Old Testament
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सपन्याह 1:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
“मैं मनुष्य और पशु दोनों का अन्त कर दूँगा; मैं आकाश के पक्षियों और समुद्र की मछलियों का, और दुष्टों समेत उनकी रखी हुई ठोकरों के कारण* का भी अन्त कर दूँगा; मैं मनुष्य जाति को भी धरती पर से नाश कर डालूँगा,” यहोवा की यही वाणी है। (मत्ती 13:41)
सपन्याह 1:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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सपन्याह 1:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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होशे 4:3 (HINIRV) »
इस कारण यह देश विलाप करेगा, और मैदान के जीव-जन्तुओं, और आकाश के पक्षियों समेत उसके सब निवासी कुम्हला जाएँगे; और समुद्र की मछलियाँ भी नाश हो जाएँगी।

यहेजकेल 7:19 (HINIRV) »
वे अपनी चाँदी सड़कों में फेंक देंगे, और उनका सोना अशुद्ध वस्तु ठहरेगा; यहोवा की जलन के दिन उनका सोना चाँदी उनको बचा न सकेगी, न उससे उनका जी सन्तुष्ट होगा, न उनके पेट भरेंगे। क्योंकि वह उनके अधर्म के ठोकर का कारण हुआ है।

प्रकाशितवाक्य 2:14 (HINIRV) »
पर मुझे तेरे विरुद्ध कुछ बातें कहनी हैं, क्योंकि तेरे यहाँ कुछ तो ऐसे हैं, जो बिलाम की शिक्षा* को मानते हैं, जिसने बालाक को इस्राएलियों के आगे ठोकर का कारण रखना सिखाया, कि वे मूर्तियों पर चढ़ाई गई वस्तुएँ खाएँ, और व्यभिचार करें। (2 पत. 2:15, गिन. 31:16)
सपन्याह 1:3 पर आधारित संक्षिप्त टिप्पणी (HINIRV)
यह विरोधाभासी समय में एक चेतावनी है जो हमारी धैर्यशीलता और पितृस्मरण के लिए है। स्पष्टीकरण देता है कि यह वाणी परमेश्वर की उसी योजना का भाग है जिसमें वह पृथ्वी पर के अभिशाप और उद्धार के बीच संतुलन बनाए रखना चाहता है। सपन्याह की पुस्तक में यह भाग ऐसी ही चेतावनी का एक केंद्रीय चरण है जो यह दर्शाती है कि परमेश्वर की न्याय और कठोरता दोनों एक साथ चलते हैं, जब मानवता उसका मार्ग त्याग कर देती है।
तत्व और संदर्भ
यह अध्याय माला-भरी चेतावनी का हिस्सा है जिसमें यहोवा के दिन की भयानक-वाणी सुनाई देती है—वह दिन जब पृथ्वी के सभी वस्तुओं, पक्षियों, समुद्र के जीव, और मानव का भी समूल नाश किया जाएगा। यह संदर्भ किस प्रकार मसीह-आगामी न्याय के संकेत देता है, यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के पास पाप के लिए एक अंतिम परिणति है।
मुख्य आध्यात्मिक सीख
अन्य बाइबल पाठों से समांतर निष्कर्ष
- यह पंक्ति उद्धार के साथ न्याय का मिलाजुला स्वर देता है, जो मत्ती-यूहन्ना की शिक्षा के अनुरूप है कि दुष्टों पर कड़ी कार्रवाई होगी, परन्तु विश्वासियों के लिए उद्धार का मार्ग भी खुला रहता है।
- कुछ अन्य ग्रंथों में भी परमेश्वर का न्याय और दया साथ चलते हैं—उचित सीमा में दुष्टों का निष्कासन और धर्मी की रक्षा एक साथ घटित होती है।
प्रयोग और जीवंत अनुप्रयोग
- चरम समय के भय के बावजूद, परमेश्वर की महिमा और पवित्रता के अनुरूप जीवन जिएं। अपने आचरण में पवित्रता, करुणा और ईमानदारी बनाए रखें ताकि आप उस दिन की तैयारी कर सकें।
- सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में असत्य, अन्याय, और दुष्ट प्रवृत्तियों से बचें; सत्य और न्याय को अपनी दैनिकताओं में स्थापित करें।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)
- मत्ती 13:41 के संदर्भ में स्पष्ट संकेत है कि दुष्टों के साथ परमेश्वर का दिन अवश्य आएगा; यहाँ न्याय का उत्क्रमण और उद्धार की संभावना दोनों का ध्यान रखा गया है।
- यूहन्ना 3:16 आदि में प्रेम और चेतावनी का संतुलन मिलता है कि उद्धार के साथ-विरोह भी रहता है।
संक्षिप्त सार
सपन्याह 1:3 एक जागरूकता-भरी चेतावनी है — परमेश्वर का न्यायपूर्ण दिन नजदीक है, परन्तु यह भी संकेत करता है कि सत्य और पवित्रता का मार्ग अपनाने वालों के लिए परमेश्वर की दया और उद्धार खुला रहता है। यह पाठ प्रेरणा देता है कि हम अपने जीवन को पवित्र और धर्मी बनाने के लिए तत्पर रहें और दूसरों के लिए भी न्याय के साथ करुणा बनाए रखें।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke):
यह भाग प्रमुख टिप्पणीकारों के स्पष्ट शब्दों में नहीं है, पर उनकी सामान्य-समझ से यह निष्कर्ष निकलता है कि परमेश्वर का न्याय और दया, दोनों एक साथ चलते हैं और मनुष्यों को पथ पर वापस बुलाने का प्रयत्न रहते हैं।