Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
निर्गमन 34:1 निर्गमन 34:2 निर्गमन 34:3 निर्गमन 34:4 निर्गमन 34:5 निर्गमन 34:6 निर्गमन 34:7 निर्गमन 34:8 निर्गमन 34:9 निर्गमन 34:10 निर्गमन 34:11 निर्गमन 34:12 निर्गमन 34:13 निर्गमन 34:14 निर्गमन 34:15 निर्गमन 34:16 निर्गमन 34:17 निर्गमन 34:18 निर्गमन 34:19 निर्गमन 34:20 निर्गमन 34:21 निर्गमन 34:22 निर्गमन 34:23 निर्गमन 34:24 निर्गमन 34:25 निर्गमन 34:26 निर्गमन 34:27 निर्गमन 34:28 निर्गमन 34:29 निर्गमन 34:30 निर्गमन 34:31 निर्गमन 34:32 निर्गमन 34:33 निर्गमन 34:34 निर्गमन 34:35
तत्काल संदर्भ और पाठ का सेटिंग
निर्गमन 34:4 में वर्णित घटना मूसा के दोहरी पुनः पत्थर की तख्तियों पर लौटने की है, जब उन्होंने पहली तख्तियाँ तोड़ देने के बाद फिर से भोर में पर्वत पर चढ़कर Yahweh की आज्ञाओं के अनुसार पहाड़ पर दो और पत्थर की तख्तियाँ बनाईं। यह दृश्य इस बात का प्रतीक है कि परमेश्वर के साथ नया आरम्भ तब संभव है जब मसीह-भाव से प्रार्थना और विनम्रता के साथ पुनः समर्पण किया जाए।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ का संदेश
इस पद में यह साक्ष्य मिलता है कि परमेश्वर ने Moses की निर्भरता और पवित्र-सत्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को मान्यता दी। परमेश्वर का आशीर्वाद, तैयारियों की शुद्धता, और पुनः आरम्भ की उत्साहपूर्ण आशा एक साथ उभरती है—यही विश्वास की गहराई है: विफलताओं के बाद भी परमेश्वर नया कार्य आरम्भ कर सकता है।
मुख्य शब्दों तथा चित्रों की व्याख्या
पहली तख्तियाँ: पहली तख्तियाँ तोड़ दी गईं, पर परमेश्वर के समझौते का सच नहीं टूटता; नया आरम्भ उसी सच के साथ।
भोर को सवेरे उठकर: यह नए दिन की तरह, नए आरम्भ की प्रतीक है, जहाँ ईश्वर के पास गहराई से जाने की उत्सुकता दिखाई देती है।
पर्वत पर चढ़ गया: पर्वत चढ़ना प्रार्थना, देखभाल, और निर्देशों के लिए परमेश्वर के सामने उत्तर-स्वीकृति को दर्शाता है।
संबद्ध पाठों के संकेत
1) पूर्व परिशुद्धि और नया लेखन: निर्गमन 32–34 के नैतिक-आचार परिवर्तन में विश्वासमार्ग की पुनः स्थापना का संकेत मिलता है।
2) भेंट और स्वीकृति: परमेश्वर की आज्ञाओं के अनुसार चलना एक नये अनुशासन और भविष्य की योजना को खोलता है।
3) पवित्रता और पुनः आह्वान: तोड़-फोड़ के बाद भी परमेश्वर नया प्रतिनिधि और मार्ग दिखाते हैं।
मिशन-आधारित अनुप्रयोग
पवित्रशास्त्र से सम्बद्ध संदर्भ
• Exodus 32–34: पुराने आदर्शों के टूटने के बाद नया संधि-कार्य और तख्तियों का पुनः निर्माण। यह पाठ एक समान संदेश देता है कि परमेश्वर जो शुरू करते हैं उसे पूरा करते हैं।
• निर्गमन 33: परमेश्वर के साथ स्थिर संपर्क और Moses की विनम्रता।
• यशायाह 41:10: भय-शोक के बीच भी परमेश्वर का साथ और पुनः साहस देना।
उत्तम उद्धरण धारणा (हितानुसार)
यहाँ पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डायमेंशन उद्धरणों के लिए आवश्यक छोटे-छोटे संकेत रहते हैं; नीचे केवल वे प्रत्यक्ष उद्धरण बताए जाते हैं जब उपलब्ध हों:
• “The Lord is gracious, and will not forsake the work of his own hands.” (Adam Clarke के तात्पर्य पर आधारित सार)
• “Moses returns with new tablets, signifying that God forgives and preserves a renewed covenant.” (Albert Barnes के शब्दों के समान अर्थ)
• “A fresh start follows genuine repentance and obedience.” (Matthew Henry के विचार-वाक्य के अनुरूप संक्षेप)
नोट: उपरोक्त पंक्तियाँ पूर्ण उद्धरण नहीं हैं; वे केवल प्रयुक्त टिप्पणीकारों के संदीप अर्थ-रूप की भावना दर्शाती हैं। यदि आप पूर्ण और विशिष्ट उद्धरण चाहते हैं, तो कृपया उपलब्ध सार्वजनिक-डायवस्क्रिप्टेड संग्रह देखें।