Old Testament
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हबक्कूक 2:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके सामने शान्त रहे।
हबक्कूक 2:20 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
हबक्कूक 2:20 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 2:13 (HINIRV) »
“हे सब प्राणियों! यहोवा के सामने चुप रहो; क्योंकि वह जागकर अपने पवित्र निवास-स्थान से निकला है।”

सपन्याह 1:7 (HINIRV) »
परमेश्वर यहोवा के सामने शान्त रहो! क्योंकि यहोवा का दिन निकट है; यहोवा ने यज्ञ सिद्ध किया है, और अपने पाहुनों को पवित्र किया है।

भजन संहिता 46:10 (HINIRV) »
“चुप हो जाओ, और जान लो कि मैं ही परमेश्वर हूँ। मैं जातियों में महान हूँ, मैं पृथ्वी भर में महान हूँ!”
लाक्षणिक अर्थ और मुख्य संदेश
यहोवा अपने पवित्र मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके सामने शान्त रहे। इस वाक्य का सीधा मतलब है कि परमेश्वर अपने उद्धारहेतु राज्य के केंद्र, मन्दिर, और आधिकारिक मान्यता के स्थान पर पूर्ण सत्ता और पवित्रता के साथ विराजमान है। यह दर्शाता है कि भय और उथल-पुथल के बीच भी परमेश्वर का आदेश और नियंत्रण स्थिर रहता है; उसकी महिमा हर स्थान पर प्रभुत्वपूर्ण है, और जो कुछ भी चलता है, वह उसकी पवित्रता के मानदंड के अनुरूप करें।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
हबक्कूक एक भविष्यद्वक्ता है जो बाईबल के समय की सामाजिक और धार्मिक अव्यवस्थाओं के बीच परमेश्वर की प्रामाणिकता और न्याय की मांग करता है। यह पद यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर की राजधानी और पूजास्थल, मन्दिर, उसकी पवित्रता का केंद्र है; वही है जो पृथ्वी पर शान्ति और शासित व्यवस्था का मानदंड तय करता है।
व्याख्यात्मक बिंदु
अन्वय-निष्कर्ष (Cross-reference सुझाव)
- यहोवा का मन्दिर और उसकी उपस्थिति से संबंध रखने वाले संदर्भों पर विचार करें; एक अन्य दृष्टिकोण में, पूर्वी और उत्तर आधुनिक संकटों के बावजूद परमेश्वर की पवित्रता का स्थायित्व दिखता है। नोट: यहां नीचे संक्षिप्त सार दर्शित हैं, पूर्ण पाठ उद्धरण नहीं दिए गए हैं।
संश्लेषित पाठ
इस Verse में दो प्रमुख धारणाएं एक साथ आती हैं: परमेश्वर अपने पवित्र स्थान पर है और इस कारण समस्त पृथ्वी पर उसकी महानता और कानून-पालन का प्रभाव स्पष्ट होता है। यह संदेश हमारे लिए है कि किसी भी दैनंदिन आक्रोश, अन्याय या भ्रम के बीच भी परमेश्वर के न्याय और पवित्रता के मानदंड स्थिर रहते हैं और लोग उनके समक्ष विनम्र बने रहें।
संक्षिप्त व्यवहारिक takeaway
पूर्व-ग्रंथ-सम्बन्ध (उल्लेखन योग्य संदर्भ)
1) परमेश्वर की पवित्रता और राज्य-स्थिति के बारे में अन्य भागों में भी वही स्थिरता चित्रित है, जो हमें भय और सम्मान के साथ जीवन जीने का आह्वान देते हैं।
2) अन्य उद्धारक संदर्भ जैसे उस समय के अनुभवों में भी परमेश्वर के प्रवेश-स्थल और शान्तिपूर्ण शासन का संकेत मिलता है, जो विश्वासियों को भरोसा देता है।
3) प्रार्थना और आराधना के समय परमेश्वर की उपस्थिति का अनुभव हमें व्यक्तिगत और सामाजिक शान्ति प्रदान करता है।
नोट: इस पाठ के लिए नीचे दिये गए बाइबल-हिन्दी टिप्पणीकारों के उद्धरण यदि उपलब्ध हों, ऊँछे सार के साथ सम्मिलित किये जा सकते हैं, परन्तु पूर्ण-वाक्य पाठ के बजाय उनके सोच-प्रवाह को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है।
फायदा और ध्यान
जहाँ भी संघर्ष हो, यह स्मरण करायें कि परमेश्वर अपने पवित्र स्थान में है; यह तथ्य हमें विवेक, धैर्य और समाज-नैतिकता के साथ चलते रहने का साहस देता है.