Old Testament
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2 राजाओं 7:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब लोगों ने निकलकर अराम के डेरों को लूट लिया; और यहोवा के वचन के अनुसार एक सआ मैदा एक शेकेल में, और दो सआ जौ एक शेकेल में बिकने लगा।
2 राजाओं 7:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 7:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 7:1 (HINIRV) »
तब एलीशा ने कहा, “यहोवा का वचन सुनो*, यहोवा यह कहता है, 'कल इसी समय शोमरोन के फाटक में सआ भर मैदा एक शेकेल में और दो सआ जौ भी एक शेकेल में बिकेगा।'”

यशायाह 33:23 (HINIRV) »
तेरी रस्सियाँ ढीली हो गईं, वे मस्तूल की जड़ को दृढ़ न रख सकीं*, और न पाल को तान सकीं। तब बड़ी लूट छीनकर बाँटी गई, लँगड़े लोग भी लूट के भागी हुए।

यशायाह 33:4 (HINIRV) »
जैसे टिड्डियाँ चट करती हैं वैसे ही तुम्हारी लूट चट की जाएगी, और जैसे टिड्डियाँ टूट पड़ती हैं, वैसे ही वे उस पर टूट पड़ेंगे।
2 राजाओं 7:16 पर टिप्पणी: मूल्य और आशा की पुनःस्थापना
यह पद हमारे लिए प्रकटीकरण कराता है कि परमेश्वर किस प्रकार संकट के घिनौने समय में भी आशा का रास्ता खोल सकता है। अभिशाप के बाद की तबाही, अचानक परिवर्तन और दयालु उद्धार—ये सब कुछ इस छोटे वाक्य के भीतर समाहित हैं। जब नगर पर घोर आतंक और भूख का शोषण था, तो यहोवा ने लोगों को एक असाधारण चमत्कार के साथ खाद्य वस्तुओं के मूल्य के स्तर को पुनः व्यवस्थित करने का मार्ग दिखाया।
स्थिति का मूल संदर्भ
अराम के दूतों की घनघोर आशंका और यहूदा की कठिनाई के बीच यह संदेश आता है कि ईश्वर सम्मानित और सहनशील शक्ति रखता है। घोर संघर्ष के समय, लोगों ने यहहोह के चमत्कार की प्रतीक्षा नहीं की; परन्तु प्रभु ने चमत्कारिक रूप से कीमतों को स्थिर कर दिया ताकि लोग भोजन के लिये मरते न रहें। यह घटना उस समय की महत्त्वपूर्ण वास्तविकता को दर्शाती है कि ईश्वर के दिल में दया और करुणा है, और वह समय-समय पर कृपा दिखाता है।
मुख्य संदेश
इस verse का केंद्र बिंदु है—आशा का अद्भुत पुनर्स्थापन। अत्यंत कमी में भी परमेश्वर अपने लोगों के लिए न्याय और पूर्ति का रास्ता खोल देता है। यह यहोवा की कृपा की पुष्टि करता है कि वह विपत्ति के क्षण में भी जीवन की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता बनाए रखना चाहता है, ताकि लोग अपने पूर्व विश्वास को पुनः प्राप्त करें।
महत्वपूर्ण थीम्स
पंजीकृत क्रॉस-रेफरेंस और उनके संदर्भ
1) यशायाह 55:2— उत्साहपूर्वक सही दाम और अस्थिरता के बीच विभाजन के बारे में: प्रभु के मार्ग में आशा और संतोष पाए जाते हैं। यह टेक्स्ट बताता है कि आत्मिक भोजन और वास्तविक मूल्य वही हैं जो यहोवा से मिलते हैं।
2) संभावित संदर्भ: 2 राजाओं 6:25-33 (आश्चर्यजनक संकट के बीच में भी ईश्वर की चमत्कारी सहायता); यह समझाता है कि आपत्ति के समय परमेश्वर कैसे मार्ग खोलते हैं।
3) निर्गमन 16:4— ईश्वर मैना के साथ दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कैसे करते हैं; यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के दैनिक जीवन में भी उपस्थिति बनाये रखते हैं।
विशेष टिप्पणी (पूर्व-मानक पब्लिक-डोमेन टिप्पणीकारों से संकलित विचार)
यह पद यह दर्शाता है कि दयालु परमेश्वर विपत्ति के बीच भी अपनी प्रतिज्ञाओं पर कायम रहता है। ऐडम क्लार्क इस प्रकार के चमत्कारिक वितरण को यह समझाते हैं कि यह समय की जरूरत के अनुसार ईश्वर की जिम्मेदारी को दर्शाता है कि वह अपने लोगों के लिए आवश्यकताओं को संभालते हैं। मैथ्यू हेनरी और अल्बर्ट बार्न्स की रेखाओं में भी इस सत्य को बनाये रखने की महत्ता आती है कि भय के समय परमेश्वर का विश्वासयोग्य पालन ही जीवन का आधार है।
ए. क्लार्क से समन्वयित विचार: यह घटना यह दर्शाती है कि किस प्रकार यहोवा अपने लोगों के लिए मूल्य-संयोजन कर देता है ताकि लोभ और अराजकता नहीं चले।
संक्षिप्त देवotional विचार
जीवन के ऐसे क्षण जिनमें भोजन और सुरक्षा को लेकर तल्ख स्थितियाँ हों, वहां हमें यह याद रखना चाहिए कि परमेश्वर की कृपा अचानक आ सकती है। यदि हमने अपने विश्वास के पथ पर स्थिरता बनाए रखी, तो विपत्ति के बीच भी वह हमें नई उम्मीदों से भर देगा। यहोवा के वचन पर भरोसा रखें—उन्हीं के माध्यम से हम दिन-ब-दिन जीवन की वास्तविक आवश्यकताओं को देख पाते हैं।