Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 कुरिन्थियों 8:11 बाइबल पद की व्याख्या
1 कुरिन्थियों 8:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस रीति से तेरे ज्ञान के कारण वह निर्बल भाई जिसके लिये मसीह मरा नाश हो जाएगा।
1 कुरिन्थियों 8:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 कुरिन्थियों 8:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

रोमियों 14:15 (HINIRV) »
यदि तेरा भाई तेरे भोजन के कारण उदास होता है, तो फिर तू प्रेम की रीति से नहीं चलता; जिसके लिये मसीह मरा उसको तू अपने भोजन के द्वारा नाश न कर।

रोमियों 15:1 (HINIRV) »
अतः हम बलवानों को चाहिए, कि निर्बलों की निर्बलताओं में सहायता करे, न कि अपने आप को प्रसन्न करें।

1 कुरिन्थियों 8:13 (HINIRV) »
इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाएँ, तो मैं कभी किसी रीति से माँस न खाऊँगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूँ।
व्याख्या का सार: इस रीति से तेरे ज्ञान के कारण वह निर्बल भाई जिसके लिये मसीह मरा नाश हो जाएगा
सीधे शब्दों में कहा जाए तो यह वचन हमें बताता है कि व्यक्ति का ऐसा आचरण जो दूसरों के विश्वास को आघात पहुँचाता है, वह उनके बचने के मार्ग को विकृत कर सकता है। यहाँ ज्ञान परमेश्वर के वचन के प्रकाश में मार्गदर्शक है, पर यदि वह ज्ञान प्रेम के बिना प्रयोग किया जाए तो वह निर्बलों के लिए पतन का कारण बन सकता है।
पाठ का पृष्ठभूमि
1 कुरिन्थियों के Kapitel 8 में प्रेरित पॉल ने बतलााया कि बाइबल की कुछ वस्तुएँ, जैसे कि भोजन, खुलेआम उपलब्ध होने पर भी, हर किसी के विश्वास के विकास के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता। कुरिन्थ के ईसाई समुदाय में कुछ सदस्य पामरस (यहां "शाकाहार-या-नोट") के बारे में उत्साहपूर्वक विचार रखते थे, जबकि अन्य उनके फैसले पर विचार-विमर्श कर रहे थे। पॉल यह स्पष्ट करते हैं कि ज्ञान को प्रेम के साथ संयोजित नहीं किया गया तो वह इह की आत्माओं के लिए घातक हो सकता है।
अन्वेषणीय टिप्पणियाँ
- ज्ञान सरल रूप में सत्य को जानना है, पर इसे प्रेम के बिना प्रयोग करना दूसरों के लिए रोड़े बन सकता है।
- मसीह की कीमत पर निर्भर रहने वाले निर्बल भाई-भगते होते हैं; उनका संकट उनके विश्वास की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
- व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सही उपयोग समुदाय की सुरक्षा और सौहार्द के अनुरूप होना चाहिए।
मुख्य विचार (थीमैटिक नमूना)
अनुदेशात्मक cross-references
- रोमियों 14:1-3: मतभेदों के बीच सामान्य विश्वास को बनाए रखने के लिए सहनशीलता की आवश्यकता। यहाँ एक-दूसरे के विश्वास की बेइज्जती से बचना जरूरी है।
- गया नीतियों 3:14-15 (यूहन्ना 13:34-35): प्रेम को नयाcommandment मानना और एक दूसरे के लिये प्रेम को दिखाने की महता।
- हिब्रियों 10:24-25: समुदाय की प्रेरणा के लिए एक दूसरे के आस्था के लिये सोच-विचार और संगत बनाए रखना जरूरी है।
पवित्र-वाक्यों के संदर्भ परिचय
यह पंक्तियाँ दिखाती हैं कि ज्ञान का सही उपयोग कैसे निर्बलों के हित में हो सकता है और कैसे दृष्टिकोण में प्रेम का अभाव तब दुखद परिणाम देता है।
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
अपने अधिकारों और स्वतंत्रताओं का विवेकपूर्ण प्रयोग करें, ताकि ज्ञान प्रेम से संचालित हो और निर्बलों के विश्वास को चोट न पहुँचे। समुदाय के बीच संतुलन बनाए रखना ईसाई जीवन का प्रमुख पहलू है।
कौन से पौराणिक टिप्पणियाँ उपयोगी हैं
यहाँ न्यूनतम उद्धरण हैं जो मद्द-समय में सहायता करते हैं:
मैथ्यू हेनरी: “ज्ञान बिना प्रेम के लाभ नहीं है; प्रेम ही वह मार्ग है जो विश्वास को स्थिर बनाता है।”
एलबर्ट बार्न्स: “स्वास्थ्यपूर्ण विश्वास वही है जो दूसरों के लिए आस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से हो।”
एडम क्लार्क: “जहाँ ज्ञान द्वेष या कठोरता द्वारा प्रकट होता है, वहाँ मसीह की नीति प्रेम है।”
महत्वपूर्ण उद्धरण: “नाश हो जाएगा” का संकेत यह है कि निर्बल भाई के लिए हमारी क्रिया-क्रिया किस प्रकार पथभ्रष्ट कर सकती है; इसे जाँचते हुए प्रेरित पॉल ने समुदाय-जीवन के लिए सावधान आचरण सुझाए।