उत्पत्ति 47:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और मिस्र देश तेरे सामने पड़ा है; इस देश का जो सबसे अच्छा भाग हो, उसमें अपने पिता और भाइयों को बसा दे; अर्थात् वे गोशेन देश में ही रहें; और यदि तू जानता हो, कि उनमें से परिश्रमी पुरुष हैं, तो उन्हें मेरे पशुओं के अधिकारी ठहरा दे।”

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उत्पत्ति 47:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 47:6 — टेक्स्ट का परिचय और संदर्भ

संदर्भ: जब यूसुफ ने मिस्र के राज्य में अपने भाइयों के साथ कुरुक्षित स्थिति बनायी, तब फरोह ने यूसुफ से कहा कि उनके पिता जैकब तथा परिवार के अन्य सदस्य मिस्र के सर्वोत्तम भाग में रहेंगे, विशेषकर गोशेन देश में। यह आदेश यह दर्शाता है कि मिस्र सरकार की नीति परिवार-परिवार के लिए सहूलियत और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में थी।

ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से मिलने वाले संकेत

यह वच्न यह उजागर करती है कि परमेश्वर का उद्देश्य है कि अपने लोगों की सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित ढंग से हो। यूसुफ के अवसरों से प्रेरित होकर पिता जैकब का परिवार एक अस्थिर विश्व में स्थिरता पाता है; यह दर्शाता है कि ईश्वर अपने लोगों के लिए स्थान, संसाधन और कल्याण के रास्ते खोलता है, भले ही वे द्वार-प्रवेश के समय कैसा भी अंधकार क्यों न हो।

मुख्य शब्दों/छवियों की स्पष्टता

  • गोशेन देश — एक विशिष्ट क्षेत्र, जहाँ बस्तियाँ सुरक्षित रहें और पशुधन-संरक्षण संभव हो; यह स्थल परमेश्वर की योजना में एक सुरक्षित व्यवस्था प्रतीक है।
  • पशुओं के अधिकारी — परिवार के प्रभारी और व्यवस्थित नियंत्रण के संकेत; यह याकूब और उनके वंश के लिए शासन-व्यवस्था का संकेत हैं।

प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप)

  • निर्ग 9:16 — परमेश्वर की इच्छा है कि विद्यमान राजा-राज्य भी उनके लोगों के लिए अवसर का स्रोत बनें; यह मिस्र के संदर्भ में यहार-योजना का एक भाग है।
  • यहोशू 1:6 — प्रभु के लोग जमीन पर समर्थ और सुरक्षित रहें, परिश्रम और सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ें; गोशेन जैसी सुरक्षा की कल्पना यहाँ भी है।
  • पद 2:7 — परमेश्वर अपने बच्चों को आश्रय देता है और वे जीवन-यात्रा में सुरक्षित रहते हैं; यह विश्वास की स्थिरता को दर्शाता है।

आज के लिए उपयोगी अनुप्रयोग

इस पद से हमें यह संदेश मिलता है कि कठिन वक्तों में भी ईश्वर विश्वासियों के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान बनाने की व्यवस्था करता है। जीवन के क्षेत्र—रोजगार, संसाधन, घर-परिवार की सुरक्षा—इनमें भगवान की योजना को समझकर सही निर्णय लेना चाहिए। परिवार के सदस्यों के लिए पालन-पोषण और जिम्मेदारी के अवसर भी इस कहानी से प्रेरित होते हैं: उचित प्रबंधन और धैर्य से परिस्थितियाँ सँभाली जा सकती हैं।

समाप्ति में

यूसुफ के नेतृत्व में पितृ-परिवार को मिस्र की गोशेन व्यवस्था में स्थिर किया जाना एक ऐसे समय की चिह्न है, जब ईश्वर अपने लोगों के लिए सुरक्षा और लाभ के रास्ते बनाता है—भूखमरी और अस्थिरता के बीच भी कुटुंब और लोक की समृद्धि संभव होती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 47:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तब यूसुफ ने अपने पिता और भाइयों को बसा दिया, और फ़िरौन की आज्ञा के अनुसार मिस्र देश के अच्छे से अच्छे भाग में, अर्थात् रामसेस नामक प्रदेश में, भूमि देकर उनको सौंप दिया।

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फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरुषों को छाँट ले, जो गुणी, और परमेश्‍वर का भय माननेवाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करनेवाले हों; और उनको हजार-हजार, सौ-सौ, पचास-पचास, और दस-दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे।

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फिर उन्होंने फ़िरौन से कहा, “हम इस देश में परदेशी की भाँति रहने के लिये आए हैं; क्योंकि कनान देश में भारी अकाल होने के कारण तेरे दासों को भेड़-बकरियों के लिये चारा न रहा; इसलिए अपने दासों को गोशेन देश में रहने की आज्ञा दे।”

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