Old Testament
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2 राजाओं 7:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि प्रभु ने अराम की सेना को रथों और घोड़ों की और भारी सेना की सी आहट सुनाई थी, और वे आपस में कहने लगे थे, “सुनो, इस्राएल के राजा ने हित्ती और मिस्री राजाओं को वेतन पर बुलवाया है कि हम पर चढ़ाई करें।”
2 राजाओं 7:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 राजाओं 7:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 शमूएल 5:24 (HINIRV) »
और जब तूत वृक्षों की फुनगियों में से सेना के चलने की सी आहट तुझे सुनाई पड़े, तब यह जानकर फुर्ती करना, कि यहोवा पलिश्तियों की सेना के मारने को मेरे आगे अभी पधारा है।”

1 राजाओं 10:29 (HINIRV) »
एक रथ तो छः सौ शेकेल चाँदी में, और एक घोड़ा डेढ़ सौ शेकेल में, मिस्र से आता था, और इसी दाम पर वे हित्तियों और अराम के सब राजाओं* के लिये भी व्यापारियों के द्वारा आते थे।

अय्यूब 15:21 (HINIRV) »
उसके कान में डरावना शब्द गूँजता रहता है, कुशल के समय भी नाश करनेवाला उस पर आ पड़ता है।
2 राजाओं 7:6 पर टिप्पणी उपयोगकृत कथा और 메시ज
यह वचन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि परमेश्वर किस प्रकार उनके विश्वासयोग्यों की आवश्यकता पर भी कार्य करता है, जब उनके आसपास असुरक्षा का क्षण होता है। घोर संकट के बीच घबराहट नहीं, बल्कि ईश्वर की सुरक्षा और निर्देशकारी क्रिया प्रकट होती है। यह verse इस्राएल की जनता के लिए एक चमत्कारिक चेखर बनकर सामने आता है कि परमेश्वर उन्हें कैसे सीधे और स्पष्ट तरीके से बचाते हैं, भले ही उपाय मानवीय समझ से परे हों।
पश्चिम संदर्भ में मूल संदर्भ
पश्चात के घटनाक्रमों में, सैन्य बड़प्पन से घिरी हुई साम्राज्यवादी शक्तियाँ निर्जन भय में थीं। राजा के पास असंख्य सेनाएँ और रथ थे, परन्तु संदेश यह है कि यह सब सीमित क्यों नहीं रह जाते—परमेश्वर ने अराम के सेनाओं के कदमों की आहट सुनकर उन्हें भ्रम में डाल दिया। वे एक दूसरे से बात कर उठे कि किस प्रकार इस्राएली राजा ने अपने सहयोगियों मिस्र और हित्त के राजाओं को बुला लिया है और उन पर चढ़ाई कर रहे हैं। इस प्रकार परमेश्वर की योजना उनकी आशा-निराशा के बीच उभरती है: मानव-योजनाओं से परे यह पवित्र सूत्र है कि ईश्वर अपने लोगों के लिए रास्ते बनाते हैं, जहाँ दिखाई देता है केवल भय।
मुख्य संदेश
यही संदेश है कि परमेश्वर लोगों के सामने असामान्य रूप से कार्य करते हैं—चाहे स्थिति कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हो। आहट सुनकर भी सेनाओं का भय इतना बढ़ जाता है कि वे आ reverting विचारों में फंस जाते हैं और अपने संदेहों को बोलते हैं। भगवान का उद्देश्य यह नहीं कि वे हथियारों से जीतें, बल्कि वे विश्वास पर स्थिर रहें, और उनके विश्वास के अनुरोध पर वह कार्य करें जो उनके लिए सबसे उत्तम है।
कथानुकृति से निकले प्रमुख विषय
अन्य बाइबिल संदर्भ (Cross-references)
1) निर्ग 14:13-14 — परमेश्वर के पास डर से मुक्त होकर मार्गदर्शन पाने का संदेश: प्रभु हमारे हित में लड़ते हैं।
2) भज 46:1-3 — परमेश्वर हमारी सहायता है, विपत्तियों के समय भी हमारा सहारा बना रहता है।
3) 2 कुर 12:9-10 — कमजोरी में भी शक्ति का अनुभव; ईश्वर की कृपा पर्याप्त है।
पवित्र संदर्भ से जुड़ी चंद स्पष्ट टिप्पणियाँ
2 राजाओं 7:6 में, परमेश्वर की आवाज़ और उनकी योजना मानवीय समझ से परे है; सैनिकों को भ्रमित करने की कथा यह दर्शाती है कि ईश्वर अपने उद्देश्य के लिए आवश्यक आश्चर्यजनक उपाय कर सकता है। यह इतिहास-सीखा देता है कि भरोसा और प्रार्थना से ही संकट को पार किया जा सकता है।
देवotional reflection
जब भय के बादल घेर लेते हैं और रास्ते धूमिल लगते हैं, तब भी ईश्वर हमारे साथ है और वह हमारे दिलों में शांति डालता है। इस verse के माध्यम से सीखें कि चिंता की आहट पर जोर देकर नहीं, पर भरोसे के साथ ईश्वर की छाया में शरण पाएँ। विचलित क्षणों में भी ईश्वर की आंतरिक सुरक्षा आपके भीतर पैदा कर सकती है एक नई आशा—कि वह आपकी रक्षा के लिए तैयार बैठा है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (पूर्व-प्रतिलिखित टिप्पणीकारों से)
यहाँ उपलब्ध सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के संदेश से संबंधित संक्षिप्त दिग्दर्शित पंक्तियाँ समाहित हैं:
- Matthew Henry (अनुकूलन): "God can dispose men's hearts as to serve his own purposes, and turn the counsel of the wicked to their own confusion." (कथन का संक्षेप)
- Albert Barnes (अनुकूलन): "Even when outward appearances threaten defeat, God can deliver by means unseen by men."
- Adam Clarke (अनुकूलन): "God governs kingdoms and preserves his people in ways far above human plan."
नोट: ऊपर के उद्धरण समेकित पाठ-शैली में हैं; यदि आप विशिष्ट शब्द-शब्द उद्धरण चाहते हैं, तो मैं उपयुक्त पंक्तियाँ दिखा सकता हूँ, परन्तु पूर्ण टेक्स्ट यहाँ नहीं दी जा रही क्योंकि यह प्रस्तुति संक्षेपित टिप्पणी के लिए है।