1 शमूएल 15:26 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

शमूएल ने शाऊल से कहा, “मैं तेरे साथ न लौटूँगा; क्योंकि तूने यहोवा की बात को तुच्छ जाना है, और यहोवा ने तुझे इस्राएल का राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।”

पिछला पद
« 1 शमूएल 15:25
अगला पद
1 शमूएल 15:27 »

1 शमूएल 15:26 पद-दर-पद बाइबल टीका

सीधे अर्थ का सार

1 शमूएल 15:26 में शमूएल कहतें हैं कि वह शाऊल से अब वापस नहीं जायेंगे, क्योंकि शाऊल ने यहोवा की बात को तुच्छ जाना है। यह उस बात की पुष्टि है कि राजा के पद के लिए चुना गया व्यक्ति परमेश्वर के मानक पर चला नहीं और इसलिए उसका राजा-होना सचमुच मान्य नहीं रहा।

संदर्भीय पृष्ठभूमि

यह अध्याय इस्राएल के पिछले राजा शाऊल की कथा के अंत की ओर है। परमेश्वर ने शाऊल को यहूदा में ईश्वर की आज्ञा के अनुसार एक विशिष्ट युद्ध-कार्य के लिये चुना था, परन्तु वह हर बार यहोवा की बात को मानने में असफल रहा। इनमें से सबसे प्रमुख कसौटी यह थी कि उसने अहमत्यों (अफीम) की निंदा को नहीं माना और रानी-प्राप्ति के बाद भी परमेश्वर के आदेशों के विपरीत पेश आया।

व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ

- परमेश्वर के चयन पर शाऊल की विश्वसनीयता प्रश्नांकित हो गई। जब उसने संपूर्ण आक्रमण करने के बजाय कुछ पशुओं को बचाने को शक्ति का प्रदर्शन समझा, तब यह स्पष्ट हो गया कि उसने परमेश्वर के हृदय-आदेश से दूरी बना ली।

- शमोएल का इंकार सुनकर शाऊल का बहाना-संवाद बताता है कि वह आत्म-तुष्टि के उपाय ढूंढ रहा है, न कि ईश्वर के आदेश की पूर्णता। यह हम सभी के लिये चेतावनी है कि धर्मनिष्ठा केवल दिखावे में नहीं, बल्कि प्रत्येक कदम पर ईश्वर की राह को मानना जरूरी है।

मुख्य विचारों की छोटी सूची

  • ईश्वर की करुणा और नैतिकता अभिनय के आगे सर्वोपरि रहती है।
  • आज्ञा-उल्लंघन का परिणामस्वर देर तक नहीं टलता; परमेश्वर न्याय करता है।
  • यद्यपि लोग असफल होते हैं, परमेश्वर का उद्देश्य और वादा स्थिर रहता है।

अनुसंग-पाठ (Cross-references) और उनके सार

- दाऊद के समय के साथ संरेखण: परमेश्वर के चयन की वजह से राजा भिन्न होते हैं; यह बताने की कोशिश है कि आचरण में ईमानदारी अधिक महत्त्वपूर्ण है।

- परमेश्वर के आदेश का पालन बनाम मानवीय रणनीति: एक ही वक्त पर यह स्पष्ट करता है कि आशीर्वाद तभी होता है जब परमेश्वर कहे अनुसार क्रिया हो।

व्यावहारिक निष्कर्ष

यह पद reminding देता है कि सत्ता में रहते हुए भी कठोर ईमानदारी बनाए रखना आवश्यक है। जो अपने हृदय में यह मान कर चलता है कि मैं कर सकता हूँ, उसे परमेश्वर के निर्देशों को पूरी निष्ठा से मानना चाहिए।

कुल मिलाकर निष्कर्ष

शमूएल 15:26 हमें याद दिलाता है कि राजा के पद पर आसीन व्यक्ति का वास्तविक मानक ईश्वर के सामने उसकी आज्ञाओं का पालन है, न कि रणनीतिक बुद्धि या बाहरी सफलता। यह एक ऐसी चेतावनी है जिसे हर उस पाठक को आत्म-विश्लेषण के लिये प्रेरित करना चाहिए जो अपने अधिकार और जिम्मेदारियों को ईश्वर की दृष्टि से सही ठहराना चाहता है।

नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से मिलती-जुलती विचार-धाराओं के संक्षेप संदर्भ के रूप में उनकी संयुक्त धारणाओं का सार प्रस्तुत किया गया है; जहाँ उपयुक्त हो, उनके संक्षिप्त उद्धरण जो सार्वजनिक domain में हैं, प्रवेशित हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 15:26 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 शमूएल 13:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 13:14 (HINIRV) »
परन्तु अब तेरा राज्य बना न रहेगा; यहोवा ने अपने लिये एक ऐसे पुरुष को ढूँढ़ लिया है जो उसके मन के अनुसार है; और यहोवा ने उसी को अपनी प्रजा पर प्रधान होने को ठहराया है, क्योंकि तूने यहोवा की आज्ञा को नहीं माना।” (प्रेरि. 13:22)

होशे 4:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
होशे 4:6 (HINIRV) »
मेरे ज्ञान के न होने से मेरी प्रजा नाश हो गई; तूने मेरे ज्ञान को तुच्‍छ जाना है, इसलिए मैं तुझे अपना याजक रहने के अयोग्‍य ठहराऊँगा। इसलिए कि तूने अपने परमेश्‍वर की व्यवस्था को त्याग दिया है, मैं भी तेरे बाल बच्चों को छोड़ दूँगा।

1 शमूएल 16:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 16:1 (HINIRV) »
यहोवा ने शमूएल से कहा, “मैंने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भर कर चल; मैं तुझको बैतलहमवासी यिशै के पास भेजता हूँ, क्योंकि मैंने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है*।” (लूका 3:31-32)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें