1 कुरिन्थियों 1:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

कहाँ रहा ज्ञानवान? कहाँ रहा शास्त्री? कहाँ रहा इस संसार का विवादी? क्या परमेश्‍वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया? (रोम. 1:22)

1 कुरिन्थियों 1:20 पद-दर-पद बाइबल टीका

पाठ के बारे में एक नज़र: 1 कुरिन्थियों 1:20

यह पद पौलulus के लिखे गए विराम में ईश्वर की विचित्र चतुराई की महिमा पर केंद्रित है। संसार के ज्ञान और विवेक को जो लोग मानते हैं वे अक्सर ईश्वर की घोषणा—यानी मसीह क्रूस—को मूर्खता मानते हैं। इस आयत में दिखाया गया है कि परमेश्वर का ज्ञान मानव की धारणा से बहुत ऊपर है और क्रूस के संदेश में गूढ़ सत्य छुपा रहता है जिसे विश्व नहीं समझ पाता।

पद-पाठ का संदर्भ और अध्यायीन क्रम

1 कुरिन्थियों 1:20 संदर्भ में यह समूह-चर्च के भीतर विचारों के टकराव को उजागर करता है: विद्वान, शास्त्री और विवादी—तीनों को परमेश्वर के योजना के विरोधी नहीं, बल्कि उनके पक्ष में एक मजबूत संकेत मिलता है कि संसार का ज्ञान परमेश्वर के चान्दनी-ज्ञान के सामने कितना मृगतृष्णा है। इससे पूर्व और बाद के पदों में पौलुस विविध लोग—धनी, गरीब, ज्ञानी और अयोग्य—के बीच ईश्वर की कृपा की समानता बताते हैं।

मुख्य सीख

  • ईश्वर का ज्ञान मानवीय विवेक से भिन्न है और यह क्रूस के माध्यम से प्रकट होता है।
  • विश्व के विद्वान कहते हैं कि वे नहीं समझते परन्तु परमेश्वर उनके ज्ञान को मूर्खता ठहराते हैं।
  • ध्रुव प्रश्न यह कि वास्तविक बुद्धिमानी वह है जो परमेश्वर के कार्यों पर निर्भर करती है, न कि इस जगत की सोच पर।

पवित्र ग्रंथों में समकक्ष विचार

- रोम 1:22 में कहा गया है कि वे ज्ञान का रञ्जन करते हैं, परन्तु प्रकृति में परमेश्वर की सगुणता को नहीं देख पाते।

- Col 2:8 बताता है कि दूरगामी मानव-शास्त्रियाँ जहाँ तक सांसारिक ज्ञान तक सीमित हैं, लेकिन ईश्वर की गहरी सच्चाइयों को नहीं पकड़ पातीं।

गंभीर अनुप्रयोग

हम भी अकसर अपनी बुद्धि और अनुभव पर निर्भर रहते हैं। इस पद से सीख मिलती है कि वास्तविक समझ वही है जो मसीह की क्रूस की शिक्षाओं को मानती है—प्रेम, विनम्रता और उद्धार की योजना। चर्च-जीवन में शक्तिशाली संदेश वह है जो क्रूस के द्वारा पाप की ग्लानि और उद्धार की आशा को स्पष्ट करता है, न कि बाहरी ज्ञान के प्रदर्शन को।

क्रॉस-रेफरंस और उनका संक्षिप्त संबंध

- रोम 1:22-23: वे ज्ञान को मूर्खता समझते हैं, परन्तु ईश्वर ने उसे सही रूप में प्रस्तुत किया। यह इसी आयत के तात्त्विक पाठ से जुड़ता है कि मानव-ज्ञान भिन्न है, पर ईश्वर की उद्धार-योजना अपरिवर्तनीय।

- 2 कुरिन्थियों 3:5: हमारी क्षमता नहीं, पर ईश्वर की कृपा से मिलता हुआ ज्ञान है, जो आत्मा के द्वारा प्रकट होता है।

- मिसालतः याकूब 3:17: परमेश्वर की बुद्धि शांति, पवित्रता, मधुरता और विवेक से भरी है; यह संसार के तर्क से उलट है।

संक्षेप में निष्कर्ष

1 कुरिन्थियों 1:20 यह स्मरण कराता है कि वास्तविक बुद्धिमानी वह है जो ईश्वर के क्रूस-योजना में निहित है। संसार के विद्वान चाहे जितना भी ज्ञान-कूट हो, परमेश्वर की परख के सामने वे अक्सर अधूरा ठहरते हैं। हमारे विश्वास की कसौटी यह है कि क्या हम उन निम्न-सीधी बातों को मानते हैं जो ईश्वर ने मसीह में प्रकट कर दी हैं—एक क्रूस-आशीष जो उद्धार का स्रोत बनती है।

याद रहे: जो मूर्खतापूर्ण लगता है वह परमेश्वर के सामर्थ्य को दर्शाता है; जो शख्स नीचे झुककर प्रेम के साथ क्रूस के संदेश को ग्रहण करता है, वही वास्तविक ज्ञान को समझ पाता है।

चयनित उद्धरण (public-domain टिप्पणीकारों से): "इस संसार की बुद्धि परमेश्वर की दृष्टि में मूर्खता है..." (समृद्ध सार को समन्वित किया गया है; Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के छोटे-छोटे भावनात्मक संक्षेप संकेत अनुदेशन के रूप में शामिल हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 कुरिन्थियों 1:20 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

रोमियों 1:22 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 1:22 (HINIRV) »
वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए, (यिर्म. 10:14)

1 कुरिन्थियों 1:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 1:19 (HINIRV) »
क्योंकि लिखा है, “मैं ज्ञानवानों के ज्ञान को नाश करूँगा, और समझदारों की समझ को तुच्छ कर दूँगा।” (यशा. 29:14)

अय्यूब 12:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 12:17 (HINIRV) »
वह मंत्रियों को लूटकर बँधुआई में ले जाता, और न्यायियों को मूर्ख बना देता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें