Old Testament
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2 शमूएल 6:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब उसने समस्त प्रजा को, अर्थात्, क्या स्त्री क्या पुरुष, समस्त इस्राएली भीड़ के लोगों को एक-एक रोटी, और एक-एक टुकड़ा माँस, और किशमिश की एक-एक टिकिया बँटवा दी। तब प्रजा के सब लोग अपने-अपने घर चले गए।
2 शमूएल 6:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 6:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नहेम्याह 8:10 (HINIRV) »
फिर उसने उनसे कहा, “जाकर चिकना-चिकना भोजन करो और मीठा-मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास भोजन सामग्री भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्र है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है।”

1 राजाओं 8:66 (HINIRV) »
फिर आठवें दिन उसने प्रजा के लोगों को विदा किया। और वे राजा को धन्य, धन्य, कहकर उस सब भलाई के कारण जो यहोवा ने अपने दास दाऊद और अपनी प्रजा इस्राएल से की थी, आनन्दित और मगन होकर अपने-अपने डेरे को चले गए।

1 इतिहास 16:3 (HINIRV) »
और उसने क्या पुरुष, क्या स्त्री, सब इस्राएलियों को एक-एक रोटी और एक-एक टुकड़ा माँस और किशमिश की एक-एक टिकिया बँटवा दी।
परिचय: पाठ का तात्पर्य और कड़ी प्रस्तावना
2 शमूएल 6:19 में दाऊद की सेना के गरजते आराधन के बाद जो दृश्य प्रस्तुत होता है, वह यह बताता है कि परमेश्वर की सामर्थ्य और आशीष कहीं बाहरी प्रदर्शन में नहीं, बल्कि यह कि वह अपने लोगों के बीच समान रूप से और उदारता से कैसे बाँटता है। उस समय यहुदी लोगों ने एक-एक रोटी, एक-एक माँस का टुकड़ा और किशमिश की टिकिया प्राप्त करके यह अनुभव किया कि परमेश्वर उन सभी के लिए कितना निकट और करुणामय है। यह घटना यह भी दिखाती है कि सामूहिक उत्सव में स्वर और रीति-रिवाज केवल बाहरी नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के घर तक पहुँचते हैं, और परिवार के जीवन में प्रभु की दया टिकती है।
तत्काल सेटिंग: क्यों और कैसे
पूर्वक 6 अध्याय के अंत में केन्द्रीय घटना—कौन-कौन से लोग और कौन-सी स्थिति—के साथ ही यह वाक्य आता है कि राजा डेविड ने क्या किया और किसके द्वारा आशीर्वाद बाँटा गया। यहाँ उपलब्ध रोटी, माँस और किशमिश, दाऊद के शासन के समय के भोज-प्रवाह का प्रतीक बन जाते हैं—जो यह दर्शाते हैं कि ईश्वर की कृपा समाज के हर सदस्य तक समान रूप से पहुँचे।
ईश्वर और आस्था के बारे में जो पाठ देता है
यह verse यह दिखाता है कि परमेश्वर का आशीर्वाद और आस्था समुदाय के भीतर कैसे व्याप्त होते हैं—न कि केवल मंदिर या एक वर्ग तक सीमित। समस्त इस्राएली जनता के लिए भोजन का वितरण यह संदेश देता है कि धार्मिक जीवन में साझा करना और एकता कैसे जीवित कर्म बनते हैं।
मुख्य शब्दों का स्पष्टीकरण
संबंधित आयतें (क्रॉस-रेफरेंसेज़) और उनका संक्षिप्त连接
- उद्धार की सम-विभाजन भावना: हबूक 2:14 के समान विचार, परन्तु यहाँ पृथ्वी पर समुदाय के बीच समान वितरण दिखता है।
- सामुदायिक आशीर्वाद का विचार: व्यावहारिक परिवार-आधार के साथ देव की कृपा की अनुभूति दिखती है।
- जन्म-दिवस और उत्सव में प्रभु की उपस्थिति: जैसे प्रेरितों द्वारा समुदायिक भोज का संकेत दिया गया, इसके अनुरूप घर-घर में प्रभु की कृपा बनी रहती है।
आधुनिक अनुप्रयोग
आज भी यह पाठ सिखाता है कि ईश्वर की आशीष को आत्मसात करते समय हम उसे परिवार, पड़ोस और समुदाय के बीच साझा करें। हर एक सदस्य की गरिमा और सहभागिता को मान्यता देना, दान-वीरता और परिश्रम के साथ मिलकर एक समग्र समुदाय बनाना—यही परमेश्वर की दृष्टि है। जीवन के व्यावहारिक क्षेत्र में लोगों के बीच समानता, मदद और करुणा का वितरण आज भी नया संदेश देता है।
सारांश
2 शमूएल 6:19 का संदेश यह है कि परमेश्वर का आशीर्वाद और नया जीवन सामूहिक रूप से बाँटा जाना चाहिए, ताकि हर घर, हर व्यक्ति को उसका हिस्सा मिले। यह घटना विश्वसनीयता, दया और समुदाय की एकता को मजबूत करती है, जो आज भी विश्वास के संगठित जीवन का मूल है।
प्रति-उद्धरण: अगर आप इस पाठ के हल्के-फुल्के शब्दों में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से उद्धरण देखने चाहें, तो वे अक्सर समान भाव में इस प्रकार के पाठों के भीतर “सामुदायिक भोज और आशीष” के विचारों को स्पष्ट करते हैं।