Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 शमूएल 6:4 बाइबल पद की व्याख्या
2 शमूएल 6:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उन्होंने उसको परमेश्वर के सन्दूक समेत टीले पर रहनेवाले अबीनादाब के घर से बाहर निकाला; और अह्यो सन्दूक के आगे-आगे चला।
2 शमूएल 6:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 शमूएल 6:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 इतिहास 13:7 (HINIRV) »
तब उन्होंने परमेश्वर का सन्दूक एक नई गाड़ी पर चढ़ाकर, अबीनादाब के घर से निकाला, और उज्जा और अह्यो उस गाड़ी को हाँकने लगे।

1 शमूएल 7:1 (HINIRV) »
तब किर्यत्यारीम के लोगों ने जाकर यहोवा के सन्दूक को उठाया, और अबीनादाब के घर में जो टीले पर बना था रखा, और यहोवा के सन्दूक की रक्षा करने के लिये अबीनादाब के पुत्र एलीआजर को पवित्र किया।
मुख्य interpretive point
2 शमूएल 6:4 में परमेश्वर के आराध्य सन्दूक के साथ लाने की प्रक्रिया में शहीद-हृदय और धार्मिक-उच्चारण का संतुलन दिखता है। अबीनादाब के घर से सन्दूक को बाहर निकाले जाने और अह्यो के सामने अग्रणी मार्ग में चलने का विवरण यह संकेत देता है कि बलिदान और लोक-उत्सव की ठोस व्यवस्था के बीच भय और मानवीय कमी की चेष्टाएं भी उभरती हैं, तथा परमेश्वर की महिमा तब भी प्रमुख रहती है जब मानवीय प्रतिक्रिया जैसी अनुष्ठानिक क्रिया अस्थिर हो।
संदर्भ-परिप्रेक्ष्य (लिटरेरी कॉन्टैक्ट)
यह वाक्य 2 शमूएल 6 के प्रमुख घटनाक्रम का हिस्सा है, जहां दाऊद के शासनकाल में परमेश्वर के सन्दूक को ירושלים लाने की तैयारी होती है, किन्तु पहली बार में यह योजना पूर्ण रूप से सफल नहीं होती क्योंकि परमेश्वर के साथ पवित्रता और सन्दूक के संग-साथ चलने वाले नियम स्पष्ट तौर पर प्रभावी होते हैं। यहाँ “टीला” में रहनेवाले अबीनादाब के घर से सन्दूक निकलना दर्शाता है कि पूजा-स्थली और सांसारिक स्थानों के बीच सही दूरी आवश्यक है, ताकि श्रद्धा और विनम्रता के साथ परमेश्वर की उपस्थिति बनी रहे।
कथात्मक और theological significance
- यह संकेत देता है कि सन्दूक को किसी संस्कृति-आडंबर या स्थल-आडंबर के बजाय पवित्रता के अनुरूप लाया गया।
Cross-references और उनसे जुड़ी संक्षिप्त व्याख्या
- व्यवस्थाविधि 10:8-9: परमेश्वर के सन्दूक के लिए वैसी ही पवित्रता और विशिष्ट व्यवस्था का निर्देश मिलता है; यह संदूक का सम्मान और priestly भूमिका के साथ संगति बनाये रखने की महत्ता बताता है।
- दाऊद के प्रयासों में 2 शमूएल 6 के आगे के verses: यह दिखाता है कि भगवान की उपस्थिति को एहतियात और विनम्रता से लाने की महत्ता है, न कि उत्सव-उन्माद में आवेशित होकर।
- 1 इतिहास 13:8-12 (अनुवर्ती विवरण): आराधना के समय उचित आत्म-समर्पण और पवित्रता की कमी के कारण परिणामस्वरूप जटिलता हो सकती है; यह घटना इस पाठ के बहाने एक चेतावनी स्वर भी देती है कि परमेश्वर की उपस्थिति सम्मानपूर्वक ग्रहण करनी चाहिए।
Reflection questions (स्व-विचार हेतु)
संक्षिप्त निष्कर्ष
2 शमूएल 6:4 का पंक्तिबद्ध संदेश है—आराधना की व्यवस्थाओं के भीतर सच्ची पवित्रता और प्रभु के निर्देशों के पालन से ही परमेश्वर की महिमा उजागर होती है। अबीनादाब के घर से सन्दूक को बाहर लाना एक क्रमबद्ध, सम्मानजनक प्रक्रिया का प्रतीक है जो यह सिखाती है कि तथ्यात्मक उत्सव के साथ भी परमेश्वर की गरिमा सबसे ऊपर रहती है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (जहाँ उपलब्ध):Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के समान धाराओं से एक संयुक्त विवेचन में यह सिद्धांत मिलता है कि उच्चतम उपस्थिति के लिए शुद्धता और क्रम आवश्यक हैं।