Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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उत्पत्ति 50:8 का सेटिंग और उसका महत्व
यह पद यूसुफ के परिवार के अंतिम समय की कथा के बीच में आता है। यूसुफ ने अपने भाइयों के साथ रहते हुए मिस्र के राष्ट्र के बीच एक स्थिर और कूटनीतिक सुरक्षा प्राप्त की थी, और अब उनके जीवन के एक निर्णायक चरण में, परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ है। यह पाठ बताता है कि कैसे यूसुफ ने अपने पिता इब्राहीम, इसहाक और याकूब के नहीं रहने पर भी अपनी कुल पहचान और परिवार के एक एकता को बनाए रखा।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो स्पष्ट होता है
इस verses में ईश्वर की योजनाओं की पूर्णता और परिवार के प्रति परम विश्वास का संकेत मिलता है। परिवार के सभी सदस्य—यूसुफ के घर के लोग, भाई, और पिता के घर के लोग—साथ आते हैं, पर वे अपनी जरूरतों के अनुसार भेड़-बकरियाँ आदि को गोशेन देश में छोड़ देते हैं। यह चित्रణ बताती है कि ईश्वर के निर्देश और सुरक्षा के साथ, कष्टों के बीच भी परिवार एकता और विश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
संबद्ध पदों से संदर्भ
1) उत्पत्ति 45:25-28 — यूसुफ अपने भाइयों के साथ पुनः मिलना और उनके विश्वास की पुष्टि। यह दिखाता है कि परिवारीय संबंध और दायित्व परमेश्वर के उद्देश्य में कैसे एक साथ चलते हैं।
2) व्यवस्थय 31:1-6 — परिवार और परिवारिक विरासत की सुरक्षा के लिए परमेश्वर की योजना के अनुरूप मन बनाना और विश्वास में स्थिर रहना।
3) रोम 8:28 — सभी चीजें मिलकर उन के लिए काम करती हैं जो परमेश्वर से प्रेम करते हैं; परिवार के मालूमात पथ पर विनिमय और विश्वास के साथ चलना।
आज के लिए प्रवचनात्मक अनुप्रयोग
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से संक्षिप्त उद्धरण
यहाँ इन प्राचीन टिप्पणीकारों के विचारों से समेकित नैतिक संकेत मिलते हैं:
Albert Barnes ने कहा है कि परिवारों के लिए एकाग्रता और “अपने घर के लोगों को साथ रखना” एक धार्मिक कर्तव्य है, ताकि भय पर विजय और विश्वास की स्थिरता बनी रहे।
Adam Clarke ने संकेत किया है कि गोशेन देश की उहाँ की सुरक्षा, और परिवार के रूप में एक साथ रहने का अभ्यास, ईश्वर की राह में भरोसे के कारण संभव हुआ।
Matthew Henry के शब्दों में यह संकेत मिलता है कि यह वह समय है जब विश्वासी परिवार अपने ज्ञान और प्रार्थना के द्वारा एक दूसरे के प्रति अधिक कर्तव्यशील रहते हैं (जो यहाँ दिखता है कि धन-दौलत से अधिक परिवारिक सुधर पर ध्यान दिया गया)।
निष्कर्षतः, उत्पत्ति 50:8 हमें याद कराता ہے कि परिवार और विश्वास एक साथ जीवनयात्रा की केंद्रीय धुरी हैं। ईश्वर की योजना में एकता, सुरक्षा और समर्पण के साथ आगे बढ़ना इस प्रसंग का स्वाभाविक संदेश है।