Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
उत्पत्ति 1 उत्पत्ति 2 उत्पत्ति 3 उत्पत्ति 4 उत्पत्ति 5 उत्पत्ति 6 उत्पत्ति 7 उत्पत्ति 8 उत्पत्ति 9 उत्पत्ति 10 उत्पत्ति 11 उत्पत्ति 12 उत्पत्ति 13 उत्पत्ति 14 उत्पत्ति 15 उत्पत्ति 16 उत्पत्ति 17 उत्पत्ति 18 उत्पत्ति 19 उत्पत्ति 20 उत्पत्ति 21 उत्पत्ति 22 उत्पत्ति 23 उत्पत्ति 24 उत्पत्ति 25 उत्पत्ति 26 उत्पत्ति 27 उत्पत्ति 28 उत्पत्ति 29 उत्पत्ति 30 उत्पत्ति 31 उत्पत्ति 32 उत्पत्ति 33 उत्पत्ति 34 उत्पत्ति 35 उत्पत्ति 36 उत्पत्ति 37 उत्पत्ति 38 उत्पत्ति 39 उत्पत्ति 40 उत्पत्ति 41 उत्पत्ति 42 उत्पत्ति 43 उत्पत्ति 44 उत्पत्ति 45 उत्पत्ति 46 उत्पत्ति 47 उत्पत्ति 48 उत्पत्ति 49 उत्पत्ति 50Verse
उत्पत्ति 21:1 उत्पत्ति 21:2 उत्पत्ति 21:3 उत्पत्ति 21:4 उत्पत्ति 21:5 उत्पत्ति 21:6 उत्पत्ति 21:7 उत्पत्ति 21:8 उत्पत्ति 21:9 उत्पत्ति 21:10 उत्पत्ति 21:11 उत्पत्ति 21:12 उत्पत्ति 21:13 उत्पत्ति 21:14 उत्पत्ति 21:15 उत्पत्ति 21:16 उत्पत्ति 21:17 उत्पत्ति 21:18 उत्पत्ति 21:19 उत्पत्ति 21:20 उत्पत्ति 21:21 उत्पत्ति 21:22 उत्पत्ति 21:23 उत्पत्ति 21:24 उत्पत्ति 21:25 उत्पत्ति 21:26 उत्पत्ति 21:27 उत्पत्ति 21:28 उत्पत्ति 21:29 उत्पत्ति 21:30 उत्पत्ति 21:31 उत्पत्ति 21:32 उत्पत्ति 21:33 उत्पत्ति 21:34



उत्पत्ति 21:29—स्थिति और पाठ का अर्थ
तब अबीमेलेक ने अब्राहम से पूछा, “इन सात बच्चियों का, जो तूने अलग कर रखी हैं, क्या प्रयोजन है?” इस वाक्य में ऐतिहासिक परिदृश्य स्पष्ट होता है: कुशल और्यावहारिक समझौते काल के एक पवित्र परिवार के बीच व्यापारिक वसुधा और गहराई से जुड़ी रिश्तेदारी की संवेदना उभरती है। अबीमेलेक के इन प्रश्नों के पीछे न केवल परिवार की सुरक्षा—बल्कि ईश्वर के वरदान की दिशा में एक सतर्क सोच है।
यह पाठ भगवान के बारे में क्या बताता है
यहाँ ईश्वर की योजना और भरोसे का विषय सामने आता है कि कभी-कभी अदृश्य विश्वास, अनुमति, और संतान के चयन के पीछे परमेश्वर की योजना सीधे तौर पर शामिल रहती है। अबीमेलेक और अब्राहम के बीच के संवाद से यह सिद्ध होता है कि परमेश्वर का आशीर्वाद कैसे एक व्यक्तिपरक निर्णय से आगे बढ़कर पूरी पीढ़ी को प्रभावित करता है।
शब्दार्थ और चित्रण स्पष्ट करना
“इन सात बच्चियों” से संकेत मिलता है कि एक परिवार में अनुदानित बंधन, दायित्व और पूरकता की विविधता है—यही एक विशिष्ट आशीर्वाद स्वरूप है। “अलग कर रखी हैं” का आशय वह संपत्ति-रखरखाव और सामाजिक समझौते से है जो तब के समाज में राब्ता बनाता था और सुरक्षित विरासत के लिए आवश्यक था।
अन्य संदर्भ जोड़ना
संकेत मिलता है कि सातों लड़कियाँ और उनका प्रबंध एक ऐसी सामुदायिक इकाई का प्रतीक हैं जिसमें ईश्वर की वचनबद्धता और मनुष्य की समझ दोनों एक साथ चलते हैं।
Cross- references और उनका संक्षिप्त महत्व
- परमेश्वर की आशीष और विश्वास की भूमिका: पुरानी वाचा के विश्वासी-उद्धरण में प्रत्यक्ष विश्वास के परिणामों की चर्चा मिलती है।
- वंश-सम्बन्धी पृथक निर्णयों का प्रभाव: परिवार के भीतर रिश्तों की संरचना कैसे आशीर्वाद को आगे बढ़ाती है, इसका संकेत मिलता है।
- नैतिक-आचार की दृष्टि: परिवार, संपत्ति, और आशीर्वाद के निर्णयों में नैतिक विवेक का महत्त्व बनता है।
आज के लिए आध्यात्मिक अनुप्रयोग
1) विश्वास और आशीर्वाद की दिशा स्पष्ट हो—जो दिख रहा है उसका सार ईश्वर की योजना के अनुरूप है। जब हम कठिन निर्णय लेते हैं, तब भी परमेश्वर की सुरक्षा और मार्गदर्शन में भरोसा रखें।
2) पारिवारिक दायित्वों और विरासत के प्रति सजग रहें—ईश्वर की कृपा से मिली संपत्ति और परिवारिक संतुलन की रक्षा करें।
3) सामाजिक संदर्भ में शांति-पूर्ति—सामुदायिक रिश्तों में समझौते और सहयोग से आशीष समान रूप से बढ़ती है।
संक्षेप निष्कर्ष
यह वाक्य एक छोटे परंतु गहरे प्रश्न को खोलता है: हमारे जीवन के विभेदित उपहारों और जिम्मेदारियों के बीच परमेश्वर की योजना कैसे संचालित होती है? अबीमेलेक के पूछे गए प्रश्न और अब्राहम की प्रतिक्रिया से विश्वसनीय साहचर्य, आशीर्वाद और परिवार-धरोहर की पंक्तियाँ स्पष्ट होती हैं—जो आज भी ईमानदार विश्वासियों के लिए निर्देश हैं।
उद्धरण नोट: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के मौलिक टिप्पणियों के संकेतन की सीमाओं के भीतर, जहां उनके विचार सीधे उद्धृत होते हैं, उन्हें उद्धृत किया गया है।