Old Testament
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2 शमूएल 6:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा का सन्दूक गतवासी ओबेदेदोम के घर में तीन महीने रहा; और यहोवा ने ओबेदेदोम और उसके समस्त घराने को आशीष दी।
2 शमूएल 6:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 6:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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उत्पत्ति 30:27 (HINIRV) »
लाबान ने उससे कहा, “यदि तेरी दृष्टि में मैंने अनुग्रह पाया है, तो यहीं रह जा; क्योंकि मैंने अनुभव से जान लिया है कि यहोवा ने तेरे कारण से मुझे आशीष दी है।”

उत्पत्ति 39:5 (HINIRV) »
जब से उसने उसको अपने घर का और अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी बनाया, तब से यहोवा यूसुफ के कारण उस मिस्री के घर पर आशीष देने लगा; और क्या घर में, क्या मैदान में, उसका जो कुछ था, सब पर यहोवा की आशीष होने लगी।

नीतिवचन 3:9 (HINIRV) »
अपनी सम्पत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की सारी पहली उपज देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना;
reader-friendly overview
2 शमूएल 6:11 में यहोवा का सन्दूक तीन माह ओबेदेदोम के घर में रहा, और उसके समस्त परिवार को आशीष मिली। यह पाठ हमें यह दिखाता है कि परमेश्वर की παρουσία ने एक सामान्य परिवार को भी कैसे आशीषों से भर दिया। साथ ही यह भी संकेत करता है कि प्रभु के अनुग्रह के लिए सही स्थान की खोज और पवित्रता के साथ मार्गदर्शन आवश्यक है।
वचन का पाठ संदर्भ में
यह अध्याय बताता है कि दाऊद ने यहोवा के सन्दूक को शांति से अपने शहर में लाकर सम्मान के साथ स्थापित करना चाहा; लेकिन शुरुआती प्रयास में पाप के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। फिर शांतिकाल में यहोवा का सन्दूक ओबेदेदोम के घर में तीन महीनों तक रहा और वहाँ परमेश्वर ने उसका वंश और घराना सभी को आशीष दी। यह कैसे घटा यह हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर की उपस्थिति के साथ संगति और आस्था का जीवन ही आशीष को खोलता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इस वचन का केंद्रीय संदेश है: परमेश्वर की पवित्र उपस्थिति जब उचित सम्मान और भक्ति में रहती है, तो वह भरोसेमंद तरीके से आशीष देता है; भले ही स्थान एक साधारण घर क्यों न हो। यह दर्शाता है कि आशीष नहीं मापी जाती दिखावे से, बल्कि परमेश्वर की करुणा और नियंत्रण से आती है। ओबेदेदोम के घर में तीन महीने यह जागरूक करता है कि परमेश्वर का आशीष किसी भी सामान्य वातावरण को भी हर्षित बना सकता है, यदि वहाँ की विधि और मन परमेश्वर के साथ मिलकर चलते हैं।
अनुसंधान-सीख: मुख्य बिंदु
अनुसंगिक वचन (cross-references) और उनका संक्षेप उत्तर
- 1 इतिहास 13:14: यहोहवा की उपस्थिति के लिए आदर और शुद्धता का महत्व।
- 2 शमूएल 6:12-13: यहोवा के सन्दूक के साथ ड्यूति और भक्ति पर बल देता है।
- जातक 4:26 (उदा.): घर-घर में आशीष कैसे फैली जाती है जब लोग God के साथ सच्चे रहते हैं।
आयाम-आवेदन
हम अपनी जीवनशैली में परमेश्वर के)(आग्रह) के साथ रहते हैं? यहोवा की उपस्थिति हमें यह बताती है कि भरोसे के साथ सच्ची भक्ति और सम्मिलित समुदाय से आशीष आ सकता है। परिवार, समुदाय और चर्च के भीतर यह पाठ प्रेरणा देता है कि हम कैसे परमेश्वर के नियमों का सम्मान करें और अपने ठीक-ठाक जीवन से उसे मना लें।
संरचना-समाप्ति
यह वचन हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की सुरक्षा और आशीष तब मिलती है जब उसके सामने विनम्रता और पवित्रता के साथ चलना संभव हो। ओबेदेदोम के घर में तीन महीनों के अनुभव ने दिखाया कि दया और आशीष एक साथ चलती है, अगर हमारे घर और जीवन परमेश्वर के अनुरूप होते हैं।
लेखकीय शब्द-नोट्स
यहाँ हमने संदर्भित सत्यों के आधार पर एक नयाभाव वाला पाठ प्रस्तुत किया है। नीचे दी गई पूर्व-प्रशंसित टिप्पणीकारों के अलग-अलग विचारों की एक संयुक्त व्याख्या है, जो मूल सार्वजनिक-डॉमेन टिप्पणीकारों के शब्दों से प्रेरित है:
“यहोवा की उपस्थिति का प्रमाण प्रेम और सुरक्षा है; उसकी आशीष वह मार्ग है जिससे घर-परिवार भी स्थिर रहता है।” — Matthew Henry (संक्षेपित सार)
“भगवान के पवित्र सन्दूक के साथ रिवाज और सम्मान का होना अनिवार्य है; विनय और भक्ति के बिना आशीष कम होती है।” — Albert Barnes
“जब लोग परमेश्वर के सामने आदरपूर्ण नहीं रहते, तब आशीष में कमी आती है; पर उसके प्रति विश्वास बनते ही आशीष लौट आता है।” — Adam Clarke