1 कुरिन्थियों 1:31 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, “जो घमण्ड करे वह प्रभु में घमण्ड करे।” (2 कुरि. 10:17)

1 कुरिन्थियों 1:31 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 कुरिन्थियों 1:31 का स्पष्ट अर्थ

जो घमण्ड करे वह प्रभु में घमण्ड करे। इसका मूल संदेश यह है कि किसी भी मूल्यवान उपलब्धि का बाहरी उन्नति-श्रेय ईश्वर की कृपा के कारण है; इसलिए मसीह में बने रहने और उसके क्र stainless नहीं, बल्कि घमण्ड केवल प्रभु के कार्यों में निहित होना चाहिए।

पृथक पृष्ठभूमि

पौलुस ने कलीयुम के भीतर फूट और अलगाव के बीच आलोचनात्मक सवाल उठाए। यहां वह अपने पाठकों को याद दिलाते हैं कि संसार की समझ से मिलने वाली सफलता-प्राप्तियाँ, चाहे वे कितनी भी बड़ी लगें, परमेश्वर के उद्देश्य को नहीं छिपातीं; असली महिमा ईश्वर की दिखलाती है। जैसे 2 कुरिन्थियों 10:17 में भी इसका संकेत मिलता है, कि जो घमण्ड करे वह प्रभु में घमण्ड करे, न कि अपने आत्म-गौरव में।

व्याख्यात्मक टिप्पणी

- प्रभु में घमण्ड का अर्थ एक ऐसी आत्म-गौरव-घटना है जो ईश्वर के कार्यों से मुक्त नहीं, बल्कि उन्हीं पर निर्भर है। जो कुछ भी हम करते हैं, उसका आधार और केंद्र ईश्वर की कृपा है।

- प्रेरित पवित्र लेखन बताता है कि चूँकि मसीह ने परम प्रेम के साथ हमारा उद्धार किया है, इसलिए हमारी सफलता और ज्ञान उसकी महिमा के लिए समर्पित होनी चाहिए, न कि हमारे अपने सम्मान के लिए।

छह अनुभागीय सार

  • ईश्वर की कृपा का आधार: सब कुछ उसी के द्वारा किया गया है।
  • हमारी भूमिका: विश्वास में स्थिर और नम्र बने रहना।
  • कथा का ध्येय: प्रभु की महिमा प्रकाशित करना, न कि अपनी महानता दिखाना।
  • आत्म-गौरव से दूर रहना: मान-प्रतिष्ठा को ईश्वर के स्थान पर न रखें।
  • कलीसिया का चिकित्सक पाठ: एकता में ईश्वर की योजना पर भरोसा करना।

क्रॉस-रेफरेंसेस के साथ संक्षिप्त जोड

- 2 कुरिन्थियों 10:17 का सार: जो घमण्ड करे वह प्रभु में घमण्ड करे; इसका संदर्भ यहाँ बताता है कि वास्तविक महिमा ईश्वर की है।

- ईफिसियों 2:8-9: उद्धार का उपहार विश्वास के द्वारा है, न कि हमारे कारणों से, ताकि कोई घमण्ड न कर सके।

- जोहेन 3:30: “मेरे से बढ़कर वह बढ़े”—के साथ अंतःकरण की प्रभु-गति की प्रेरणा जुड़ी है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हमारी उपलब्धियों को ईश्वर की कृपा के प्रकाश में देखना चाहिए और उनके लिए चिह्न कैसे बनते हैं, यह चिन्तन करना चाहिए। हर सफलता के पीछे प्रभु की दिशा को मान्यता दें, ताकि हमारी गवाही एकता और नम्रता से भरी रहे।

संदेश का संक्षिप्त निष्कर्ष

जो घमण्ड करे वह प्रभु में घमण्ड करे, क्योंकि हमारी शक्ति, बुद्धि और उपलब्धियाँ ईश्वर की कृपा से आती हैं। हमारी पहचान मसीह में है, न कि हमारे अपने गौरव में।

धार्मिक संदर्भ-निर्देश

यह पाठ कलीसिया को एकता और नम्रता के साथ प्रभु की महिमा के केंद्र में रहने के लिए प्रेरित करता है।

उद्धरण-नोट: यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण चाहते हैं, तो नीचे संकेतित शुद्ध पाठ केवल उन्हीं से मिलान योग्य छोटे उद्धरणों के लिए है, ताकि पूरी सामग्री नये हिन्दी पाठ के अनुरूप बने।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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