Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 कुरिन्थियों 1:1 1 कुरिन्थियों 1:2 1 कुरिन्थियों 1:3 1 कुरिन्थियों 1:4 1 कुरिन्थियों 1:5 1 कुरिन्थियों 1:6 1 कुरिन्थियों 1:7 1 कुरिन्थियों 1:8 1 कुरिन्थियों 1:9 1 कुरिन्थियों 1:10 1 कुरिन्थियों 1:11 1 कुरिन्थियों 1:12 1 कुरिन्थियों 1:13 1 कुरिन्थियों 1:14 1 कुरिन्थियों 1:15 1 कुरिन्थियों 1:16 1 कुरिन्थियों 1:17 1 कुरिन्थियों 1:18 1 कुरिन्थियों 1:19 1 कुरिन्थियों 1:20 1 कुरिन्थियों 1:21 1 कुरिन्थियों 1:22 1 कुरिन्थियों 1:23 1 कुरिन्थियों 1:24 1 कुरिन्थियों 1:25 1 कुरिन्थियों 1:26 1 कुरिन्थियों 1:27 1 कुरिन्थियों 1:28 1 कुरिन्थियों 1:29 1 कुरिन्थियों 1:30 1 कुरिन्थियों 1:31



1 कुरिन्थियों 1:16 का तत्कालीन संदर्भ और उसका अर्थ
पोलुस का यह वचन उन बहुधा चर्चीय चर्चाओं के बीच है जहाँ उनके कार्यों की विविधता और पवित्रता के रूप में प्रेरितों का चयन समझा जा रहा है. यहाँ वह उल्लेख करते हैं कि उन्होंने स्तिफनास के घराने को भी बपतिस्मा दिया, और फिर कहते हैं कि अन्य किसी को बपतिस्मा नहीं दिया। यह संदर्भ एक सच्चे आस्थामुखी लक्ष्य को उजागर करता है: ईश्वर के अनुग्रह के अनुसार किसे, कब और कैसे दी गई कृपा की भागीदारी के बारे में Menschen के प्रयास सीमित रहते हैं।
Immediate setting
यह कथन 1 कुरिन्थियों के_FIRST एपिसोड में है जहाँ पौलुस चर्चों के विभाजन और प्रेरित-प्रवर्तनों के कारण आये विवादों पर ध्यान देता है. वह किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में नहीं बताता जो उसने बपतिस्मा दिया हो अन्यथा—केवल स्टिफनस के घराने को सम्मिलित करता है ताकि ईश्वरीय कृपा की दिशा और स्पष्टता दिख सके: वह सब कुछ प्रभूत है, किन्तु प्रत्येक ईश्वर की योजना के अनुसार।
मुख्य संदेश: ईश्वर का अनुग्रह और संप्राप्ति की रचना
इस वचन में दिखता है कि बपतिस्मा देना या न देना एक व्यक्तिगत आचरण नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रभुत्व की एक अभिव्यक्ति है. पौलुस अपने अनुभव से यह बताना चाहते हैं कि प्रेरितों के कार्यों के बावजूद, प्रभु का काम लोगों के चयन के पीछे है. वह यह भी संकेत देता है कि चर्च में उपस्थित वे लोग जो उसने बपतिस्मा दिए, वे भी ईश्वर की योजना की एक भागीदारी मात्र हैं—परन्तु उसे यह भी समझना चाहिए कि अन्य किसी की बपतिस्मा की कमी को लेकर चिंता नहीं होनी चाहिए; यह सब परमेश्वर की इच्छा से होता है.
शब्दार्थ और चित्र
- बपतिस्मा: नये जन्म और पवित्रता का प्रतीक; यह व्यक्ति-विशेष के बजाय समुदाय-विशेष की पवित्रता की पहचान है।
- स्तिफनास के घराने: एक छोटी-सी परिवार-परिवारणी जो उस समय के विश्वासी समुदाय का हिस्सा है; यह बताता है कि प्रेरित ने व्यक्तिगत प्रबन्धन से ऊपर ईश्वर के विश्वासयोग्य लोगों के बीच बपतिस्मा दिया।
संबद्ध-पवित्र ग्रंथ
क्रियासमाचार 18:8 में कोरथास की रूढ़ि और 3:22-28 में प्रेरितों के कार्य—ये दिखाते हैं कि लोग किस प्रकार प्रभु के कार्य के वाहक बनते हैं. साथ ही, यूहन्ना 6:44 बताता है कि पिता अनुग्रह से बुलाते हैं; यह संदर्भ इस विचार को मजबूत करता है कि बुलाहट और बपतिस्मा के निर्णय परमेश्वर के योजना-परक कार्य हैं, हमारे मानवीय मूल्यांकन से परे।
परोपकारी सत्य और अनुकूलन
- ईश्वर के अनुग्रह की दिशा सभी विश्वासियों के लिए समान नहीं होती; हर एक के लिए वे चुनते हैं जिन्हें वे अपने भवन/चर्च के निर्माण में डालना चाहते हैं।
- हमारे लिए सीख: कभी-कभी हम दूसरों के बारे में नहीं जानते कि वे किस तरह ईश्वर की योजना में भागीदार बने; धैर्य रखें और प्रभु के प्रति विश्वास बनाए रखें।
2–3 cross-references (संक्षेप)
इन से जुड़े संदेह/चिंताएं कम होती हैं और विश्वास की सच्ची प्रकृति उजागर होती है: सब कुछ ईश्वर के द्वारा होता है और हमारी भागीदारी उसका एक हिस्सा है।
आज के लिए अप्लिकेशन
- चर्च में विविध प्रतिभाओं के बावजूद, हम यह याद रखें कि प्रभु किसे बुलाते हैं और कब. अपने अनुभाग के भीतर ईश्वर के लिए स्पष्टता और नम्रता बनाए रखें।
- दूसरों के बारे में निर्णय लेने से पहले प्रार्थना करें; यह याद रखें कि अनुग्रह के मार्ग में हर दया का स्रोत परमेश्वरा है。