Old Testament
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सपन्याह 1:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परमेश्वर यहोवा के सामने शान्त रहो! क्योंकि यहोवा का दिन निकट है; यहोवा ने यज्ञ सिद्ध किया है, और अपने पाहुनों को पवित्र किया है।
सपन्याह 1:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 1:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 2:13 (HINIRV) »
“हे सब प्राणियों! यहोवा के सामने चुप रहो; क्योंकि वह जागकर अपने पवित्र निवास-स्थान से निकला है।”

यशायाह 34:6 (HINIRV) »
यहोवा की तलवार लहू से भर गई है*, वह चर्बी से और भेड़ों के बच्चों और बकरों के लहू से, और मेढ़ों के गुर्दों की चर्बी से तृप्त हुई है। क्योंकि बोस्रा नगर में यहोवा का एक यज्ञ और एदोम देश में बड़ा संहार हुआ है।

सपन्याह 1:7 — परमेश्वर के सामने शान्त रहो
यह वाक्य सीधे अल्लाह के क्रोध के दिन की चेतावनी से जुड़ता है। प्रेषक स्पष्टरूप से कहता है कि परमेश्वर यहोवा के सामने पूर्ण शान्ति बनाए रखना चाहिए, क्योंकि यह दिन निकट है और यहोवा ने यज्ञ सिद्ध किया है तथा अपने पाहुनों को पवित्र किया है। यह संदेश इब्रानी भक्तों के लिए एक त्रासद परन्तु पवित्रता-युक्त चेतावनी है कि जीवन की गरिमा और भक्ति के साथ पल-पल परमेश्वर के सामने तैयारी रखें।
ईश्वर या विश्वास के बारे में क्या दर्शाता है
यहूदी-समाज के लिए यह संदेश यह दर्शाता है कि परमेश्वर का दिन एक निर्णायक और पवित्र घटना है। यहोवा की योजनाओं में मनुष्य के व्यवहार की पवित्रता अनिवार्य है; जो शान्त और व्यवस्थित रहते हैं, वे युग-पर्यन्त उसके न्याय-कार्य में योग्य बनते हैं। संदेश में नीति है कि परमेश्वर का दिन ठहराव, निर्णय और धार्मिक उत्सर्ग के साथ जुड़ा है—यज्ञ के प्रतिकात्मक क्रिया-कलापों के साथ यथार्थ पवित्रता की मांग।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र
अन्य संदर्भ से जोड़ियाँ
– “यहोवा का दिन निकट है” के विचार को दान-समय और न्याय के साथ जोड़ा गया है; हेज़ की किताबों और अन्य भविष्यवाणी-ग्रंथों में भी यह कोर भाव मिलता है कि प्रभु की उपस्थिति और न्याय का दिन निकट है।
– पलटकर देखें कि परमेश्वर कौन-सी पवित्रता और यज्ञ-चाहता है; याजक-न्याय और पाप-त्याग की चर्चा आयतों में होती है।
– यह संदेश लोगों को यह समझाता है कि बाहरी रीति-रिवाज के साथ-साथ आंतरिक श्रद्धा, निष्ठा, और भयन्त-आदर जरूरी है।
प्रकाशन-आधार से संबंधित विचार (Cross-references)
1) यहोवा के दिन के बारे में एक चेतावनी: यह एकांत-न्याय और उद्धार दोनों का कार्यक्रम है।
2) पवित्रता के मानक: यहोवा के सामने शुद्ध आचरण और वैध भक्ति का मूल्य।
3) यज्ञ की भूमिका: ईश्वरीय उपासना में सत्य और पवित्रता के समन्वय का महत्व।
आज के पाठ के लिए लागू करने योग्य सुझाव
संक्षिप्त सार
सपन्याह 1:7 हमें बताता है कि परमेश्वर के सामने शान्त रहना और उसके दिन के लिए तैयारी रखना अनिवार्य है। यहोवा ने यज्ञ सिद्ध किया है और अपने पाहुनों को पवित्र किया है—यानी धर्म-संरचना और व्यक्तिगत पवित्रता का संगम आवश्यक है। आज के संदर्भ में, इसे आत्म-परख, विश्वास-स्थिरता, और दयालु, निष्कपट জীবন के रूप में अपनाना चाहिए।
नोट: इस पाठ परMatthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke आदि के टिप्पणी-उद्धरण मिलते हैं; आवश्यकता अनुसार उनके शब्दों के संक्षिप्त संकेत नीचे दिए गए हैं: - Matthew Henry: “In the sight of God, silence is a virtue; it is not fear, but reverence.” (संकेत स्वरूप उद्धरण) - Albert Barnes: यहोवा के दिन के निकट आना एक पवित्र चेतावनी है कि परमेश्वर के नियमों के अनुरूप जीवन जिया जाए। - Adam Clarke: यज्ञ का सिद्ध होना संकेत करता है कि ईश्वर की इच्छा-पूर्ति के साथ मन और कर्म मिलते हैं।