Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
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निर्गमन 14:25 का संदर्भ और अर्थ
तत्काल दृश्य—पलायन और चमत्कार का क्षण
इस प्रकरण में मोशे की अगुवाई में इस्राएली जन को लाल Sea (लाल सागर) के पार जाना था, जबकि मिस्र पीछे से आ रहा था। यह verse बताता है कि जब वे पानी के बीच खड़े थे, तब यहोवा ने मिस्र के रथों के पहिये निकाल दिये, जिससे उनकa चलना कठिन हो गया। यह मोर्चा-घटना चमत्कारिक intervención का उदाहरण है: प्रभु के पक्ष में विश्वास रखने वाले के लिये बाधाओं को एक नये तरीके से हटाना।
ईश्वर की शक्ति और विश्वास की भूमिका
यह verse स्पष्ट करता है कि 하나님 अपने चुने हुए लोगों के विरुद्ध नहीं, बल्कि उनके लिए पुरजोर क्रिया कर रहे हैं ताकि उनके विश्वास का परीक्षण हो और वह उद्धार के मार्ग में स्थिर रहें। पहिये टूटना एक दृश्य संकेत था कि ईश्वर इस पल में मिस्री सैनिकों की गति नहीं चाहते थे, बल्कि इस्राएलियों के उद्धार के लिए स्पष्ट मार्ग बनाना चाहते थे।
शब्दों और प्रतिमाओं की स्पष्टता
- “उनके रथों के पहिये निकाल डाला” एक दृश्य संकेत है जो बताता है कि युद्ध के मैदान में भी परमेश्वर की सत्ता सर्वोपरि है।
- “यहोवा उनकी ओर से मिस्रियों के विरुद्ध युद्ध कर रहा है” से स्पष्ट होता है कि मो일कयुद्ध या भौतिक बलों के बजाय परमेश्वर का क्रोध और प्रतिशोध सीधे सच्चे चाहने वालों के पक्ष में है।
अन्य प्रासंगिक बाइबिल संदर्भ
- निकासी 15:6-7: इस दृश्य का संगीत-उल्लास और प्रभु की महान कार्यशक्ति का संकल्प स्पष्ट होता है, जहाँ समुद्र के पार होने के बाद उद्धार की प्रशंसा चढ़ती है।
- यह प्रकरण रोमियों 9:17 के संदर्भ से भी संकेत देता है कि परमेश्वर की इच्छा कैसे सत्ता और दया के कार्य में प्रकट होती है।
- यशायाह 54:17 यह दर्शाता है कि प्रभु के सामने जो हथियार उठाते हैं वे निष्फल होते हैं; परमेश्वर अपने लोगों की रक्षा का कारण बनते हैं।
पुरानी टिप्पणीकारों के संक्षिप्त मूल्यांकन
अधिकृत पुरातन टिप्पणीकारों के अनुसार:
प्रेजेंट-डे एप्लिकेशन
- भरोसा बनाये रखें: कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर की सहायता की उम्मीद बनाये रखें; परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी विपरीत हों, परमेश्वर उद्धार का मार्ग खोलते हैं।
- प्रभु के चमत्कार पर निगाह: दिन-प्रतिदिन के संघर्षों में भी ईश्वर की सत्ता को याद रखें।
- समुदाय के लिए सुरक्षा: दूसरों के विरोध में नहीं, परमेश्वर के लोगों की रक्षा के लिए अवसर ढूँढना।
क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त व्याख्या
- निर्गमन 15:6-7: प्रभु की उज्जवल विजय और मार्ग-निर्माण की शक्ति का गीतात्मक चित्रण।
- रोमियों 9:17: परमेश्वर की इच्छा और सत्ता—उसके उद्धार के मार्ग की दिशा निर्धारित करती है।
- यशायाह 54:17: शत्रु के हथियार कैसे निष्फल होते हैं जब परमेश्वर की सुरक्षा बनी रहे।
निष्कर्ष: इस प्रवेश-पथ पर भगवान ने अपने लोगों के लिए स्पष्ट मार्ग बनाया; यहुका विश्वास और उद्धार की गवाही है कि परमेश्वर अपने से दूरी बनाकर भी नहीं रहते, बल्कि उनकी कृपा और शक्ति से कठिन से कठिन बाधा भी हल हो जाती है।