Old Testament
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1 कुरिन्थियों 13:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अब हमें दर्पण में धुँधला सा दिखाई देता है; परन्तु उस समय आमने-सामने देखेंगे, इस समय मेरा ज्ञान अधूरा है; परन्तु उस समय ऐसी पूरी रीति से पहचानूँगा, जैसा मैं पहचाना गया हूँ।
1 कुरिन्थियों 13:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 कुरिन्थियों 13:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 यूहन्ना 3:2 (HINIRV) »
हे प्रियों, अब हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब यीशु मसीह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि हम उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वह है।

2 कुरिन्थियों 3:18 (HINIRV) »
परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे* से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश-अंश कर के बदलते जाते हैं।

धुँधला दर्पण और भविष्य की स्पष्ट दृष्टि: 1 कुरिन्थियों 13:12 का पाठ-विश्लेषण
मुख्य निष्कर्ष: अभी हमारी ज्ञान- सीमा है; परन्तु भविष्य में ईश्वर से मिलने पर वह सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा, जैसे एक व्यक्ति को पूर्ण रूप से पहचाने जाने पर पहचाना गया है। यह पंक्ति सांसारिक अनुमान और पूर्णता की ओर प्रेरित करती है — विश्वास में धैर्य, प्रेम की कसौटी और परिपक्वता की प्रतीक्षा।
संदर्भ-योजना: साहित्यिक संदर्भ के आधार पर पाठ की बुनावट
पद 12 में पौलुस का दृष्टिकोण पारंगत ज्ञान के प्रतीक “दर्पण” के माध्यम से है। दर्पण आम तौर पर अस्पष्ट प्रतिबिंब दिखाता है; परन्तु भविष्य में, जागृत चेतना में, हम “सीधी दृष्टि” से देखेंगे—यानी दिव्य ज्ञान संघर्षपूर्ण प्रेरित चर्चावृत्यों के पश्चात पूर्णता की स्थिति। इस पाठ में प्रेम (13 अध्याय) के संपूर्ण संदर्भ में यह उद्घाटन है कि जैसे-तैसे चल रहे विश्वास की अंतिम रीति-रिवाज एक दिन स्पष्ट हो जाएगी।
आध्यात्मिक महत्व: तीन मील के पत्थर
प्रमुख विचार खुले तौर पर: आधुनिक पाठ के साथ संबंध
यहाँ दर्पण-युक्त उपमeka से प्रेरित है कि अभी हमारा ज्ञान “धुँधला” है; परन्तु असली समय आने पर हम उसी प्रकार पहचान पाएंगे, जैसे पहचाना गया होता है। यह संदेश हमें धैर्य के साथ, वास्तविक प्रेम को प्राथमिकता देकर जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है, क्योंकि ज्ञान और प्रभु-चिंतन की परिपक्व अवस्था अंततः प्रेम की ममता और ईमानदारी से जुड़ी है।
पश्च-शोध: पवित्रशास्त्र के साथ संबंध
प्रकाश-यानी ज्ञान के पूर्ण रूप से मिलन के लिए नीचे के क्रॉस-रेफरेंसेस उपयोगी हैं:
प्रतिबिम्ब-प्रश्न: विचार-योग्य प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
1 कुरिन्थियों 13:12 में एक प्रकाशन-योग्य आशा है: अभी हमारी दृष्टि धुँधली है, किन्तु भविष्य में जब हम प्रभु के साथ मिलेंगे, तब वह सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। यह अटूट विश्वास देता है कि प्रेम ही वह ढाँचा है जो ज्ञान और अनुभूति दोनों को परिपूर्ण बनाता है। हमारी ज़िम्मेदारी है—धैर्य रखें, प्रेम को अहम दें, और अपने ज्ञान को सामने वाले दिन के लिए तैयार करें।
नोट: इस पाठ के हल्के उद्धरणों के लिए Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणी-रचनों के समान विकास का संकलन किया गया है; आवश्यक छोटी-छोटी प्रतिलिपियाँ नीचे शामिल हैं अगर उपयुक्त मिलें:
“Now we see through a glass, darkly” – Matthew Henry का संकल्पना-उद्धरण (यदि उपलब्ध हो तो मात्र संकेत के रूप में).