Old Testament
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हबक्कूक 2:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तू महिमा के बदले अपमान ही से भर गया है। तू भी पी, और अपने को खतनाहीन प्रगट कर! जो कटोरा यहोवा के दाहिने हाथ में रहता है, वह घूमकर तेरी ओर भी जाएगा, और तेरा वैभव तेरी छाँट से अशुद्ध हो जाएगा।
हबक्कूक 2:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
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हबक्कूक 2:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 47:3 (HINIRV) »
तेरी नग्नता उघाड़ी जाएगी* और तेरी लज्जा प्रगट होगी। मैं बदला लूँगा और किसी मनुष्य को न छोड़ूँगा।

भजन संहिता 75:8 (HINIRV) »
यहोवा के हाथ में एक कटोरा है, जिसमें का दाखमधु झागवाला है; उसमें मसाला मिला है*, और वह उसमें से उण्डेलता है, निश्चय उसकी तलछट तक पृथ्वी के सब दुष्ट लोग पी जाएँगे। (यिर्म. 25:15, प्रका. 14:10, प्रका. 16:19)

हबक्कूक 2:16 का अर्थ स्पष्ट रूप से
यह पद बताता है कि दुष्ट राजा के पतन के समय उसकी महिमा पलटकर अपमान बन जाती है; परमेश्वर की सुध-बुध और न्याय के सामने उसे अपनी पीड़ा सहनी पड़ती है, और वह अपना आभामय आचरण भी खो देता है।
प्रासंगिक पृष्ठभूमि
हबक्कुक वह संदेषक है जो इसाग्राही संदेश देता है कि दुष्ट शासन के बीच भी ईश्वर की निर्णय-गति चलती है। इस अध्याय 2 में कथनकर्ता यह दिखाते हैं कि जो लोग दमन करते हैं, वह अंततः नाटक के पात्र बन जाते हैं—परन्तु परमेश्वर के न्याय के हाथ से मुक्त नहीं रहते। यह पद उसी सिद्धांत को दोहराता है कि हवाला और महिमा एक दिन सत्यापन के कटघरे में आ खड़ी होती है।
विश्लेषणात्मक अवलोकन
अनुवादक-धारणा (Cross-referencing दृष्टिकोण)
इस पाठ को कुछ अन्य पुरातन टिप्पणीकारों के प्रकाश में देखें:
महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसेज़
1) यशैyah 10:1-2 — अत्याचार के उद्धेश्य पर ईश्वर का न्याय; प्रभु चाबुक बनकर पापियों के लिए भाग्य निर्धारित करते हैं।
2) जिन 2:16 (याकूब 2:19 जैसे प्रत्यक्ष न्याय-वचन) — विश्वास के साथ कर्म का मेल स्पष्ट होता है; आर्गुमेंट-निर्णय में आस्तिक-आत्मविश्वास की भूमिका।
3) प्रस्थान 15:6 — प्रभु की महिमा क्या संसद के सामने गिरती है? न्याय की शक्ति और उद्धार की स्रोत उसे बनाती है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
1) दमन और अहंकार में फँसे लोगों के लिए यह संदेश है कि परमेश्वर की न्याय-यात्रा स्थिर है; समय के साथ उनका अत्याचार नष्ट हो जाएगा और सच भी सामने आएगा।
2) भरोसा रखें कि वैभव और मान-सम्मान केवल परमेश्वर की कृपा से टिके रहते हैं; मानव-गौरव अस्थिर होते हैं, पर ईश्वर के सत्यक्त न्याय अचल रहते हैं।
संक्षिप्त सार
हबक्कूक 2:16 में कहा गया है कि दुष्ट राजा की महिमा पलटकर अपमान बन जाती है, पीड़ा उसे घेरेगी और ईश्वर के न्याय के कटघरे पर उसका वैभव अशुद्ध ठहर जाएगा। यह हमें स्मरण कराता है कि मानव-गौरव क्षणिक है और परमेश्वर का न्याय स्थिर है।