उत्पत्ति 50:22 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यूसुफ अपने पिता के घराने समेत मिस्र में रहता रहा, और यूसुफ एक सौ दस वर्ष जीवित रहा।

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उत्पत्ति 50:22 पद-दर-पद बाइबल टीका

यूसुफ की दीर्घायु और वंश-प्राप्ति की स्मृति

सीधे शब्दों में कहा जाए तो उत्पत्ति 50:22 बताता है कि यूसुफ मिस्र में अपने पिता के घराने सहित रहा और वह 110 वर्ष जीवित रहा। यह वाक्यांश जीवन-यात्रा के समापन की स्मृति और परमेश्वर की कृपा के परिणामस्वरूप प्राप्त होने वाले स्थायित्व का संकेत देता है।

संदर्भ-पृष्ठभूमि

यूसुफ के बारे में आगे की घटनाओं में वह अपने भाइयों के साथ मिस्र में स्थापित हुआ, जबकि उनके पिता याकूब (इस्राइल) का आशीर्वाद भी उनके साथ रहा। 50 अध्याय के अंत में यूसुफ मरता है, परन्तु उसके वंश के भविष्य की आशा बनी रहती है। इस पंक्ति में जन्म से मृत्यु तक के समय का उल्लेख है: मिस्र में उसकी जीवन-यात्रा और दीर्घायु के साथ परिवार का बंधन बना रहता है।

व्याख्यात्मक विचार

  • यूसुफ की भूमिका में दृढ़ता और विश्वास: मिस्र में भी वह अपने दैवीय बुलावे के अनुसार कार्य करते रहे, जिससे एक गतिशील इतिहास चलता रहा।
  • परिवार-सम्बंध का स्थायित्व: पिता के घराने के साथ रहने का उल्लेख, परिवार की धरोहर और संकल्प को दर्शाता है कि परमेश्वर के विधान में संबंधों का स्थान सर्वोच्च है।
  • दीर्घ-जीवन का संकेत: 110 वर्ष एक पूर्ण और संतुलित जीवन का प्रतिनिधित्व कर सकता है; यह दिखाता है कि परमेश्वर के संरक्षण में देर-सवेर सफलता और संतोष मिल सकता है।

2-3 महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसेस और तात्पर्य

• उत्पत्ति 45–50: यूसुफ की मिस्र-यात्रा और परिवार के पुनर्मिलन की कहानी का समेकन; यह बताता है कि परमेश्वर के उद्देश्य, भले ही कठिन समय हो, अंततः पूरे परिवार की रक्षा करते हैं।

• तब्बल 49:10-12 (याकूब की भविष्यवाणियाँ): यह परिवार की धरोहर और आशीष के क्रमिक वरदानों की पुष्टि करता है, जिसमें प्रिय पुत्रों की भूमिका और उनकी मिसाल महत्वपूर्ण है।

• निर्गमन 12:40-41: भू-चिह्नों के पीछे यात्रा और समय-सीमा—the journey of a people—जो यह संकेत देता है कि जीवन की अवधि और राज्यों का परिवर्तन परमेश्वर के उद्धेश्य के साथ जुड़ा है।

छोटा thematic सार

  1. पारिवारिक धरोहर की सुरक्षा
  2. धैर्य और विश्वास के साथ परमेश्वर के बुलावे पर टिके रहना
  3. जीवन की सम्पूर्णता और प्रभु की कृपा का प्रतीक

अन्य उद्धरणों से सार-सम्बन्ध

यूसुफ की स्थिति—धैर्य, आशीष और परिवार के अधिष्ठान में एक स्थिरता—यह तीनों महत्त्वपूर्ण विचारों को मजबूत करता है: परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार बंधन और रक्षा, और जीवन की पूरी अवधि के भीतर भी आशीर्लिप्तता।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हम अपनी ज़िंदगी के प्रतिदिन यही देख पाते हैं: परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार चलना, परिवार के प्रति निष्ठा बनाए रखना, और जीवन की ऊँचाइयों को भी उसके हाथ में छोड़ देना। छोटी-छोटी परिस्थितियाँ- चाहे वे कितनी भी अवधि की क्यों न हों—परमेश्वर की योजना के भीतर रखी जाती हैं, और हमारी दीर्घायु भी उसी योजना के एक भाग के रूप में अनुभव हो सकती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 50:22 समानांतर पद और संबंधित वचन

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