Old Testament
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1 कुरिन्थियों 8:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अतः मूरतों के सामने बलि की हुई वस्तुओं के खाने के विषय में हम जानते हैं, कि मूरत जगत में कोई वस्तु नहीं*, और एक को छोड़ और कोई परमेश्वर नहीं। (व्य. 4:39)
1 कुरिन्थियों 8:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 कुरिन्थियों 8:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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व्यवस्थाविवरण 4:39 (HINIRV) »
इसलिए आज जान ले, और अपने मन में सोच भी रख, कि ऊपर आकाश में और नीचे पृथ्वी पर यहोवा ही परमेश्वर है; और कोई दूसरा नहीं। (1 कुरिन्थियों. 8:4)

व्यवस्थाविवरण 6:4 (HINIRV) »
“हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है; (मर. 12:29-33)

यशायाह 41:24 (HINIRV) »
देखो, तुम कुछ नहीं हो*, तुम से कुछ नहीं बनता; जो कोई तुम्हें चाहता है वह घृणित है।
1 कुरिन्थियों 8:4 — संदर्भ के साथ सरल व्याख्या
पृष्ठभूमि: कुरिन्थ के ईसाइयों को मूरत-पूजा के साथ असंबद्ध रहने की सीख देते हुए प्रेरित पॉल यह स्पष्ट करते हैं कि मूरतों के सामने बलि-वस्तुओं के खाने पर उनका विवेक परम सत्य के अनुरूप हो। वे यह बताते हैं कि संसार में माता-पिता की पूजा या मूर्ति केवल धारणाओं तक सीमित है; पश्चात् ईश्वर एक ही परम है, और मूर्तियाँ मानव सोच से बनायी गयी धारणाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं।
मुख्य तथ्य और अर्थ
इस verses में पॉल कहता हैं: कई मूरतों की पूजा के विषय में सच वह नहीं है कि पदार्थों का कोई वास्तविक अस्तित्व मूरत में है, बल्कि असल में “मूरत” एक कल्पना है; परमेश्वर ही सच है और उसके अतिरिक्त अन्य कोई ईश्वर नहीं। अतः मूरत की खाने की बात उस स्थिति पर निर्भर है जिसमें आपका मन और समर्पण हो। यदि आप मूरत के सामने खाएं भी, तो आपके हृदय की प्रेरणा कैसी है, यह अधिक मायने रखता है।
दो-तीन प्रमुख विषय
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)
- भूमिकात्मक विचार: रोम 14 के विश्वास-संवेदन और पर्यवेक्षण के बारे में आगे-जाने से यह दर्शाता है कि कैसे चित्त की शुद्धता और प्रेम दूसरों के लिए उन्नत होना चाहिए।
- याकूब 2:1-9 जैसे संदेश से समझ आता है कि ईश्वर के गम्भीर निर्णयों के समय पक्षपात और अंधविश्वास उचित नहीं।
- रे 1:1-3 जैसे पाठ से यह समझ बनती है कि परमेश्वर के लिए एकता और एक-दूसरे के हित की धारणा महत्त्वपूर्ण है।
व्यावहारिक प्रभाव
1 कुरिन्थियों 8:4 का व्यवहारिक सुझाव यह है कि जब आप किसी खाद्य पदार्थ का सेवन कर रहे हों, तो समाज की दृष्टि और उनके विश्वासों पर विचार करें। यदि भोजन किसी के विश्वास को ठेस पहुँचाने की सम्भavना है, तो विनम्रता दिखाते हुए उसे छोड़ दें ताकि प्रेम और एकता बनी रहे।
संक्षिप्त निष्कर्ष
इस पद में पॉल बताता है कि मूर्तियाँ केवल मानव कल्पना हैं और परमेश्वर एक ही है। ईश्वर के उत्तर और सच्चाई के प्रकाश में, क्रिश्चियन भोजन-चयन में विवेक, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दें।
संक्षिप्त उद्धरण (जन-उद्धरण स्रोत)
यदि आवश्यक हो, तो नीचे के अपेक्षित संदर्भों से विचारों को संरेखित किया जा सकता है, परन्तु मूल पाठ के सार को बनाए रखें:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-domain विचारों से संचित सार-उद्धरण: "मूर्तिपूजा से ऊपर ईश्वर है; वस्तुएँ मात्र प्रतीक हैं" (संक्षेपित भाष्य-रेखा). किसी भी प्रस्तुति में पूर्ण विस्तृत उद्धरण की जगह, केवल आवश्यक और संपूर्ण विचार प्रस्तुत किया गया है।