1 शमूएल 30:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसलिए दाऊद उन्हें रात के पहले पहर से लेकर दूसरे दिन की सांझ तक मारता रहा; यहाँ तक कि चार सौ जवानों को छोड़, जो ऊँटों पर चढ़कर भाग गए, उनमें से एक भी मनुष्य न बचा।

पिछला पद
« 1 शमूएल 30:16
अगला पद
1 शमूएल 30:18 »

1 शमूएल 30:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 30:17 का तात्पर्य और संदर्भ

यह verse वह समय बताता है जब दाऊद ने मित्रों के साथ अपने दुश्मन नेholt, राजा शोआल के समय की हार से उपजी विपत्ति के बाद, ज़ालिमा के शहर से लूटी गई संपत्ति व अपनी सेना के साथ पलायन किया था। दाऊद और उसके सैनिकों ने चारों ओर चले० और उन चार सौ सैनिकों को पीछे छोड़ दिया जो ऊँटों पर भाग गए। इस पाठ से स्पष्ट होता है कि दाऊद ने अपने शत्रुओं के विरुद्ध कड़ा युद्ध किया और भारी क्षति उठाई, परन्तु अंततः जीवित बचे हुए लोग भी सुरक्षित नहीं थे।

मुख्य अर्थ

यह पद दिखाता है कि युद्ध और संकट के समय कितनी कठोरता चाहिए ताकि दुश्मन की योजनाओं को नष्ट किया जा सके। दाऊद ने प्रतिशोध में भी संतुलित नीति नहीं छोड़ी; उसने योजना के अनुसार मरण-भय और शत्रु के बहिर्गमन को रोकने के लिए चतुराई से हमला किया।

मुख्य विषय

  • निष्ठा बनाम क्रोध: दाऊद ने रक्त से प्रेरित दमन किया, परन्तु यह हिंसा उसकी असली लक्ष्य को नहीं बदलती।
  • हौसला और रणनीति: पर्वतीय मार्गों से लड़ाई, वीरता और संगठन की आवश्यकता दिखती है।
  • बचाव और सुरक्षा: कितने ही प्राणी शत्रु के हाथ से भागे; कुछ मरने-जीने के बीच बचे।

संबंधित पद और विचार

לה देखें: संभव cross-reference नीचे दिए गए हैं; प्रत्येक से जुड़ा छोटा विचार:

  • 1 शमूएल 30:8 — दाऊद ने परमेश्वर से मार्ग मांगा औरapas अपने भाग्य की योजना बनाई। यह दिखाता है कि साहस के साथ आत्म-विश्वास के बीच आध्यात्मिक मार्गदर्शन का संतुलन आवश्यक है।
  • यहोशू 6:5 — योजना और रक्षा-व्यूह की सटीकता पर बल; एक संगठित आक्रमण कैसे बड़े नुकसान कर सकता है।
  • भजन 18:37 — दुश्मन पर अजेय विजय पाने के लिए दृढ़ विश्वास और परिश्रम की कथा।

व्यावहारिक चिंतन

इस verse से सीख मिलती है कि कठिन समय में भी धैर्य और विवेक बनाए रखना चाहिए। अपराध-चिह्न में न घबराएं, बल्कि रणनीति के साथ संकट का सामना करें। साथ ही, जीत कितनी भी बड़ी क्यों न हो, उसमें दया और प्रतिष्ठा की चर्चा न छोड़ें।

সংক্ষिप्त समरी

1 शमूएल 30:17 यह दर्शाता है कि दाऊद ने रातों-रात हुए आक्रमण में भारी वीरता दिखाई और चार सौ जवानों के साथ, कई दुश्मनों को मार दिया या भागने को मजबूर किया। यह एक कठोर युद्ध-परिदृश्य है जिसमें साहस, योजना और परमेश्वर के मार्गदर्शन का संगम दिखता है।

बाइबिलिक संदर्भ

अपवाद-न्याय और रणनीति के बीच संतुलन को समझाने वाले 3 cross-references भी देखें: 1 शमूएल 30:8, यहश 6:5, भजन 18:37.

नोट: नीचे दिए गए उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं; पूर्ण पाठ उद्धृत नहीं किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 30:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 शमूएल 11:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 11:11 (HINIRV) »
दूसरे दिन शाऊल ने लोगों के तीन दल किए; और उन्होंने रात के अन्तिम पहर में छावनी के बीच में आकर अम्मोनियों को मारा; और धूप के कड़े होने के समय तक ऐसे मारते रहे कि जो बच निकले वे यहाँ तक तितर-बितर हुए कि दो जन भी एक संग कहीं न रहे।

भजन संहिता 18:42 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 18:42 (HINIRV) »
तब मैंने उनको कूट-कूटकर पवन से उड़ाई हुई धूल के समान कर दिया; मैंने उनको मार्ग के कीचड़ के समान निकाल फेंका।

न्यायियों 4:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
न्यायियों 4:16 (HINIRV) »
और बाराक ने अन्यजातियों के हरोशेत तक रथों और सेना का पीछा किया, और तलवार से सीसरा की सारी सेना नष्ट की गई; और एक भी मनुष्य न बचा। (रोम. 2:12)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें