1 शमूएल 15:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और जो इस्राएल का बलमूल है वह न तो झूठ बोलता और न पछताता है; क्योंकि वह मनुष्य नहीं है, कि पछताए।” (इब्रानियों. 6:18)

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1 शमूएल 15:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

पassage का त्वरित संदर्भण (1 शमूएल 15:29)

यह पद उस समय का संदर्भ देता है जब परमेश्वर ने शमूएल के माध्यम से यह बात कही कि इस्राएल का बलमूल वही है जो झूठ नहीं बोलता और न पछताता; क्योंकि वह मनुष्य नहीं है, कि पछताए। यह कथन दाऊद की भावनाओं और दिव्य निणयों में स्थिरता का संकेत है, जहाँ परमेश्वर के शाप और वचन पर दृढ़ विश्वास को प्रमुख माना गया है।

ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो सीख मिलती है

यह वचन दर्शाता है कि परमेश्वर अपने वचनों में सदा निष्ठ है और अपने निवास के अनुरूप नहीं बदलता। जिस प्रकार पश्चात्ताप के साथ इंसान असफल हो सकता है, वैसा परमेश्वर के प्रति नहीं है; वह अविचल, विश्वासयोग्य और निर्भ्रांत है। यह बताता है कि हमारे जीवन की स्थिरता परमेश्वर के विश्वसनीय भविष्यवाणी-शासन में है, न कि मानवीय परिवर्तनशीलता में।

मुख्य शब्दों/चित्रों की व्याख्या

  • बलमूल— प्रेरित नहीं, बल्कि मतभेद और असत्य के क्षेत्र से आलोचना की ओर इशारा करता है; यहाँ यह शब्द एक निष्ठा और ईमानदारी के प्रतिरूप के रूप में समझा गया है।
  • न झूठ बोलना— परमेश्वर के बारे में उसकी सच्चाई और पैमाने की निशानी; वह कभी भ्रम और झूठ का स्रोत नहीं है।
  • न पछताता— वह इतनी दृढ़ है कि उसकी योजना और वचन का पलटना संभव नहीं।

संबंधित पद (क्रॉस संदर्भ) और उनका छोटा स्पष्टीकरण

  • इब्र 6:18— दो बार किए गए शब्दों के कारण ईश्वर की स्थिरता का आश्वासन; यह दिखाता है कि इनमें से किसी भी प्रतिज्ञा से पीछे हटना असम्भव है।
  • याकूब 1:17— हरGOOD और पूर्ण वरदान का स्रोत परमेश्वर है; स्थिरता उसकी प्रकृति है, मनुष्य की नहीं।
  • तमिस्नि 3:6— परमेश्वर के वचन की अपरिवर्तनीयता और उसकी योजनाओं की परिपक्वता; वह अपने वचनों में विश्वासयोग्यता दिखाते हैं।

आधुनिक अनुप्रयोग

आज के जीवन में हम अक्सर निर्णयों के दौर से गुजरते हैं जहाँ निर्णय जल्दी-जल्दी और भावनात्मक प्रबलता पर आधारित होते हैं। यह वचन स्मरण कराता है कि परमेश्वर का वचन और उसकी प्रतिज्ञा स्थिर हैं। हमारे निर्णयों में ढलान से बचने के लिए हमें भरोसा रखना चाहिए कि ईश्वर का उद्देश्य और उसका मार्ग सत्य के साथ चलता है। कठिन समय में भी वे शब्द जो वह पहले से देते हैं, उसी स्थिति में हमारे लिए मार्गदर्शक बने रहते हैं।

संयोजनात्मक अंतर्दृष्टि

यह पाठ, जैसे पुराने टिप्पणीकारों ने भी कहा है, यह दृढ़ करता है कि परमेश्वर के ऐतिहासिक वचन और उसके आस्थायुक्त निर्णय का भरोसा हमारे जीवन की सुरक्षा है। देखें: परमेश्वर कभी झूठ नहीं बोलेगा, न पछताएगा—यह हमारे विश्वास का आधार है और हमारी प्रार्थनाओं में स्थिरता देता है।

नोट: नीचे दी गई उद्धरण पंक्तियाँ केवल पारिवारिक संदर्भ के अनुसार संक्षेप हैं; पूर्ण पाठ सामग्री उद्धृत नहीं है।

मुख्य उद्धरण से सम्बंधित टिप्पणीकारों के स्पष्ट शब्द (अगर उपलब्ध हों):

Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के समाननिष्ठ विचारों के अनुसार, परमेश्वर की सच्चाई और अपरिवर्तनीयता ही हमारे जीवन का आधार है, और मनुष्यों की परिवर्तनशीलता उसके विरुद्ध एक स्थाई विपरीत है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 15:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

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