निर्गमन 25:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और वे मेरे लिये एक पवित्रस्‍थान बनाएँ, कि मैं उनके बीच निवास करूँ*।

पिछला पद
« निर्गमन 25:7
अगला पद
निर्गमन 25:9 »

निर्गमन 25:8 पद-दर-पद बाइबल टीका

निर्गमन 25:8 का निकट‑स्थापन और संदेश

पद का संदेश कीपानुसार यह है कि परमेश्वर बतौर प्रेरक अपने.choose लोगों के बीच एक पवित्र स्थान बनवाने को कहते हैं ताकि वही निवास करें। यह निर्देश तब आता है जब इस्राएल ने पहाड़ पर चढ़कर पवित्रθυν संस्कारों और व्यवस्था के नियमों की दी हुई डोर को समझना शुरू किया। यह पवित्र स्थान निर्माण का उद्देश्य परमेश्वर के presença (उपस्थिति) को स्थिर बनाना है ताकि लोग अपनी यात्रा में उसका सामीप्य अनुभव कर सकें।

ईश्वर और विश्वास के विषय में यह पाठ क्या बताता है

यह कहता है कि ईश्वर स्वयं अपने लोगों के बीच रहना चाहते हैं, और उनके बीच एक विशिष्ट, पवित्र स्थान चाहिए ताकि एक पवित्र-निर्मित वातावरण में भरोसा और उपासना संभव हो सके। यह एक ऐसी दिव्यता का संकेत है जो दूरी बनाकर नहीं, बल्कि समीप आकर विश्वासियों के जीवन में स्थान बनाती है।

महत्त्वपूर्ण शब्दों और छवि-चिन्ह

  • : यह केवल एक भौतिक ढांचा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक स्थिति भी है जहाँ परमेश्वर और मानव के बीच खुली, विश्वासयोग्य सहभागिता संभव है।
  • : परमेश्वर का निवास सबसे ऊँचे लक्ष्य के रूप में प्रस्तुत है—मसीहकालीन उपस्थिति का पूर्वानुमान भी माना गया है कि वह अपने निवास को भक्तों के भीतर स्थिर करता है।

अनुदेश से जुड़ी अन्य आयतें

इन आयतों से संकेत मिलता है कि देवदर्शी पवित्रता और उपस्थिति का चला गया है—यही कारण है कि ईश्वर मंदिर बनवाने का निर्देश देते हैं ताकि रहेगा भक्तजन और परमेश्वर का संग।

कथा-पंक्तियों के संगत संदर्भ

1) पवित्र स्थान के निर्माण पर स्पष्ट निर्देश exon: मंदिर/केबोद का स्थाननिर्माण, जिसमें परमेश्वर की उपस्थिति एक केंद्रीय तत्त्व बनी रहती है।

2) परमेश्वर के साथ सामीप्य का विचार: वह अपने लोगों के बीच रहने के लिए एक ऐसा स्थान चाहते हैं जहाँ लोग उनकी महिमा और नैतिकता को मानें।

3) पवित्रता के प्रमाण: यह संकेत है कि ईश्वर की उपस्थिति आकाश-भूमि के सीमाओं से परे है और समुदाय के जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर सकती है।

आज के प्रयोग के लिए संदेश

पवित्र स्थान का विचार आज भी यह सिखाता है कि ईश्वर के साथ निकटता, विश्वास और समर्पण से जुड़ना अति आवश्यक है। हमारे भीतर और हमारे समुदायों में उनके पवित्र-आगमन के लिए जगह बनानी चाहिए—यानी अपनी सोच, कर्म, और व्यवहार को पवित्र बनाकर, प्रभु के साथ समय बिताने की-योजना बनाएं।

संकेत स्मरणार्थ 2–3 cross-reference और संक्षिप्त स्पष्टीकरण

- योही zingen: परमेश्वर का घर बनना एक पहचान है कि वह अपने लोगों के साथ है; भीतरी मंदिर में उसकी उपस्थिति अधिक स्पष्ट होती है।

- भज 27:4: एक ही नियत—परमेश्वर के मंदिर में रहने की लालसा; यह दर्शाता है कि उसकी उपस्थिति बनाये रखना विश्वासियों के जीवन का केंद्र होना चाहिए।

- 1 कुरिन्थ 3:16: तुम में ईश्वर का पवित्र स्थान है, यदि तुम्हें ज्ञात हो कि परमेश्वर तुम्हारे भीतर रहता है, तो जीवन के हर निर्णय में यह सच आपके सामने हो।

समापन सार

निर्गमन 25:8 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर हमारे बीच निवास करना चाहते हैं और यह हर प्रकार से पवित्र स्थान की आवश्यकता है—खुद की आत्मा और समुदाय के जीवन में। इसका उद्देश्य है एक जीवित, निर्भीक संबंध—जो विश्वास, भक्ति और नैतिक पवित्रता के साथ निभ सकता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 25:8 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 कुरिन्थियों 6:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 कुरिन्थियों 6:16 (HINIRV) »
और मूरतों के साथ परमेश्‍वर के मन्दिर का क्या सम्बन्ध? क्योंकि हम तो जीविते परमेश्‍वर के मन्दिर हैं; जैसा परमेश्‍वर ने कहा है “मैं उनमें बसूँगा और उनमें चला फिरा करूँगा; और मैं उनका परमेश्‍वर हूँगा, और वे मेरे लोग होंगे।” (लैव्य. 26:11-12, यिर्म. 32:38, यहे. 37:27)

प्रकाशितवाक्य 21:3 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 21:3 (HINIRV) »
फिर मैंने सिंहासन में से किसी को ऊँचे शब्द से यह कहते हुए सुना, “देख, परमेश्‍वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उनके साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्‍वर आप उनके साथ रहेगा; और उनका परमेश्‍वर होगा। (लैव्य. 26:11-12, यहे. 37:27)

1 राजाओं 6:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 राजाओं 6:13 (HINIRV) »
और मैं इस्राएलियों के मध्य में निवास करूँगा*, और अपनी इस्राएली प्रजा को न तजूँगा।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें