1 शमूएल 30:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर उन्होंने उसको अंजीर की टिकिया का एक टुकड़ा और दो गुच्छे किशमिश दिए। और जब उसने खाया, तब उसके जी में जी आया; उसने तीन दिन और तीन रात से न तो रोटी खाई थी और न पानी पिया था।

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1 शमूएल 30:12 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 30:12 — अंजीर की टिकिया और किशमिश

यह पद बताता है कि आगरीया शहर की आपदा में इज़राइल के सैनिक और उनके परिवार एक खास क्षण में आशा पकड़ते हैं। सूखा और भूख के बीच एक छोटा-सा भोजन दूसरों के लिए जीवन का संकेत बन जाता है। पथप्रदर्शक इस अध्याय में चरित्र-परिवर्तन और ईश्वर के प्रवाह के संकेतों को उजागर करते हैं।

परोपयोगी पाठ with chapter context

1 शमूएल 30 अध्याय में दाऊद और उसके लोगों पर युवा शत्रु-आक्रमण के बाद बड़ा आघात आता है: उनकी पत्नियाँ, बच्चे, और सामान लूट लिए जाते हैं। निराशा गहरी हो जाती है, पर दाऊद की भूमिका यह दर्शाती है कि परमेश्वर से पूछकर ही साहस और नेतृत्व मिल सकता है।

verse in focus — विश्लेषण

यह verse बताती है कि उनके एक साथी ने अंजीर की टिकिया का एक टुकड़ा और दो गुच्छे किशमिश दिए। भोजन के भीतर मिलने वाला यह सुकून तीन दिन और तीन रातों के भूखेपन के बाद जरूरी तलाश को पूरा करता है। यह संकेत करता है कि दया और सहयोग कठिन समय में भी जीवित रहने की राह बनाते हैं, और ईश्वर के करुणा के साथ मानव सहभागिता एक नई आशा बनाती है।

मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा

- कठिन समय में छोटी-सी कृपा भी बड़े जीवनस्रोत बन सकती है; असहाय लोगों की राहत देने वाला कार्य परमेश्वर की योजना का भाग हो सकता है।
- भोजन का पुनःप्राप्ति और फिर से जी उठना केवल भूख की समाप्ति नहीं है, यह आस्था के पुनःस्थापना का संकेत भी है।

अनुरूप अन्य बाइबिल संदर्भ

  • यहोशू 2:8-11 — प्रभु की सहायता मिलती है जब डर और संदेह रहते हैं; विश्वास से आगे बढ़ना संभव होता है।
  • निर्गमन 16:4 — मूरख नहीं, बल्कि ईश्वर का भोजन देना, दुनिया की भूख से ऊपर एक आस्था का संकेत है।
  • होशे 2:14-15 — जब विपत्ति से उभरते हैं, तो नवीन आशा और पवित्र प्रेम फिर से प्रकट होता है।

इन संदर्भों से दिखता है कि भोजन और विश्वास एक दूसरे से गहराई में जुड़े हैं: भूख मिटना सिर्फ शारीरिक आवश्यकता नहीं, बल्कि परमेश्वर के साथ भरोसे की पुनःस्थापना है।

जीवंत अनुप्रयोग

- कठिन समय में भी हम छोटे-छोटे दयालु कर्मों की सराहना करें; कभी-कभी एक छोटा सहयोग भारी बोझ हल कर सकता है।

- अपने आचरण में आशा बनाए रखें: संकट के बीच भी परमेश्वर के पालन को याद करें, ताकि हम न तो निराश हों और न ही अपने आप को सबसे बड़ा संकटपूर्ण कारण मानें।

संक्षिप्त निष्कर्ष

तीन दिन और तीन रात के भूखेपन के बाद मिली टिकिया- किशमिश की छोटी चीज़ें दाऊद के समूह में जीवन-उत्साह जगाती हैं। यह दृश्य हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर की सहायता से कठिन समय में भी एक समुदाय एक-दूसरे के सहारे जीवित रहता है, और हर छोटे उपकार में उसकी दया के संकेत दिखते हैं।

उद्धृत टिप्पणीकारों के संकेत

यह पाठ सामाजिक-आर्थिक राहत और समुदाय के लिए प्रेरणा के रूप में भी देखा जा सकता है। अगर आप चाहें, तो Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke की सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियाँ से संक्षिप्त उद्धरण सीधे संदर्भित किए जा सकते हैं।

पुनर्निर्देशन — संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसे

यहोशू 2:8-11 में विश्वास और सहायता का मिलन, निर्गमन 16:4 में ईश्वर द्वारा भोजन की आपूर्ति, होशे 2:14-15 में पुनः आशा का उदय। यह verse इन विचारों को एक साथ बुनता है कि भूख, दया और भरे हुए विश्वास परमेश्वर के साथ कदम मिलाते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 30:12 समानांतर पद और संबंधित वचन

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