उत्पत्ति 50:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

'तुम लोग यूसुफ से इस प्रकार कहना, कि हम विनती करते हैं, कि तू अपने भाइयों के अपराध और पाप को क्षमा कर; हमने तुझ से बुराई की थी, पर अब अपने पिता के परमेश्‍वर के दासों का अपराध क्षमा कर’।” उनकी ये बातें सुनकर यूसुफ रो पड़ा।

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उत्पत्ति 50:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

यूसुफ से उनके भाइयों के अपराध की क्षमा Yusuph ke bhaiyon ke apraad ki kshama (उत्पत्ति 50:17)

यह वचन क्यों महत्त्वपूर्ण है: जब पत्नियों के लिए दुखद इतिहास सुलझ रहा होता है, और यूसुफ के साथ उनका दो तरफा क्रोध-क्षमा-यात्रा पूरी होती है, तब यह वाक्य हमको क्षमा और दया के गहरे इरादे की याद दिलाता है। यह वचन बताता है कि परमेश्वर की योजना में अपराध की भूमि पर भी करुणा की राह खुलती है, और जिस तरह यूसुफ ने भाइयों के आग्रह को सुना और पिता की परमेश्वर के दासों के अपराध का क्षमा किया, वह न सिर्फ पारिवारिक पुनर्मिलन का मार्ग बनता है बल्कि परमेश्वर के नियंत्रण में चोटिल रिश्तों का पुनर्निर्माण भी दर्शाता है।

पार्श्वभूमि और मूल संदर्भ

उत्पत्ति 50 अध्याय में, यूसुफ के भाइयों ने पहले उनके अपराध के स्मारक रूप में पाप किया था—यूसुफ को नम्रता और आत्मविश्वास से बंधे पिता के प्रति उनके प्रेम से धोखा दिया गया। अब बेटों की यात्रा पूरी होती है, जब वे पुराने बंधनों में फँसे रहते हुए भी अपने अपराध का उत्तर दे रहे हैं और यूसुफ से क्षमा मांग रहे हैं। यूसुफ का रोना इस प्रकार दिखाता है कि वह रिश्तों की पवित्रता के लिए कितना संवेदनशील है, और पिता जाके परमेश्वर के दासों के शब्दों के कारण वह अपने भाइयों के संकट के साथ जुड़ता है।

मुख्य संदेश

- क्षमा स्वभाविक मानवीय प्रतिक्रिया है, जो अपराध के पश्चात भी रिश्तों को पुनः स्थापित कराती है।

- पिता के परमेश्वर के दासों के प्रति सम्मान और विनम्रता में, भाइयों की हार्दिक क्षमा-याचना स्वीकार कर ली जाती है।

- परमेश्वर की योजना में बुराई भी एक क्रम बनकर निकलती है, जिससे बड़े भाग्यों की दिशा तय होती है।

नीति और कलागत बिंदु

यह पद विशेषकर दिखाता है कि रिश्तों में क्षमा किस प्रकार एक नई शुरुआत बनाती है—यूसुफ अपने भाइयों के अपराध के प्रति दयालु हैं और उनके दोष-स्वीकृति के साथ वह पिता की परमेश्वर की दासता का सम्मान बनाए रखते हैं। वे अपने भाइयों के आक्रोश को नहीं बनाते बल्कि उनके अपराध को क्षमा करने के लिए आगे बढ़ते हैं, ताकि परिवार फिर से एक साथ आ सके और भविष्य में परमेश्वर की योजना सुरक्षित रहे।

क्रॉस-रेफरंस

- उत्पत्ति 45:5–8: यूसुफ स्पष्ट करता है कि परमेश्वर ने उनके लिए इस स्थिति को पैदा किया ताकि वह परिवार को जीवित रखे। संजोए हुए क्षमादेयता के उच्च मानदंड सामने आते हैं।

- रोमियों 12:17–21: पवित्रता की राह में प्रतिद्वंद्विता के समय भी दयालुता और क्षमा की प्रेरणा मिलती है, ताकि न शत्रुता बढ़े न दूसरे के हृदय में बदला उपजें।

- मत्ती 6:14–15: यदि हम दूसरों के अपराध को क्षमा कर दें, तब हमारेपकर्म भी क्षमायोग्य होते हैं; यह क्रम हमारे अंतरदिल में परमेश्वर की दया के अनुभव से जुड़ता है।

आध्यात्मिक देवदृष्टि

यह पाठ सिखाता है कि क्षमा केवल अपराध को भूलना नहीं, बल्कि उसे पुनः समझना, उसे पहचानना, और प्रेम के साथ उसे पुनः जोडना है। यह यीशु के दया-प्रेरित जीवन की प्राथमिकताओं से मेल खाता है, जिसमें परिवार और समुदाय के बीच टूटे रिश्तों को पुनः जोड़ा जाता है।

संक्षिप्त devotional संकेत

  • कभी-कभी क्षमा देना सबसे बड़ा दया-आह्वान है; इसे अपनाने से आप भी पुराने दर्द से आगे बढ़ते हैं।
  • परमेश्वर की शासन-योजना में हमारी छोटी-सी क्षमा भी बड़े उद्देश्य को आगे बढ़ाती है।

संक्षेप निष्कर्ष

उत्पत्ति 50:17 का मूल संदेश है कि विनम्रता, क्षमा, और विश्वास-आधारित रिश्ते परमेश्वर की योजना के अनुरूप चलते हैं। यूसुफ की करुणा और भाइयों की आस्था में यह कहानी एक ऐसी मिसाल बनती है जो परिवारों और समुदायों के लिए मार्गदर्शक बन सकती है।

याद रखने योग्य उद्धरण (केवल यदि उपलब्ध हो):

मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क—इनमें से कोई भी शब्दार्थ संरक्षित टिप्पणी से संदर्भित उपयुक्त वाक्यों का संक्षेप उल्लेख किया जा सकता है, यदि हू-ब-हू पाठ में उपस्थित हो।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 50:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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इस रीति अब मुझको यहाँ पर भेजनेवाले तुम नहीं, परमेश्‍वर ही ठहरा; और उसी ने मुझे फ़िरौन का पिता सा, और उसके सारे घर का स्वामी, और सारे मिस्र देश का प्रभु ठहरा दिया है।

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फिर यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा, “मेरे निकट आओ।” यह सुनकर वे निकट गए। फिर उसने कहा, “मैं तुम्हारा भाई यूसुफ हूँ, जिसको तुम ने मिस्र आनेवालों के हाथ बेच डाला था। (प्रेरि. 7:9)

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उत्पत्ति 49:25 (HINIRV) »
यह तेरे पिता के उस परमेश्‍वर का काम है, जो तेरी सहायता करेगा, उस सर्वशक्तिमान का जो तुझे ऊपर से आकाश में की आशीषें, और नीचे से गहरे जल में की आशीषें, और स्तनों, और गर्भ की आशीषें देगा।

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