Old Testament
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हबक्कूक 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि लबानोन में तेरा किया हुआ उपद्रव और वहाँ के जंगली पशुओं पर तेरा किया हुआ उत्पात, जिनसे वे भयभीत हो गए थे, तुझी पर आ पड़ेंगे। यह मनुष्यों की हत्या और उस उपद्रव के कारण होगा, जो इस देश और राजधानी और इसके सब रहनेवालों पर किया गया है।
हबक्कूक 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
हबक्कूक 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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हबक्कूक 2:8 (HINIRV) »
और क्या तू उनसे लूटा न जाएगा? तूने बहुत सी जातियों को लूट लिया है, इसलिए सब बचे हुए लोग तुझे भी लूट लेंगे। इसका कारण मनुष्यों की हत्या है, और वह उपद्रव भी जो तूने इस देश और राजधानी और इसके सब रहनेवालों पर किया है।

भजन संहिता 55:23 (HINIRV) »
परन्तु हे परमेश्वर, तू उन लोगों को विनाश के गड्ढे में गिरा देगा; हत्यारे और छली मनुष्य अपनी आधी आयु तक भी जीवित न रहेंगे। परन्तु मैं तुझ पर भरोसा रखे रहूँगा।

हबक्कूक 2:17 पर टिप्पणी: उपद्रव के दुष्प्रभाव और नीतिगत प्रतिफल
मुख्य interpretive बिंदु: इस पदक में भविष्यवक्ता हबक्कूक यह दिखाते हैं कि दुष्कर्म के परिणाम न केवल सामाजिक असमानताओं को बढ़ाते हैं, बल्कि परमेश्वर के न्याय के सामने राष्ट्र के जीवन के लिए भी विनाशकारी होते हैं। लबानोन के उद्भव, जंगलों में उत्पात, और रहने वालों को भय से भर देना—ये सब एक ठोस संदेश के साथ जुड़ते हैं: अनुत्तरदर्शी दमन और हिंसा अंततः उन कारणों से लौटती है, जिनके द्वारा वे किया गया है।
पठनीय साहित्यिक संदर्भ
पसेज का तात्पर्य एक व्यापक सामाजिक-राजनीतिक अपराध से है, जिसमें राजधानी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में हुए अत्याचारों से मुक्त नहीं होते। लबानोन से यहाँ की छवि एक बड़ी, स्थिर शक्ति के भीतर की अपवित्रता को दर्शाती है; जंगलों के जानवरों का उत्पात प्रतीक है उन परिणामों का जो सामाजिक असमानता और दमन से उभरते हैं। यह एक चेतावनी है कि वैचारिक या राजनीतिक गलतियाँ परमेश्वर के न्याय से बच नहीं पातीं।
आध्यात्मिक महत्व
यह पद यह बताता है कि दमन का क्षतिपूर्ति एक दिव्य लेखा-जोखा है। पथभ्रष्ट शासन जब परमेश्वर के विरुद्ध चलता है, तब उसका राजकाज उलटफेर होता है और विपत्ति उसे घेर लेती है। साथ ही, यह विश्वास देता है कि परमेश्वर न्यायप्रिय है और वह अन्याय के परिणामों से अब्रह्मण नहीं करता।
पवित्रशास्त्र में अन्य स्थानों से जोड़
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि दमन और उत्पात की कड़ी प्रतिक्रिया—सिर्फ सामाजिक-विध्वंस नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और राजकीय उत्तरदायित्व की मांग भी है।
पठन के लिए प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
हबक्कूक 2:17 हमें याद दिलाता है कि अत्याचार, हिंसा और दमन से उत्पन्न संकट अंततः उन ही के विरुद्ध पलट कर आता है, जिन्हें यह चोट देता है। परमेश्वर के न्याय के तेज़ रास्ते से बचने के बजाय, यीशु के अनुयायियों को दया, सत्य और सार्वजनिक न्याय को उन्नत करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। यह संदेश सामाजिक जिम्मेदारी और आध्यात्मिक सचेतना को एक साथ रखने का आह्वान है।
पूर्व-चर्चित टिप्पणीकारों से संकलकृति
यहाँ मूल टिप्पणी से प्रेरित विचार मिलते हैं, जिनमें मानते हैं कि दमन से उत्पन्न विपत्ति परमेश्वर के न्याय को उजागर करती है।
कृपया नोट करें: नीचे साधारण उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं और पूर्ण पाठ नहीं हैं।
Matthew Henry से: "The violence done in the land shall come back upon the wielders of it." (संकेत रूप में सार)
Albert Barnes से: "Violence and oppression persist if not checked by divine judgment." (संकेत रूप में सार)
Adam Clarke से: "The punishment of iniquity is laid upon the people." (संकेत रूप)
क्रॉस-रेफ़रेंस अभिगम: यह पद सामाजिक न्याय, divine retribution, और राष्ट्र के आंतरिक सुधार से जुड़ा है—यहोवा के न्याय, उद्धार और प्रोत्साहन के चित्रण से रचे गए हैं।