Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 6:6 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 6:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब वे नाकोन के खलिहान तक आए, तब उज्जा ने अपना हाथ परमेश्वर के सन्दूक की ओर बढ़ाकर उसे थाम लिया, क्योंकि बैलों ने ठोकर खाई थी।
2 शमूएल 6:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 शमूएल 6:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

गिनती 4:15 (HINIRV) »
और जब हारून और उसके पुत्र छावनी के कूच के समय पवित्रस्थान और उसके सारे सामान को ढाँप चुकें, तब उसके बाद कहाती उसके उठाने के लिये आएँ, पर किसी पवित्र वस्तु को न छूएँ, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएँ। कहातियों के उठाने के लिये मिलापवाले तम्बू की ये ही वस्तुएँ हैं।

1 इतिहास 13:9 (HINIRV) »
जब वे किदोन के खलिहान तक आए, तब उज्जा ने अपना हाथ सन्दूक थामने को बढ़ाया, क्योंकि बैलों ने ठोकर खाई थी।

गिनती 4:19 (HINIRV) »
उसके साथ ऐसा करो, कि जब वे परमपवित्र वस्तुओं के समीप आएँ, तब न मरें परन्तु जीवित रहें; इस कारण हारून और उसके पुत्र भीतर आकर एक-एक के लिये उसकी सेवकाई और उसका भार ठहरा दें,
सीधे प्रयोजन की व्याख्या
2 शमूएल 6:6 में कहा गया है कि नाकोन के खलिहान के पास पहुँचते ही उज्जा ने परमेश्वर के सन्दूक की ओर हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया, क्योंकि बैलों ने ठोकर खाई थी। यहाँ संदेश यह है कि सन्दूक का अपमान या जोखिम सामने आते ही परमेश्वर के सम्मान की सुरक्षा और परमेश्वर के निर्देशों के प्रति सजगता का मूल्य प्रकट होता है।
संदर्भ पृष्ठभूमि
यह घटना उस समय घटती है जब डेविड ने परमेश्वर के सन्दूक को येरूशलेम लाने का प्रयास किया। मार्ग के दौरान सन्दूक खलिहान के पास किनारे-किनारे ठोकर खाते दिखा, और उज्जा ने तुरंत उसे थाम लिया—एक उदारचित् स्पर्श जो जानबूझकर सुरक्षा मानदंड के भीतर माना गया था। ईश्वर के पवित्र ध्वज के प्रति सम्मान और सुरक्षा की तीव्र प्रेरणा इस घटना में स्पष्ट होती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
- उज्जा का कार्य एक संवेदनशील और चेतनात्मक कदम था, जो परमेश्वर के अनुयायियों के लिए एक चेतावनी है कि पवित्रता के प्रतीकों के साथ क्या अपेक्षित व्यवहार है।
- सन्दूक की ओर हाथ डालना एक मानवीय तात्कालिक सुरक्षा-प्रयास था, परन्तु यह अयोग्य रूप से किया गया था क्योंकि सन्दूक के मानकों के अनुसार यह कार्य આગणित ढंग से नहीं किया गया था।
- तथ्यों के साथ, परमेश्वर ने इस घटना के माध्यम से अन्य लोगों को सावधानी और श्रद्धा का पाठ पढ़ाया, कि पवित्र वस्तुओं के साथ कैसे निपटना चाहिए और किस प्रकार ईश्वर के निर्देशों की पवित्रता के पीछे विश्वास और सम्मान चाहिए।
छोटा विषयानुसार सूची
संबद्ध आयतें और संक्षिप्त व्याख्या
1) अन्य संदर्भ से प्रेरणा: परमेश्वर के आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए सही दिशा—स्थिति में ईश्वर के निर्देशों का पालन महत्त्वपूर्ण है।
2) एक उदाहरण के रूप में सावधानी: सुनियोजित पवित्र क्रियाओं के बिना त्वरित कदम से नुकसान हो सकता है।
3) आस्थागत पाठ: परमेश्वर की महिमा और सम्मान हर क्रिया के केंद्र में हो, न कि मात्र अनुष्ठान के रूप में।
सीधे निष्कर्ष और व्यावहारिक takeaway
यह घटना हमें याद दिलाती है कि परमेश्वर के सामने श्रद्धा और पवित्रता का सम्मान सर्वोपरि है, और मानव प्रयासों में भी विवेक और निर्देशित कदम आवश्यक होते हैं। सतह पर सुरक्षा का प्रयास है, पर वास्तविक सुरक्षा तब है जब हम परमेश्वर के नियमों के अनुरूप चलेंगे।
यहाँ कोष्ठक-निर्देश: नीचे दी गई तीन उद्धरण-रेखा में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचार का संक्षेप संगति से एकीकृत किया गया है:
उच्चारण के लिए संक्षेप: उज्जा का कदम एक भौतिक सुरक्षा-उद्धरण था, किन्तु परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार संचालित होने पर ही सुरक्षा सत्य होती है।