 1:20 — यह पद यह बताता है कि परमेश्वर की अनदेखी शक्ति और दिव्य गुण सृष्टि में स्पष्ट हैं; इसलिए मनुष्य के पास परमेश्वर के अस्तित्व की समझ छुपी नहीं।

यशायाह 40:26 — परमेश्वर ने आकाशीय पिंडों को भी गिनकर, सृष्टि के प्रति उसकी नियंत्रण शक्ति को प्रदर्शित किया; भजन 148 की तरह यहाँ भी सृष्टि के सभी अंगों को परमेश्वर की महिमा के लिए बुलाया गया है।

लोकगीत 104 (भजन 104) — परमेश्वर की रचना और उसकी व्यवस्थाओं का जश्न; दोनों भजन सृष्टि के विविध पहलुओं के माध्यम से स्तुति का विषय साझा करते हैं।

प्रसिद्ध टीकों की एक छोटी नोट

मैथ्यू हेनरी ने भजन 148 के विषय पर लिखा कि सृष्टि की स्तुति मनुष्यों की उपजाऊ आत्मिक अवस्था का संकेत है; यह टिप्पणी संक्षेप में बताती है कि भजनकार का लक्ष्य पूरे जगत को स्तुति में सम्मिलित करना है। (मैथ्यू हेनरी का संक्षेप उद्धरण: "The sense is, that all creatures, or at least all living creatures, should praise the Lord.")

अल्बर्ट बार्न्स ने भी इस छंद को सृष्टि के समावेशी स्वरूप के रूप में देखा और लिखा कि पशु और पक्षी भी उस व्यवस्था का हिस्सा हैं जिससे परमेश्वर की प्रतिष्ठा बढ़ती है। (एलबर्ट बार्न्स से संक्षिप्त उद्धरण: "It is a call to all living beings to praise God.")

एक एकीकृत व्याख्या

भजन 148:10 सिखाता है कि स्तुति का दायरा सीमित नहीं—यह हर स्तर पर विस्तृत है। जब कवि वन-पशु, घरेलू पशु, रेंगनेवाले और पक्षियों को बुलाता है, तो वह दर्शाता है कि हर जीव अपने अस्तित्व से परमेश्वर की महिमा प्रकट करता है। हम यह न केवल शब्दों से समझें बल्कि अपने व्यवहार से भी दर्शाएँ कि हम रचयिता के प्रति आभारी और समर्पित हैं।

आध्यात्मिक चिंतन

आज के जीवन में इस पद से प्रेरणा यह ले सकते हैं कि हमारी स्तुति केवल चर्च या शब्दों तक सीमित न रहे; हमारी दैनिक क्रियाएँ, पर्यावरण के प्रति सम्मान और जीवों के साथ सहानुभूति भी परमेश्वर की महिमा को दर्शाते हैं। स्वयं में सरलता लाकर, रचना के प्रति आदर दिखाकर और जीवन को प्रेमपूर्वक जीकर हम उसी सार्वभौमिक स्तुति में शामिल होते हैं जिसे भजन 148 बुला रहा है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 148:10 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 7:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 7:14 (HINIRV) »
और उनके संग एक-एक जाति के सब जंगली पशु, और एक-एक जाति के सब घरेलू पशु, और एक-एक जाति के सब पृथ्वी पर रेंगनेवाले, और एक-एक जाति के सब उड़नेवाले पक्षी, जहाज में गए।

उत्पत्ति 1:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 1:20 (HINIRV) »
फिर परमेश्‍वर ने कहा, “जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए, और पक्षी पृथ्वी के ऊपर आकाश के अन्तर में उड़ें।”

भजन संहिता 150:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 150:6 (HINIRV) »
जितने प्राणी हैं सब के सब यहोवा की स्तुति करें*! यहोवा की स्तुति करो!

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें