Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 राजाओं 7:9 बाइबल पद की व्याख्या
2 राजाओं 7:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब वे आपस में कहने लगे, “जो हम कर रहे हैं वह अच्छा काम नहीं है, यह आनन्द के समाचार का दिन है, परन्तु हम किसी को नहीं बताते। जो हम पौ फटने तक ठहरे रहें तो हमको दण्ड मिलेगा; सो अब आओ हम राजा के घराने के पास जाकर यह बात बता दें।”
2 राजाओं 7:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 राजाओं 7:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 52:7 (HINIRV) »
पहाड़ों पर उसके पाँव क्या ही सुहावने हैं जो शुभ समाचार लाता है, जो शान्ति की बातें सुनाता है और कल्याण का शुभ समाचार और उद्धार का सन्देश देता है, जो सिय्योन से कहता हैं, “तेरा परमेश्वर राज्य करता है।” (प्रेरि. 10:36, रोम. 10:15, नहू. 1:15)

नीतिवचन 24:16 (HINIRV) »
क्योंकि धर्मी चाहे सात बार गिरे तो भी उठ खड़ा होता है; परन्तु दुष्ट लोग विपत्ति में गिरकर पड़े ही रहते हैं।

2 राजाओं 7:6 (HINIRV) »
क्योंकि प्रभु ने अराम की सेना को रथों और घोड़ों की और भारी सेना की सी आहट सुनाई थी, और वे आपस में कहने लगे थे, “सुनो, इस्राएल के राजा ने हित्ती और मिस्री राजाओं को वेतन पर बुलवाया है कि हम पर चढ़ाई करें।”
2 राजाओं 7:9 का महत्व और संदर्भ
यह पंदं यह दिखाता है कि नजीर की त्रासदी में भी मानव स्वार्थ और चालाकी कैसे फलती-फूलती है, जबकि परमेश्वर की कृपा और उसकी योजना कैसे अज्ञात रहते हुए भी घटित होती है। इस वाक्य के पीछे सामने आने वाली कहानी यह है कि अग्रगामी संकट के समय लोग अपना गहरा डर छिपाने के बजाय चमत्कारिक उद्धार की उम्मीद रखते हैं, परन्तु भय के कारण वे साहसपूर्वक सही निर्णय नहीं लेते।
पार्श्विक संदर्भ: मूल प्रसंग
कथन इस समय घटित होता है जब ऐतिहासिक स्थितियाँ सामर्थ्यवादी खतरे से जूझ रही थीं। एलन शहर के दरवाजे पर अजीब गंध और भूख से जूझते लोग एक असमान भय के बीच हैं, और चार फाटकों के भीतर के संकल्प असंतुलित हैं। इस परिस्थिति में चार आराध्य घुड़सवार पथिक संदेस देते हैं कि द्रव्य-घटित घटनाओं में चमत्कार संभव है।
मुख्य संदेश
मुख्य विचार-धारा और संभाषण
पंक्ति में बचे हुए लोग यह विचार कर रहे हैं कि यह दिन आनंद का है, परन्तु वे समाचार न बताकर, असल खतरे से आंखें चुरा कर, अपने घना भय को छिपा रहे हैं। इस चयन से दो बातें उभरती हैं: एक ओर सुरक्षा के लिए विवेकपूर्ण निर्णय की महत्ता, दूसरी ओर भय के कारण ईमानदारी और साहस की कमी।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संभव स्रोतों से सार के साथ
इन संदर्भों से पाठक को यह समझने में सहायता मिलती है कि गलत निर्णय भय के कारण भी हो सकते हैं, और सही निर्णय वह है जो सत्य और विश्वास पर आधारित हो।
आध्यात्मिक Devotional सारांश
हर संकट हमें यह चेतावनी देता है कि सांसारिक भय के कारण हम जो नीतिगत चुप्पी अपनाते हैं, उसमें अस्थिरता के बीज होते हैं। परमेश्वर के सामने सत्य रखना और संकट के समय सत्य-निष्ठा बनाए रखना भक्ति का वास्तविक परीक्षण है।हमारे जीवन में भी ऐसी स्थितियाँ आ सकती हैं जहाँ डर हमें गलत निर्णय लेने पर मजबूर करे; तब हमें ईश्वर की योजना पर भरोसा कर साहस के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि उद्धार का मार्ग स्पष्ट हो और हमारी सहायता दयालु परमेश्वर से होती रहे।
संयुक्त सार
इस पद के भीतर एक सामान्य लेकिन आज भी प्रासंगिक संदेश मिलता है: डर के समय भी सत्य और साहस के साथ आगे बढ़ना ही उद्धार के मार्ग खोलता है। मैथ्यू हेनरी, अॅल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क की सार्वजनिक-डायरेक्शन वाली टिप्पणी से थोड़ा-बहुत समान विचार मिलते हैं—कि भय के कारण हम जो नहीं बोलते, वह हमारे भाग्य के रास्ते को बाधित कर सकता है, और ईश्वर की योजना के अनुसार सत्य बोलना और साहसी निर्णय लेना परमोपकार का भाग है।
ऐतिहासिक-आध्यात्मिक उद्धरण (संक्षेप)
यदि आप चाहें, तो सेवे में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के समानाने शब्दों से देखने पर उनके केंद्रीय विचार मिलते हैं—परन्तु यहाँ पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है।