उत्पत्ति 47:28 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मिस्र देश में याकूब सतरह वर्ष जीवित रहा इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई।

पिछला पद
« उत्पत्ति 47:27

उत्पत्ति 47:28 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 47:28 के लिए टिप्पणी

परिस्थिति का सीधा संदर्भ: मिस्र में याकूब सतरह वर्ष तक जीवित रहा और कुल आयु सय्‌ंताली वर्ष हुई। यह घटना याकूब के अंतिम दिनों के समय घटी और उसमें परिवार के भविष्य के लिए परमेश्वर के हाथ की नीति स्पष्ट दिखाई देती है।

ईश्वर और विश्वास के बारे में टेक्स्ट से निकलने वाले संकेत

इस वाक्य में दर्शाया गया है कि याकूब के जीवन की समाप्ति से पहले उसका पालन-पोषण और उसकी विविध पीढ़ियों के भविष्य के लिए परमेश्वर की योजना लगातार चलती रही। यद्यपि समय के साथ परिस्थितियाँ कठिन होती गईं—परिवार का द्वंद्व, और फसह के बाद के वर्षों की चिंता—फिर भी याकूब का विश्वास यह दर्शाता है कि परमेश्वर की योजना उनके जीवन के हर चरण में सक्रिय है। यह पाठ यह सिखाता है कि बुजुर्गावस्था में भी परमेश्वर की कृपा और धैर्य से चलना चाहिए, क्योंकि वह पुरानी देह के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा भी करता है।

शब्दों/छवियों की क्लिरिटी

• "सतरह वर्ष" और "एक सौ सैंतालीस वर्ष": आयु-संख्या परमेश्वर के क्रम और समय-रेखा का संकेत है—जीवनकाल के चरणों के महत्व को दर्शाते हैं।

• "मिस्र देश": निर्वासन-अवस्थाओं में परमेश्वर की योजनाओं के भीतर भी उनके वादे का पालन संभव होता है; यह आश्वासन देता है कि भोग-योग्य परिस्थितियाँ भी परमेश्वर के उद्देश्य को बाधित नहीं कर सकतीं।

संबद्ध पाठ

1) उत्पत्ति 45–46 अध्याय: याकूब का मिस्र में आगमन और उनके परिवार के लिए जुड़ाव का पुनर्मूल्यांकन। यह दिखाता है कि परमेश्वर कैसे परिवार के प्रति अपने वादे को बनाए रखते हैं।

2) निर्गमन 12:43–51 जैसे दृश्यों से जुड़ाव: जीवन के आंतरिक और बाहरी वातावरण के बावजूद परमेश्वर की सुरक्षा और वचन की स्थिरता बनी रहती है।

3) संदर्भ- क्रॉसरेफरेंस: दाऊद की बड़प्पन-जीवन के संदर्भ में परमेश्वर के समय-सारिणी का महत्व।

आधुनिक दैनिक अनुप्रयोग

• गिरह-कष्ट के बीच भी परमेश्वर की योजना पीछे नहीं हटती; विश्वास बनाए रखें और सब कुछ प्रभु की योजना के अनुसार स्वीकार करें।

• वृद्ध अवस्था में भी पितृसत्ता और आशीर्वाद की परंपरा के मान बढ़ती है—परिवारिक堡 के बीच विश्वास और करुणा का समन्वय बनाते रहें।

कथा-सारांशिक समन्वय

याकूब की आयु का समापन-चिन्ह मिस्र के भीतर उसके विश्वास के स्थायित्व को पुष्ट करता है: समय-चक्र भले ही बदलाव लाए, परमेश्वर के वादे और उनकी करुणा स्थिर रहते हैं। यह पाठ हमें कठिन परिस्थितियों में भी आत्म-विश्वास और परमेश्वर की योजना पर भरोसा बनाए रखने की शिक्षा देता है।

छोटे किन्तु प्रासंगिक उद्धरण

मैथ्यू हेनरी, अलेक्टर बार्न्स, और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायस्पोरामिक टिप्पणीकारों के भीतर संकलित विचारों को मिलाकर एक संयुक्त दृश्य बनता है: जीवन के हर चरण में परमेश्वर की देखरेख और वादे की स्थिरता।

उद्धरण: “बूढ़ेपन के समय भी परमेश्वर अपने उपदेशों को पूरा करता है; क्योंकि वह जो शुरू करता है उसे पूरा करने वाला है।” (नोट: यह सार अस्वतंत्र संदर्भित है; पूर्ण उद्धरण मॉडल के अनुरूप सीधे छोटे वाक्यों के उधृत अंश पाठ-में नहीं दिए गए हैं।)

Cross-References (संक्षेप स्पष्टिकरण के साथ)

• उत्पत्ति 45–46: याकूब का मिस्र जाना और वहाँस्थ विश्वास-आशीर्वाद। प्रभाव: यह दिखाता है कि परमेश्वर कैसे कठिन परिस्थितियों में भी वादे को पूरा करता है।

• निर्गमन 12:43–51: जीवन-यात्रा के बीच परमेश्वर की प्रभुता और समुदाय की सुरक्षा। प्रभाव: समुदाय की पहचान और आशीर्वाद के अनुरूप चलना।

• रोम 8:28: सभी चीजें मिलकर शुभ के लिए काम करती हैं—परमेश्वर के उद्देश्य में विश्वास करने की सलाह। प्रभाव: जीवन-चक्र में विश्वास की धार बनाए रखना।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 47:28 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 47:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 47:8 (HINIRV) »
तब फ़िरौन ने याकूब से पूछा, “तेरी आयु कितने दिन की हुई है?”

उत्पत्ति 37:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 37:2 (HINIRV) »
और याकूब के वंश का वृत्तान्त यह है: यूसुफ सत्रह वर्ष का होकर अपने भाइयों के संग भेड़-बकरियों को चराता था; और वह लड़का अपने पिता की पत्‍नी बिल्हा, और जिल्पा के पुत्रों के संग रहा करता था; और उनकी बुराइयों का समाचार अपने पिता के पास पहुँचाया करता था।

भजन संहिता 90:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 90:10 (HINIRV) »
हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष भी हो जाएँ, तो भी उनका घमण्ड केवल कष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें