Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 6:12 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 6:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब दाऊद राजा को यह बताया गया, कि यहोवा ने ओबेदेदोम के घराने पर, और जो कुछ उसका है, उस पर भी परमेश्वर के सन्दूक के कारण आशीष दी है। तब दाऊद ने जाकर परमेश्वर के सन्दूक को ओबेदेदोम के घर से दाऊदपुर में आनन्द के साथ पहुँचा दिया।
2 शमूएल 6:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 6:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 इतिहास 15:25 (HINIRV) »
दाऊद और इस्राएलियों के पुरनिये और सहस्त्रपति सब मिलकर यहोवा की वाचा का सन्दूक ओबेदेदोम के घर से आनन्द के साथ ले आने के लिए गए।

मत्ती 10:42 (HINIRV) »
जो कोई इन छोटों में से एक को चेला जानकर केवल एक कटोरा ठण्डा पानी पिलाए, मैं तुम से सच कहता हूँ, वह अपना पुरस्कार कभी नहीं खोएगा।”

1 राजाओं 8:1 (HINIRV) »
तब सुलैमान ने इस्राएली पुरनियों को और गोत्रों के सब मुख्य पुरुषों को भी जो इस्राएलियों के पूर्वजों के घरानों के प्रधान थे, यरूशलेम में अपने पास इस मनसा से इकट्ठा किया, कि वे यहोवा की वाचा का सन्दूक दाऊदपुर अर्थात् सिय्योन से ऊपर ले आएँ। (प्रका. 11:19)
आलोचनात्मक झलक: 2 शमूएल 6:12 (हिनिर्व) — परमेश्वर के सन्दूक का डेरा और दाऊद का आक्रमण
ओबेदेदोम के घर पर परमेश्वर के सन्दूक के आने की खबर ने दाऊद को प्रेरित किया कि वह सन्दूक को दाऊदपुर में लाए। यह पाठ यह दिखाता है कि परमेश्वर के पवित्रता और आशीष का प्रभाव समुदाय पर कैसे फैलता है, और राजा दाऊद के नेतृत्व में कितनी अहम भूमिका निभाता है। यह उम्मीद वह थी कि जब पवित्रता के साथ परमेश्वर की उपस्थिति गरिमा से संगत हो, तो देश और घर-परिवार पर आशीषण बरसेगा।
पाठ के भीतर दृष्टि: अध्याय के संदर्भ में
यह घटना 1) यहोवा की सन्दूक के साथ है, 2) ओबेदेदोम के घर पर आशीष का उभरना, और 3) दाऊद का आनन्दपूर्वक और विश्वासपूर्वक सन्दूक को दाऊदपुर लाने का निर्णय है। यह क्रम यहूदी रीति-रिवाज में परमेश्वर की सन्निकट उपस्थिति के लिए उचित स्थल-आवागमन और कायदे का पालन करने की महत्ता को दर्शाता है।
मुख्य भाव: आध्यात्मिक पाठ
इस verse से तीन प्रमुख बिंदु निकलते हैं:
अनुकूलित टिप्पणी: प्रसिद्ध वैचारिक पूल से जड़ित संकलन
मथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बर्न्स, और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरी-उद्धरणों से संकलित संसाधन से यह निष्कर्ष निकलता है किः
“परमेश्वर के सन्दूक के कारण आशीष” का तात्पर्य यह है कि भय के साथ पवित्रता का सम्मान और पुराने नियम के अनुसार पूजन, अभिषेक और पवित्रता का पालन, समुदाय के लिए वरदान बनता है।
कथन में कुछ अनुभवी टिप्पणीकार यह भी कहते हैं कि दाऊद के कदम में उत्साह तो है, परंतु उसे यह भी याद रखना चाहिए था कि उद्धार-कार्य का परिणाम परमेश्वर की इच्छा के अनुसार होगा; जो आशीष आता है, वह परमेश्वर की वास्तविक कृपा से जुड़ा रहता है, न कि केवल प्रतीकात्मक गतिविधियों से।
संवादी cross-reference
1) ध्यान दें: 1 शमूएल 5–6 के क्रम में परमेश्वर की उपस्थिति और सन्दूक के साथ भोग के अनुभवों के बारे में कई बार चेतावनी दी गयी है कि पवित्रता के बिना उपस्थिति का अनुग्रह नहीं मिल सकता।
2) संदर्भ: पतरस-प्रेरित 5:14 के समान अर्थ यह दिखाते हैं कि ईश्वर की कृपा और पवित्रता व्यवहारिक जीवन में कैसे परिणत होते हैं, और किस तरह समुदाय में आशीष फैलता है।
3) अन्य उपयोगी संदर्भ: इब्रानी 12:28-29 — हमारे पास से मांग है कि हम ईश्वर की पवित्रता के नीचे भय और गर्व-रहित आस्था से चलें; मधुर आशीष उसी में आता है जो परमेश्वर के सामने सही प्रकार से चलता है।
व्यवहारिक अनुप्रयोग
- प्रेरणा: दाऊद ने यह दिखाया कि परमेश्वर की उपस्थिति के प्रति सम्मान और आगे बढ़ने की उत्साह एक साथ चलना चाहिए।
- सावधानी: यहूदियों के नियमों के मुताबिक, पवित्रता के साथ कदम उठाने पर ही आशीष संभव है; karena एकाकी क्रियाओं से उद्धार नहीं, बल्कि कृतियों के साथ मान-सम्मान भी आवश्यक है।
- व्यवहारी कदम: अपने घर-परिवार या समुदाय-स्थलों में परमेश्वर की उपस्थिति के सम्मान के लिए कैसे प्रार्थना, भक्ति और नैतिकता को बढ़ा सकते हैं, इसका मूल्यांकन करें।
सरल निष्कर्ष
2 शमूएल 6:12 हमें यह याद दिलाता है कि परमेश्वर की पवित्र उपस्थिति के साथ सामंजस्य बनाए रखना, और उस उपस्थिति के कारण आशीष प्राप्त करना, बड़े-से-बड़े समाजिक-राजनीतिक परिवर्तन भी संभव बनाता है। दाऊद का उद्गार और उत्साह, परन्तु सत्य में परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप आचरण, हमें एक सही आध्यात्मिक जीवन की दिशा दिखाता है।