Old Testament
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अर्थ — उत्पत्ति 21:21 (HINIRV)
इस पद का साधारण अर्थ है: उसने पारान के जंगल में जीवन व्यतीत किया और उसकी माता ने उसके लिए मिस्र देश से एक स्त्री मंगवाई। यह बताता है कि इशाक के जन्म के बाद भी इस परिवार के जीवन में असमान राहें चलती रहीं और विश्वास के साथ-साथ व्यक्तिगत परिस्थितियाँ भी विकसित होती रहीं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पद उन घटनाओं के बीच आता है जब इसाक का विवाह and परिवार भविष्य बनाते हैं। उनकी माता ने मिस्र से एक स्त्री मंगवाई—यह संकेत करता है कि परिवार ने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार-साथ स्थानीय समाज के नियमों के अनुसार भी मार्ग चुना। इससे यह समझ आता है कि परमेश्वर के प्रति वाचा और मनोभावों के बीच सामाजिक अवसरों और चुनौतियाँ कैसे मिलते हैं।
व्याख्यात्मक विचार
महत्त्वपूर्ण cross-reference और संक्षेप व्याख्या
1) उत्पत्ति 16:3 — माँ-शंकर को मिस्र से जुड़ी सामाजिक-धार्मिक धारणाओं के अनुरूप विकल्प दिखते हैं; यहाँ से यथार्थ जीवन में आंतरिक संघर्ष झलकता है।
2) उत्पत्ति 24:67 — स्थायित्व और विश्वास का आशीर्वाद विवाहित साथी के चयन से जुड़ता है; परिवार की सुरक्षा के लिए दयालु मार्ग के संकेत मिलते हैं।
3) हब 11:8-9 — विश्वास की यात्रा में आते कठिन अवसरों पर भी परमेश्वर के वादे के अनुरूप रहने की प्रतिबद्धता पर जोर देता है।
छोटा पंक्ति-वार विचार
व्यावहारिक निष्कर्ष
हमारे समय में भी:id-स्तर पर परिवार के निर्णयों में ईमानदारी, नैतिकता और विश्वास के मूल्यों को प्राथमिकता दें। सामाजिक दबाव के बावजूद परमेश्वर की वाणी पर भरोसा बनाए रखें, ताकि जीवन के हर क्षेत्र में ईश्वर की योजना समर्थित रहे।
निष्कर्षात्मक सार
पद बताता है कि इसाक के जीवन में परिवार और समाज के दायरे के भीतर सुरक्षा-नैतिकता और विश्वास के संतुलन का प्रश्न होता है। यह सूचना हमें यह दिखाती है कि परमेश्वर के वचनों के अनुरूप रहते हुए भी परिवार के सदस्य आजीवन चुनौतियों से गुजरते हैं, और इन चुनौतियों के बीच आशीर्वाद और सुरक्षा का मार्ग खोलना निखरे रहता है।