Old Testament
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हबक्कूक 2:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्या वे सब उसका दृष्टान्त चलाकर, और उस पर ताना मारकर न कहेंगे “हाय उस पर जो पराया धन छीन छीनकर धनवान हो जाता है? कब तक? हाय उस पर जो अपना घर बन्धक की वस्तुओं से भर लेता है!”
हबक्कूक 2:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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हबक्कूक 2:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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गिनती 23:7 (HINIRV) »
तब बिलाम ने अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, “बालाक ने मुझे आराम से, अर्थात् मोआब के राजा ने मुझे पूर्व के पहाड़ों से बुलवा भेजा: 'आ, मेरे लिये याकूब को श्राप दे, आ, इस्राएल को धमकी दे!'

अय्यूब 20:15 (HINIRV) »
उसने जो धन निगल लिया है उसे वह फिर उगल देगा; परमेश्वर उसे उसके पेट में से निकाल देगा।

यशायाह 14:4 (HINIRV) »
उस दिन तू बाबेल के राजा पर ताना मारकर कहेगा, “परिश्रम करानेवाला कैसा नाश हो गया है, सुनहले मन्दिरों से भरी नगरी कैसी नाश हो गई है!
हबकूक 2:6 पर टिप्पणी (हिन्दी सूचना-आधार, HINIRV)
यह पद हबकॉकी के प्रावचन-गीत में एक प्रत्यक्ष दर्पण है—धनवाद, अन्याय और समाज में अत्याचार के विरोधी सत्यों का चित्रण. एक दृष्टान्त के रूप में, भविष्यद्वक्ता उसे यह दर्शाते हैं कि जो लोग धन के लिए दूसरों को चुराते हैं या उनके घरों को बन्धक बना लेते हैं, वे अंततः दमन के पाश में पड़ेंगे और उनके लिए चेतावनी एक आम विनय बन जाएगी.
पद का परिप्रेक्ष्य और पाठ
इस वाक्य में स्वर तेज है—“क्या वे सब उसका दृष्टान्त चलाकर... न कहेंगे?” यह भाव यह दर्शाता है कि असंयमित धन-संपत्ति कैसे सामाजिक अनुशासन को पस्त कर देता है। उन पराए धन के जरिये धनकुब्त लोग एक दिन अपना ही ढांचा गरिष्ट कर लेते हैं: “हाय उस पर जो पराया धन छीन छीनकर धनवान हो जाता है!” और “हाय उस पर जो अपना घर बन्धक की वस्तुओं से भर लेता है!”
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
यह कठोर चेतावनी धन की लिप्सा और अन्याय के लिए तात्कालिक प्रोत्साहन है। प्रेरित संदेश यह है कि अदम्य लालच अंततः समाज के ढांचे को बिगाड़ देता है—ग़रीब, दीन-दुखी और पारिवारिक स्थिरता। तब जब धन के लिए लोगों के अधिकार छीने जाते हैं, तब समाज में सुरक्षा, ईमानदारी और निष्पक्षता खो जाती है। भविष्यद्वक्ता यह संकेत देते हैं कि परमेश्वर न केवल व्यक्तिगत पापों पर गौर करता है, बल्कि सामाजिक असमानताओं और दमन पर भी न्याय करेगा।
अनुसंगिता—पसंदीदा टिप्पणीकारों के दृष्टिकोण
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पारम्परिक व्याख्याओं को मिलाकर संकलित विचार इस प्रकार हैं:
सूक्ष्म क्रॉस-रेफरेंसेस
यह चेतावनी अन्य प्रेषणों के समान है जो धन के दुरुपयोग के विरुद्ध हैं—
व्यावहारिक अनुप्रयोग
1) धन के लिए अन्याय करने से बचें; प्रत्येक अधिकार-संरक्षण और चोरी से दूर रहें।
2) अपने कर्म में निष्पक्षता और पालन-पोषण का मूल्य रखें—जो परिवारों और ग्रामों में स्थिरता बनाये रखते हैं।
3) समाजिक असमानताओं के प्रति संवेदनशील रहें और ऐसे कार्यों में भाग न लें जो बन्धन-धन जमा करने के लिए दूसरों के घरों को खतरे में डालते हैं।
संक्षेप सार
हबकॉकी 2:6 एक मौलिक चेतावनी है कि धन की लिप्सा और दूसरों के अधिकारों पर कुठाराघात अंततः सामाजिक-नैतिक पतन का कारण बनता है। परमेश्वर न्यायी है और समय आने पर ऐसे दमनकारियों पर न्याय करेगा, ताकि स्थिरता और ईमानदारी फिर से सामाजिक ढांचे में लौटें।
छोटे पठन-संदर्भ
1) सामाजिक अन्याय के विरुद्ध विश्वास और न्याय की सामान्य प्रेरणा। 2) धन-प्रेम बनाम धर्म-आस्था के संतुलन का प्रश्न। 3) परिवार और समुदाय की सुरक्षा के लिए निष्पक्ष अधिकार-चिन्हन।