1 शमूएल 30:27 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अर्थात् बेतेल के दक्षिण देश के रामोत, यत्तीर,

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1 शमूएल 30:27 पद-दर-पद बाइबल टीका

शब्दार्थ में सरल अर्थ

1 शमूएल 30:27 का प्रमाणित सार यह है कि जो लोग युद्ध–विनाश में बचे हैं, वे नगरों की सुरक्षा और राहत के लिए प्रेरित होते हैं; यहाँ कहा गया है कि वे मित्रों के लिए उपहारस्वरूप दुआएं और सहायता माँगते हैं—यानी उन्होंने बेतेल के दक्षिण देश के रामोत, यत्तीर आदि स्थानों के प्रति अपनी मांग और आशा व्यक्त की।

संदर्भिक पृष्ठभूमि

यह पाठ उस समय की घटनाओं से जुड़ा है जब दाऊद के पुरुषों का समूह युद्ध के समय अलग हो गया था और घायल और भूखे अपने शहर लौटे थे। 1 शमूएल 30 अध्याय में दुश्मनों के आक्रमण के बाद वे लौटते हैं और उनके परिजनों की गई संपत्ति आधारित सुरक्षा–योजना पर चर्चा की जाती है। यह verse उन व्यक्तियों की प्रत्यक्ष भागीदारी को संकेत करता है जो विलास या लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपनी स्थानीय संस्थाओं, हरित-क्षेत्रों और परिवारिक संरचना के लिए सहयोग चाहते थे।

व्याख्यात्मक अवलोकन

- यह आयत छोटी-सी सूची का हिस्सा है, जिसमें दाऊद के समूह की बहुपक्षीय सहयोगी माँगों का उल्लेख है।
- “बेतेल के दक्षिण देश के रामोत, यत्तीर” जैसी जगहों का उल्लेख स्थानीय निवास और सुरक्षा की प्रतीकात्मक भूमिका में है—यह दर्शाता है कि समुदाय अपने पड़ोसी शहरों और बस्तियों के साथ आपसी सहायता की भावना रखता है।
- उद्धृत के रूप में यह भाग दिखाता है कि युद्ध के बाद पुनर्निर्माण और समुदाय की स्थिरता के लिए एक संतुलित सहयोग जरूरी है।

संरचनात्मक थीम

  • स्थानीयता और पड़ोस की जिम्मेदारी
  • कठिन समय में समुदाय का एकजुट होना
  • परिवार और भाइचारे के लिए सहायता माँगना

अनुसंगत क्रॉस-रेफरेंसेज

1) रोमियों 12:13 — समुदाय में आवश्यकता के अनुसार सतत सहयोग और सहयोग की भावना। यह दिखाता है कि भाईचारे में एक-दूसरे की सहायता की भूमिका कैसे निभायी जाती है।

2) याकूब 2:15-16 — व्यावहारिक परंपरा के रूप में सहायता का तात्पर्य, बिना कर्म के विश्वास निष्क्रिय है; यहाँ स्थानीय निवासों के प्रति सहायता का विचार है।

3) कुरिन्थियों 12:26 — यदि एक अंग दुखी हो तो सारा शरीर सुध-बुध दिखाता है; समुदाय के प्रति एकजुटता इन परिस्थितियों में विशेष महत्व रखती है।

हिंदी टिप्पणी का संक्षेप

यह पदस्थानी पाठ बताता है कि युद्ध-परिणामों के बाद सामुदायिक सुरक्षा और रिश्तों की स्थिरता के लिए पड़ोसियों के बीच सहायता और एकजुटता आवश्यक है। दाऊद की टोली अपनी स्थानीय संस्थाओं के प्रति सम्मान दिखाती है और पड़ोस के शहरों की सुरक्षा-योजना में सहभागिता माँगती है।

व्यावहारिक takeaway

  1. परिवार और पड़ोस के बीच आपसी सम्मान और विचारशील मदद से स्थायित्व बना रहता है।

एतिहासिक टिप्पणीकारों के संक्षिप्त संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke ने सामान्यतः यह दर्शाया है कि संघर्ष के समय में समुदाय की एकजुटता आस्थायित चेष्टा है; यह पाठ भी उसी दिशा को पुष्ट करता है।

महत्वपूर्ण उद्धरण (यदि सम्मिलित): “...यत्तीर” प्रकार के स्थानों से जुड़े उल्लेख सामान्यतः स्थानीय सुरक्षा के प्रतीक माना गया है; पूर्ण बाइबल पाठ में यह दृश्य यह संकेत देता है कि समुदाय अपने निकट पड़ोस के साथ सहयोग बनाए रखे ताकि हर तरफ सुरक्षित रहते हुए पुनर्निर्माण हो सके।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 30:27 समानांतर पद और संबंधित वचन

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और उसने उस स्थान का नाम बेतेल रखा; पर उस नगर का नाम पहले लूज़ था।

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